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Basti News: हत्या के दोषी दंपती को आजीवन कारावास, 10,500 रुपये का जुर्माना
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बस्ती। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश कुमार की अदालत ने हत्या के एक मामले में दोषी दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 10,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एडीजीसी लक्ष्मीकांत द्विवेदी और वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि दुबौलिया थाना क्षेत्र के खुशहालगंज गांव निवासी सुनीता ने 20 जुलाई 2023 को तहरीर देकर बताया था कि उनके पति विजय कुमार यादव 19 जुलाई की रात भोजन करने के बाद खेत में पानी लगाने के लिए जीवपुर गांव गए थे। अगले दिन सुबह सूचना मिली कि जीवपुर निवासी विनोद सिंह और उनकी पत्नी रामादेवी ने विजय कुमार के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक का शव विनोद सिंह के घर से बरामद हुआ था।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विनोद सिंह और रामादेवी के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाह पेश किए।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने विनोद सिंह और रामादेवी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई।
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एडीजीसी लक्ष्मीकांत द्विवेदी और वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि दुबौलिया थाना क्षेत्र के खुशहालगंज गांव निवासी सुनीता ने 20 जुलाई 2023 को तहरीर देकर बताया था कि उनके पति विजय कुमार यादव 19 जुलाई की रात भोजन करने के बाद खेत में पानी लगाने के लिए जीवपुर गांव गए थे। अगले दिन सुबह सूचना मिली कि जीवपुर निवासी विनोद सिंह और उनकी पत्नी रामादेवी ने विजय कुमार के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक का शव विनोद सिंह के घर से बरामद हुआ था।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विनोद सिंह और रामादेवी के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाह पेश किए।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने विनोद सिंह और रामादेवी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई।