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तालाब की जमीन पर सौ से अधिक दर्ज नाम फर्जी
Mon, 17 Dec 2018 11:36 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 17 Dec 2018 11:36 PM IST
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तालाब पर कब्जा
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बस्ती। तालाबों पर अवैध ढंग से कब्जा कर अपने नाम से दर्ज कराने का मामला प्रकाश में आया है। सदर क्षेत्र में सर्वे के बाद यह तथ्य खुला है कि यहां आठ गांवों में तालाब की जमीन को सौ से अधिक लोगों ने फर्जी दर्ज करा लिया है। अब इनके नाम निरस्त करने की रिपोर्ट एसडीएम ने डीएम के पास भेजी है। डीएम इस तथ्य को भी खंगाल रहे हैं कि आखिर यह कृत्य किसने किया है।
ताल-पोखरों पर अवैैध कब्जे की तमाम शिकायतों पर डीएम डॉ. राजशेखर ने इसकी जांच शुरू करा दी है। जांच के क्रम में जिले भर की रिपोर्ट में 400 तालाबों पर अवैध कब्जे के तथ्य उभर कर सामने आए हैं। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर एसडीएम ने सदर क्षेत्र में सर्वे कराया, जिसमें लालगंज क्षेत्र के घुघसा, कलवारी के नाहरपार, इसी क्षेत्र के मदरा उर्फ बाघापार, खरका, सेल्हरा, सुरसा, कछुवाड़ तथा टीकरकचनी गांव में सैकड़ों एकड़ तालाब की जमीन को अलग-अलग तकरीबन 100 से अधिक लोगों ने अपने नाम से दर्ज करा लिया है। यही हाल जिले की अन्य तहसीलों में भी है, मगर अभी इनकी रिपोर्ट खंगाली जा रही है। शहरी क्षेत्र में भी करीब आधा दर्जन से अधिक ताल-पोखरों पर अवैध कब्जा किया गया है। इसका सर्वे जिला प्रशासन ने शुरू कराया है, मगर अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। खबर है कि इतनी बड़ी संख्या में तालाबों पर अवैध कब्जा को लेकर डीएम के तेवर सख्त हो गए हैं। पहले चरण में ताल-पोखरों की जमीन पर दर्ज नाम को निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कराई गई है, जबकि दूसरे चरण में इन जमीन को किस आधार पर, क्यों और किसने दर्ज किया है। इसकी जांच की जाएगी। एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि सदर क्षेत्र में करीब आठ गांवों के तालाबों पर तकरीबन 100 लोगों के नाम दर्ज हैं। इनके निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अभी शहरी क्षेत्र में सर्वे रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। रिपोर्ट में यदि कहीं कोई अवैध कब्जा पाया गया तो संबंधितों का नाम काट कर उसे ताल-पोखरों में दर्ज कर दिया जाएगा। इसके अलावा इसकी भी जांच होगी कि आखिर किसने प्रशासन की आंख में धूल झोंककर ऐसा कृत्य किया है।
महंगा पड़ा जलाशय पर कब्जा
बस्ती। पाबंदी के बावजूद सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफिया का हौसला बुलंद है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण मुंडेरवा थाने के दतुआखोर गांव में सामने आया। हलका लेखपाल की तहरीर पर थाने में आईपीसी के साथ ही लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत नौ आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया। जनपद जौनपुर के पवारा थाने के बनकट निवासी लेखपाल सुरेन्द्र प्रताप ने बताया कि इन सबको नोटिस दिया गया लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस पर सविका पत्नी मोतीलाल, कमेन्द्र चौहान, कैलाश, कृष्णावती पत्नी संजय कुमार, जासमती पत्नी रामप्रसाद, पंचराम, ब्रह्मदेव, रामसूरत, फूलचन्द्र के विरुद्ध एडीएम के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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ताल-पोखरों पर अवैैध कब्जे की तमाम शिकायतों पर डीएम डॉ. राजशेखर ने इसकी जांच शुरू करा दी है। जांच के क्रम में जिले भर की रिपोर्ट में 400 तालाबों पर अवैध कब्जे के तथ्य उभर कर सामने आए हैं। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर एसडीएम ने सदर क्षेत्र में सर्वे कराया, जिसमें लालगंज क्षेत्र के घुघसा, कलवारी के नाहरपार, इसी क्षेत्र के मदरा उर्फ बाघापार, खरका, सेल्हरा, सुरसा, कछुवाड़ तथा टीकरकचनी गांव में सैकड़ों एकड़ तालाब की जमीन को अलग-अलग तकरीबन 100 से अधिक लोगों ने अपने नाम से दर्ज करा लिया है। यही हाल जिले की अन्य तहसीलों में भी है, मगर अभी इनकी रिपोर्ट खंगाली जा रही है। शहरी क्षेत्र में भी करीब आधा दर्जन से अधिक ताल-पोखरों पर अवैध कब्जा किया गया है। इसका सर्वे जिला प्रशासन ने शुरू कराया है, मगर अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। खबर है कि इतनी बड़ी संख्या में तालाबों पर अवैध कब्जा को लेकर डीएम के तेवर सख्त हो गए हैं। पहले चरण में ताल-पोखरों की जमीन पर दर्ज नाम को निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कराई गई है, जबकि दूसरे चरण में इन जमीन को किस आधार पर, क्यों और किसने दर्ज किया है। इसकी जांच की जाएगी। एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि सदर क्षेत्र में करीब आठ गांवों के तालाबों पर तकरीबन 100 लोगों के नाम दर्ज हैं। इनके निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अभी शहरी क्षेत्र में सर्वे रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। रिपोर्ट में यदि कहीं कोई अवैध कब्जा पाया गया तो संबंधितों का नाम काट कर उसे ताल-पोखरों में दर्ज कर दिया जाएगा। इसके अलावा इसकी भी जांच होगी कि आखिर किसने प्रशासन की आंख में धूल झोंककर ऐसा कृत्य किया है।
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महंगा पड़ा जलाशय पर कब्जा
बस्ती। पाबंदी के बावजूद सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफिया का हौसला बुलंद है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण मुंडेरवा थाने के दतुआखोर गांव में सामने आया। हलका लेखपाल की तहरीर पर थाने में आईपीसी के साथ ही लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत नौ आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया। जनपद जौनपुर के पवारा थाने के बनकट निवासी लेखपाल सुरेन्द्र प्रताप ने बताया कि इन सबको नोटिस दिया गया लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। इस पर सविका पत्नी मोतीलाल, कमेन्द्र चौहान, कैलाश, कृष्णावती पत्नी संजय कुमार, जासमती पत्नी रामप्रसाद, पंचराम, ब्रह्मदेव, रामसूरत, फूलचन्द्र के विरुद्ध एडीएम के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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