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साइड स्टोरी...... अक्षय, अर्जुन की मौत से पांड़े पुरवा में कोहराम
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साइड स्टोरी......
अक्षय, अर्जुन की मौत से पांड़ेपुरवा में कोहराम
सरयू नदी में सोमवार दोपहर नहाते समय डूब गए दोनों दोस्त
परिवार वालों की चीख-पुकार से हर किसी की नम हुई आंखें
दुबौलिया के चांदपुर-कटरिया तटबंध के पास की घटना
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सरयू की धारा में समाकर प्राण गंवाए अक्षय और अर्जुन के परिवारवालों को घंटों तक यकीन नहीं हुआ कि उनके लाल दुनिया को छोड़ चुके हैं। शरीर ठंडी होने के बावजूद उन्हें लेकर अस्पताल भागे। जब तक डॉक्टर ने मृत घोषित नहीं कर दिया, तब तक उनकी उम्मीद नहीं टूटी। जैसे ही डॉक्टर की नजरें नीची हुईं, लोग दहाड़ें मारकर रोने लगे। आसपास मौजूद शुभचिंतक व अन्य लोगों की आंखें नम हो गईं।
अक्षय के पिता राम अधीन मथुरा की एल्युमीनियम फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार के साथ वह मथुरा में ही रहते हैं। जहां अक्षय 11वीं में पढ़ाई कर रहा था। बीते 15 मई को बड़े पिता की लड़की की शादी में सम्मिलित होने माता-पिता के साथ अक्षय भी गांव आया था। पिता राम अधीन व मां पूनम जवान बेटे की मौत से बदहवास हैं।
वहीं, अपनी तीन बहनों के बीच माता-पिता का इकलौता पुत्र अर्जुन ही कुल का चिराग था। बहन गुड़िया, ज्योति, मुस्कान ने जैसे घटना के बारे में सुना, बेहोश हो गईं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। मां राधिका मानो सुधबुध खो चुकी हों। परिवार वाले बार-बार मना करते रहे लेकिन मानो दोनों की मौत उन्हें सरयू नदी के तट तक खींच ले गई हो।
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अक्षय, अर्जुन की मौत से पांड़ेपुरवा में कोहराम
सरयू नदी में सोमवार दोपहर नहाते समय डूब गए दोनों दोस्त
परिवार वालों की चीख-पुकार से हर किसी की नम हुई आंखें
दुबौलिया के चांदपुर-कटरिया तटबंध के पास की घटना
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सरयू की धारा में समाकर प्राण गंवाए अक्षय और अर्जुन के परिवारवालों को घंटों तक यकीन नहीं हुआ कि उनके लाल दुनिया को छोड़ चुके हैं। शरीर ठंडी होने के बावजूद उन्हें लेकर अस्पताल भागे। जब तक डॉक्टर ने मृत घोषित नहीं कर दिया, तब तक उनकी उम्मीद नहीं टूटी। जैसे ही डॉक्टर की नजरें नीची हुईं, लोग दहाड़ें मारकर रोने लगे। आसपास मौजूद शुभचिंतक व अन्य लोगों की आंखें नम हो गईं।
अक्षय के पिता राम अधीन मथुरा की एल्युमीनियम फैक्ट्री में काम करते हैं। परिवार के साथ वह मथुरा में ही रहते हैं। जहां अक्षय 11वीं में पढ़ाई कर रहा था। बीते 15 मई को बड़े पिता की लड़की की शादी में सम्मिलित होने माता-पिता के साथ अक्षय भी गांव आया था। पिता राम अधीन व मां पूनम जवान बेटे की मौत से बदहवास हैं।
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वहीं, अपनी तीन बहनों के बीच माता-पिता का इकलौता पुत्र अर्जुन ही कुल का चिराग था। बहन गुड़िया, ज्योति, मुस्कान ने जैसे घटना के बारे में सुना, बेहोश हो गईं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। मां राधिका मानो सुधबुध खो चुकी हों। परिवार वाले बार-बार मना करते रहे लेकिन मानो दोनों की मौत उन्हें सरयू नदी के तट तक खींच ले गई हो।
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