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Basti News: उपभोक्ता फोरम का फैसला, कामगार को नई मशीन देगी कंपनी
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बस्ती। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष अमरजीत वर्मा व सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने टायर ट्यूब की मरम्मत करने वाले कामगार की मशीन बदल कर विक्रेता को दूसरी मशीन देने का आदेश दिया है। पीठ ने मरम्मतकर्ता को हुए नुकसान के एवज में 40 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के माली टोला निवासी मो. अहमद ने संजीव कुमार भट्टाचार्य एडवोकेट के माध्यम से फोरम में परिवाद दाखिल कर कहा कि वह टायर ट्यूब के मरम्मत का कार्य करता है। उसकी दुकान पर माइ स्टाइल कंपनी के लोग आए और कहा कि टायर चेंजर मशीन खरीद लेंगे तो काम करने में आसानी होगी। उनके सुझाव पर परिवादी ने 92127 रुपये कीमत अदा कर मशीन खरीद ली। यह मशीन परिवादी ने माइ स्टाइल इक्विपमेंट लिमिटेड बड़ा बिरवा कानपुर रोड आलमबाग लखनऊ नामक कंपनी से खरीदी। इस मशीन का निर्माण स्नैप ऑन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड 6 /2 बेगमपुर खटोला गुरुग्राम कंपनी द्वारा निर्मित किया गया था।
मशीन ठीक से काम नहीं कर रही थी। परिवादी बार-बार शिकायत दूर करने के लिए कह रहा था। जब उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब उसने अदालत में आकर परिवाद दाखिल किया। विपक्षी माइ स्टाइल व स्नैप ऑन टूल्स को नोटिस जारी हुई। विपक्षी स्नैप ऑन टूल्स की ओर से विजय कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने हाजिर होकर जवाब दावा दाखिल करते हुए कहा कि उसका ग्राहक से विक्रय से संबंधित कोई लेन-देन नहीं है, न ही कोई उत्तदायित्व है। माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड की भूमिका रीसेलर की है। मशीनों की गुणवत्ता उसकी बिक्री आदि के बारे में दोनों विपक्षी के बीच में एक करार है जिसके अनुसार माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड ही शिकायतों के समाधान के लिए उत्तरदायी है।
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पीठ ने दोनों पक्षों की बहस व पत्रावली में दाखिल करारनामा का अवलोकन करने के बाद माना कि परिवादी को गुणवत्ता पूर्वक मशीन न बेचने के लिए विपक्षी माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड ही उत्तरदायी है। पीठ ने निर्देश दिया कि निर्णय से 60 दिन के अंदर माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड उसी मॉडल की मशीन परिवादी को दे दे। ऐसा न करने पर मशीन की कीमत 97127 रुपये पर खरीद की तिथि से 8 प्रतिशत साधारण ब्याज जोड़कर भुगतान करेंगे। आर्थिक कष्ट, मानसिक कष्ट व वाद व्यय के एवज में चालीस हजार रुपये माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड को परिवादी को भुगतान करना होगा।
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कोतवाली क्षेत्र के माली टोला निवासी मो. अहमद ने संजीव कुमार भट्टाचार्य एडवोकेट के माध्यम से फोरम में परिवाद दाखिल कर कहा कि वह टायर ट्यूब के मरम्मत का कार्य करता है। उसकी दुकान पर माइ स्टाइल कंपनी के लोग आए और कहा कि टायर चेंजर मशीन खरीद लेंगे तो काम करने में आसानी होगी। उनके सुझाव पर परिवादी ने 92127 रुपये कीमत अदा कर मशीन खरीद ली। यह मशीन परिवादी ने माइ स्टाइल इक्विपमेंट लिमिटेड बड़ा बिरवा कानपुर रोड आलमबाग लखनऊ नामक कंपनी से खरीदी। इस मशीन का निर्माण स्नैप ऑन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड 6 /2 बेगमपुर खटोला गुरुग्राम कंपनी द्वारा निर्मित किया गया था।
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मशीन ठीक से काम नहीं कर रही थी। परिवादी बार-बार शिकायत दूर करने के लिए कह रहा था। जब उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब उसने अदालत में आकर परिवाद दाखिल किया। विपक्षी माइ स्टाइल व स्नैप ऑन टूल्स को नोटिस जारी हुई। विपक्षी स्नैप ऑन टूल्स की ओर से विजय कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने हाजिर होकर जवाब दावा दाखिल करते हुए कहा कि उसका ग्राहक से विक्रय से संबंधित कोई लेन-देन नहीं है, न ही कोई उत्तदायित्व है। माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड की भूमिका रीसेलर की है। मशीनों की गुणवत्ता उसकी बिक्री आदि के बारे में दोनों विपक्षी के बीच में एक करार है जिसके अनुसार माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड ही शिकायतों के समाधान के लिए उत्तरदायी है।
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पीठ ने दोनों पक्षों की बहस व पत्रावली में दाखिल करारनामा का अवलोकन करने के बाद माना कि परिवादी को गुणवत्ता पूर्वक मशीन न बेचने के लिए विपक्षी माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड ही उत्तरदायी है। पीठ ने निर्देश दिया कि निर्णय से 60 दिन के अंदर माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड उसी मॉडल की मशीन परिवादी को दे दे। ऐसा न करने पर मशीन की कीमत 97127 रुपये पर खरीद की तिथि से 8 प्रतिशत साधारण ब्याज जोड़कर भुगतान करेंगे। आर्थिक कष्ट, मानसिक कष्ट व वाद व्यय के एवज में चालीस हजार रुपये माइ स्टाइल इक्यूपमेंट लिमिटेड को परिवादी को भुगतान करना होगा।