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श्मशान से लाश उठकर ले गई पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Sun, 09 Dec 2018 09:56 PM IST
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dead body
- फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत। रिश्तेदारों में संपत्ति को लेकर विवाद के बीच हालात इतने बिगड़ गए कि अंतिम संस्कार के लिए ले जाई गई लाश पुलिस को श्मशान से कब्जे में लेना पड़ा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शंकरपुर में तीन बीघे जमीन व मकान के लिए खींचतान चल रही है। एसओ अरविंद कुमार शाही ने बताया कि संपत्ति पर हक व कब्जेदारी का विवाद है।
छावनी क्षेत्र के शंकरपुर निवासी दुखरन सैनी (75) कुछ माह से अमोढ़ा बाजार के रिश्तेदार राम अवतार सैनी पुत्र राम बहाल के घर रहने लगे। 27 नवंबर को फालिज का अटैक हुआ। शनिवार रात वहीं पर दुखरन की मौत हो गई। आनन-फानन में शव अंतिम संस्कार के लिए सुबह 11.30 बजे घाघरा (सरयू) नदी के विक्रमजोत-धुसवा बांध के ठोकर नंबर 10 पर ले गए। उसी समय खुद को मृतक की पुत्री बता रही अमरावती उर्फ सुनरा निवासी बेमहरी छावनी थाने पर जा पहुंची और हत्या का संदेह जाहिर करते हुए पीएम कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। वहीं दूसरे पक्ष के राम अवतार का कहना है कि बुजुर्ग रिश्ते में उसकी नानी के सगे भाई थे। जिनकी दो साल से सेवा कर रहे थे।
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छावनी क्षेत्र के शंकरपुर निवासी दुखरन सैनी (75) कुछ माह से अमोढ़ा बाजार के रिश्तेदार राम अवतार सैनी पुत्र राम बहाल के घर रहने लगे। 27 नवंबर को फालिज का अटैक हुआ। शनिवार रात वहीं पर दुखरन की मौत हो गई। आनन-फानन में शव अंतिम संस्कार के लिए सुबह 11.30 बजे घाघरा (सरयू) नदी के विक्रमजोत-धुसवा बांध के ठोकर नंबर 10 पर ले गए। उसी समय खुद को मृतक की पुत्री बता रही अमरावती उर्फ सुनरा निवासी बेमहरी छावनी थाने पर जा पहुंची और हत्या का संदेह जाहिर करते हुए पीएम कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। वहीं दूसरे पक्ष के राम अवतार का कहना है कि बुजुर्ग रिश्ते में उसकी नानी के सगे भाई थे। जिनकी दो साल से सेवा कर रहे थे।
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