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लंबित विवेचनाओं का हाल जानने पहुंचे एएसपी
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लंबित विवेचनाओं का हाल जानने पहुंचे एएसपी
आधा दर्जन मामले निष्पादित किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तीन माह से ऊपर की विवेचना की स्थिति जानने के लिए शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक पंकज रुधौली थाने पहुंच गए। उन्होंने रुधौली और सोनहा थाने के उपनिरीक्षकों की लंबित विवेचना पर नजर दौड़ाई। आधा दर्जन मामलों का निस्तारण कराया। पांच मामले ऐसे भी मिले जो पारिवारिक स्तर पर होने के नाते समय ले सकते हैं।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से मुखातिब एएसपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2014 के तहत सरकार ने विभिन्न अपराधों में पीड़ित व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत तत्काल आर्थिक सहायता दिए जाने की व्यवस्था बनाई है। इसमें 50 हजार से लेकर के तीन लाख तक की आर्थिक सहायता अलग-अलग अपराधों के लिए निर्धारित है। इस कोष के लिए पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था न्याय विभाग के बजट में राज्य संचालन विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कराई गई है। कहा कि इस कोष का लगभग 60 फीसदी रकम प्रतिवर्ष वापस हो जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण है इन व्यवस्थाओं के प्रति लोगों का जागरूक न होना है। निरीक्षण के दौरान प्रभारी निरीक्षक ओपी यादव एवं उपनिरीक्षकों को मामलों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए निर्देश दिया।
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आधा दर्जन मामले निष्पादित किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
रुधौली। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तीन माह से ऊपर की विवेचना की स्थिति जानने के लिए शनिवार को अपर पुलिस अधीक्षक पंकज रुधौली थाने पहुंच गए। उन्होंने रुधौली और सोनहा थाने के उपनिरीक्षकों की लंबित विवेचना पर नजर दौड़ाई। आधा दर्जन मामलों का निस्तारण कराया। पांच मामले ऐसे भी मिले जो पारिवारिक स्तर पर होने के नाते समय ले सकते हैं।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से मुखातिब एएसपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2014 के तहत सरकार ने विभिन्न अपराधों में पीड़ित व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत तत्काल आर्थिक सहायता दिए जाने की व्यवस्था बनाई है। इसमें 50 हजार से लेकर के तीन लाख तक की आर्थिक सहायता अलग-अलग अपराधों के लिए निर्धारित है। इस कोष के लिए पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था न्याय विभाग के बजट में राज्य संचालन विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कराई गई है। कहा कि इस कोष का लगभग 60 फीसदी रकम प्रतिवर्ष वापस हो जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण है इन व्यवस्थाओं के प्रति लोगों का जागरूक न होना है। निरीक्षण के दौरान प्रभारी निरीक्षक ओपी यादव एवं उपनिरीक्षकों को मामलों में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए निर्देश दिया।
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