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एक परिवार के नाम 12 जॉब कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2016 11:57 PM IST
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मनरेगा की तर्ज पर रोजगार गारंटी कार्ड बनाया जाएगा जबकि 170 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाएगी।
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बस्ती। सल्टौआ ब्लॉक के ग्राम सेखुई में एक ही परिवार के 12 लोगों के नाम मनरेगा का जॉब कार्ड बना देने और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इनमें बड़ी जोत वाले और अवर अभियंता भी शामिल हैं। साक्ष्यों के साथ गांव के अजीत कुमार ने डीएम से इसकी शिकायत की है। डीएम नरेंद्र सिंह पटेल ने सीडीओ को टीम बनाकर जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।
आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2010-2015 के बीच ग्राम में विकास के नाम पर आए सरकारी धन को बड़े पैमाने पर दुरुयोग किया गया है। अपात्रों को मनरेगा जॉब कार्ड, समाजवादी पेंशन, स्वच्छ पेयजल योजना के तहत निशुल्क बोरिंग का लाभ दे दिया गया। एक ही घर के 12 अपात्रों के नाम मनरेगा का जॉब कार्ड बनवाकर उसका दुरुपयोग किया गया। जिस व्यक्ति का निधन हो गया उसके नाम पर भी जॉब कार्ड बनवाकर उसकी मजदूरी करना दिखाकर धन निकाला गया। स्वच्छ पेयजल योजना के तहत जिस व्यक्ति के नाम टंकी और संयुक्त बोरिग स्वीकृति किया गया, उसे न देकर किसी और को दे दिया गया।
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आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2010-2015 के बीच ग्राम में विकास के नाम पर आए सरकारी धन को बड़े पैमाने पर दुरुयोग किया गया है। अपात्रों को मनरेगा जॉब कार्ड, समाजवादी पेंशन, स्वच्छ पेयजल योजना के तहत निशुल्क बोरिंग का लाभ दे दिया गया। एक ही घर के 12 अपात्रों के नाम मनरेगा का जॉब कार्ड बनवाकर उसका दुरुपयोग किया गया। जिस व्यक्ति का निधन हो गया उसके नाम पर भी जॉब कार्ड बनवाकर उसकी मजदूरी करना दिखाकर धन निकाला गया। स्वच्छ पेयजल योजना के तहत जिस व्यक्ति के नाम टंकी और संयुक्त बोरिग स्वीकृति किया गया, उसे न देकर किसी और को दे दिया गया।
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