दो सजायाफ्ता कैदियों की सजा माफ
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जेल प्रशासन के अनुसार जनपद सिद्धार्थ नगर के इटवा थाना क्षेत्र के पकड़ी नंदलाल गांव निवासी महबूब आलम को दहेज हत्या व विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास की सजा अपर जिला जज की फास्ट ट्रैक कोर्ट में 21 अप्रैल 2004 को सुनाई थी। जिला कारागार के अभिलेख के अनुसार सजा व सजा से पहले कुल मिलाकर महबूब ने 21 साल 6 माह 12 दिन की अवधि जेल में बिताई।
जबकि जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के भूअर निरंजनपुर निवासी रामसूरत पुत्र रामरेखा को आईपीसी की धारा दहेज अधिनियम के तहत न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। रामसूरत 20 साल 6 माह 11 दिन जेल में बिता चुके हैं। दोनों कैदियों को शासन के आदेश पर रिहा कर दिया गया है।
गला दबाकर हत्या के आरोप में दस पर मुकदमा
बस्ती। पुरानी बस्ती पुलिस ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के मामले में दस ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज किया है। मंगल बाजार निवासी मनोज सोनी की पत्नी सुनीता (39) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
थानाध्यक्ष सर्वेश राय का कहना है कि सुनीता के पिता गोपाल प्रसाद वर्मा निवासी रामपुर टोला देवरिया की तहरीर पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने व गला दबाकर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर में पति मनोज सोनी, ससुर भोला नाथ, सास सुभावती, विक्की सोनी, मनीष सोनी, प्रीति सोनी, शिवानी सोनी, प्रियंका सोनी उर्फ पप्पी, लक्की व गप्पी को आरोपी बनाया गया है। ससुराली पक्ष ने मौत की वजह अचानक तबियत बिगड़ने को बताया है। एसओ का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट के अध्ययन बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर अगली कार्रवाई होगी।