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ग्राम भैंसा पांडेय में पांच लाख के गबन का हुआ खुलासा

Sun, 13 Aug 2017 12:00 AM IST
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:00 AM IST
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ग्राम भैंसा पांडेय में पांच लाख के गबन का हुआ खुलासा
बनकटी के भैंसा पांडेय में पांच लाख का हुआ गबन
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बस्ती। ग्राम पंचायतों में संगठित होकर सरकारी धन की लूट मची है, जिसे सरकारी धन की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी दी गई, वहीं लोग इस खेल में शामिल रहते हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों के करोड़ों रुपये सुरक्षित नहीं रह गए हैं। आडिट टीम निरंतर सरकारी धन के दुरुपयोग करने की रिपोर्ट के साथ रिकवरी कराने और संबंधित के विरुद्घ कार्रवाई करने को लिख रही है, मगर न तो रिकवरी हो रही है, और न ही कार्रवाई। ऐसा ही एक और मामला बनकटी के ग्राम पंचायत भैंसा पांडेय का सामने आया, जिसमें डीपीआरओ गोपाल जी ओझा ने एडीओ पंचायत को सेक्रेटरी के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
इस मामले में डीपीआरओ का मानना है कि जितने भी सरकारी धन के दुरुपयोग करने के मामले आ रहे हैं, उन सभी में प्रधान, सेक्रेटरी और एडीओ पंचायत की तिकड़ी की भूमिका सामने आ रही है। बताया कि भैंसा पांडेय में भी यही हुआ। इससे पहले भी सल्टौआ ब्लॉक के सेक्रेटरी महेंद्र यादव की रिपोर्ट आडिट टीम कर चुकी है। बताया कि विशेष लेखा परीक्षा की टीम ने वर्ष 2013-14 में 4,98,777 रुपये की चोरी पकड़ी। इस मामले में तत्कालीन ग्राम पंचायत सेक्रेटरी तनवीर अहमद से आडिट का अनुुपालन न करने के बारे में बताया कि ग्राम पंचायत सचिव अभिलेख ही उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। बताया कि इस मामले में एक सप्ताह पहले एडीओ पंचायत को अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया कि ऐसा लगता है कि इस गोलमाल में एडीओ पंचायत की संलिप्तता है। बताया कि एडीओ पंचायत को निर्देश दिया गया कि एक सप्ताह में वर्ष 2013-14 का संपूर्ण अभिलेख तत्कालीन सचिव तनवीर अहमद को उपलब्ध कराएं। उपलब्ध न होने की दशा में सेक्रेटरी के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।
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विधायक निधि के धन का कर लिया दुरुपयोग
बस्ती। स्कूल में कक्ष निर्माण के लिए दी गई राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। एमएलसी ने साढ़े 37 हजार रुपये विधायक निधि से दिए लेकिन प्रबंधन ने कहीं और खर्च कर लिया।
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शनिवार को पीडी डीआरडीए आरपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2001 में एमएलसी पंचानन राय ने महर्षि विवेकानंद पूर्व माध्यमिक रोझिया कटरूआ को कक्ष निर्माण के लिए विधायक निधि से 37 हजार पांच सौ रुपये दिए थे। डीआरडीए ने स्कूल प्रबंधक के नाम चेक भी जारी कर दिया। स्कूल ने कक्ष निर्माण के बजाए उसका दुरुपयोग कर लिया। धन के दुरुपयोग करने का मामला सामने के बाद संस्था से आंवटित किए गए धन की मांग की गई, मगर वापस नहीं किया। चार अप्रैल 2001 से पांच अगस्त 2017 तक साढ़े आठ फीसद के दर से कुल ब्याज 50,621 रुपये हुआ, इस तरह स्कूल प्रबंधक के नाम 88,121 रुपये का आरसी जारी किया गया है। इसके लिए एडीएम को पत्र लिखा गया है। बताया कि यह कार्रवाई मारकंडे सिंह बनाम राज्य सरकार के नाम से दायर याचिका के मामले में की गई। सरकार को इस मामले में उच्च न्यायालय में इसे लेकर शपथ-पत्र दाखिल करना है।

प्रधान के संपत्तियों की जांच की मांग

बस्ती। दुबौलिया ब्लॉक के ग्राम रमवापुर में सरकारी धन के गोलमाल का मामला गांव वालों ने पीएम तक पहुंचा दिया है। पीएम कार्यालय से होते हुए मुख्य सचिव ने डीएम को जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। गांव वाले प्रधान की संपत्तियों की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

भोलानाथ मिश्र, जयराम चौधरी, राजेंद्र प्रसाद, सभाराज चौधरी, मेवालाल, गयाराम, चंद्रिका प्रसाद, नेबूलाल, सियाराम और ठाकुर प्रसाद सहित लगभग सौ ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त ग्रामीणों ने लिखा है कि ग्राम पंचायत में पिछले कई सालों से विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। इसमें सेक्रेटरी से लेकर ब्लॉक के लोग शामिल रहते हैं। कहा कि इसकी स्थानीय प्रशासन और ब्लॉक पर की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि काम को कागजों में दिखाकर सरकारी धन गोलमाल संगठित होकर किया जा रहा है। सरकारी धन से लोगों ने बेनामी संपत्ति बना ली है।
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