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गौहनिया में डेंगू से किशोर की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:13 PM IST
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परिजन गोलू (फाइल फोटो)
- फोटो : amarujala
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वाल्टरगंज। सल्टौआ ब्लॉक के गौहनिया गांव में डेंगू से पीड़ित 15 वर्षीय किशोर की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। डेंगू से मौत की जानकारी पर गांव में दहशत है।
गौहनिया गांव के संपत के बेटे महेंद्र उर्फ गोलू कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। बड़े भाई जितेंद्र ने बताया कि नौ दिन से सल्टौआ से उसका इलाज चल रहा था। हालत में सुधार नहीं होने पर पीएचसी के डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डेंगू होने की जानकारी मिली। हालत में भी सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिवार के लोगों ने लखनऊ के मेयो हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान शनिवार रात करीब दो बजे गोलू ने दम तोड़ दिया। बड़े भाई 23 वर्षीय जितेंद्र ने बताया कि दो भाइयों, पांच बहनों में गोलू सबसे छोटा था। मौत की खबर पर मां गुजराती देवी, पिता सम्पत, बहनें प्रमिला, अनीता, बीना, सरिता, पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से गांव में शोक व्याप्त है।
गांव का सूरज भी बुखार से पीड़ित
गांव की ही सोनम का 13 वर्षीय बेटा सूरज दो दिनों से बुखार पीड़ित है। गांव वालों के मुताबिक करीब 150 घरों के पीने के लिए 10 इंडिया मार्क हैंडपंप है, लेकिन कई जगह गंदगी है। वर्षों से न तो दवा का छिड़काव हुआ और न ही कभी फांगिग कराई गई। सफाई तो होती ही नहीं है। ग्राम प्रधान राजेश पांडेय का कहना है कि सफाई कर्मी हाल ही में आया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन चौधरी ने बताया कि गांव में टीम भेजकर दवा का छिड़काव व फांगिग कराई जाएगी।
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गौहनिया गांव के संपत के बेटे महेंद्र उर्फ गोलू कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। बड़े भाई जितेंद्र ने बताया कि नौ दिन से सल्टौआ से उसका इलाज चल रहा था। हालत में सुधार नहीं होने पर पीएचसी के डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जांच के दौरान डेंगू होने की जानकारी मिली। हालत में भी सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिवार के लोगों ने लखनऊ के मेयो हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान शनिवार रात करीब दो बजे गोलू ने दम तोड़ दिया। बड़े भाई 23 वर्षीय जितेंद्र ने बताया कि दो भाइयों, पांच बहनों में गोलू सबसे छोटा था। मौत की खबर पर मां गुजराती देवी, पिता सम्पत, बहनें प्रमिला, अनीता, बीना, सरिता, पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से गांव में शोक व्याप्त है।
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गांव का सूरज भी बुखार से पीड़ित
गांव की ही सोनम का 13 वर्षीय बेटा सूरज दो दिनों से बुखार पीड़ित है। गांव वालों के मुताबिक करीब 150 घरों के पीने के लिए 10 इंडिया मार्क हैंडपंप है, लेकिन कई जगह गंदगी है। वर्षों से न तो दवा का छिड़काव हुआ और न ही कभी फांगिग कराई गई। सफाई तो होती ही नहीं है। ग्राम प्रधान राजेश पांडेय का कहना है कि सफाई कर्मी हाल ही में आया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन चौधरी ने बताया कि गांव में टीम भेजकर दवा का छिड़काव व फांगिग कराई जाएगी।
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