{"_id":"6362af3d372c6c1a1a26eeb8","slug":"control-room-set-up-to-tell-the-problem-in-paddy-procurement-basti-news-gkp455944651","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान खरीद में समस्या बताने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान खरीद में समस्या बताने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
विज्ञापन
धान खरीद में समस्या बताने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
बस्ती। धान खरीद के सफल संचालन के लिए जिले में कंट्रोल रूम स्थापित हो गया है। इस पर किसान समस्याएं व शिकायतों को बता सकते हैं। प्रशासन के मुताबिक, शिकायतों का समाधान कराया जाएगा।
किसान कंट्रोल रूम नंबर 7839565077 पर धान खरीद में आने वाली समस्याओं व शिकायतों को बता सकते हैं। जिले के 38 क्रय केंद्रों पर पहली नवंबर से धान खरीद शुरू करने के लिए पूरी तैयारी हो चुकी है। हालांकि, अभी धान की फसल तैयार न होने के कारण पहले दिन कोई किसान धान बेचने नहीं आया, लेकिन विभाग ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है।
वहीं, उस पर नियमित मौजूद रहने के लिए कर्मचारी भी तैनात कर दिया है। डिप्टी आरएमओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि कंट्रोल रूम में कनिष्ठ लिपिक हरमिंदर सिंह को तैनात किया गया है। वह रविवार व राजपत्रित अवकाश को छोड़कर बाकी कार्य दिवसों में सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक किसानों की समस्याएं दर्ज करेंगे और संबंधित अधिकारी उसका समाधान करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। धान खरीद के सफल संचालन के लिए जिले में कंट्रोल रूम स्थापित हो गया है। इस पर किसान समस्याएं व शिकायतों को बता सकते हैं। प्रशासन के मुताबिक, शिकायतों का समाधान कराया जाएगा।
किसान कंट्रोल रूम नंबर 7839565077 पर धान खरीद में आने वाली समस्याओं व शिकायतों को बता सकते हैं। जिले के 38 क्रय केंद्रों पर पहली नवंबर से धान खरीद शुरू करने के लिए पूरी तैयारी हो चुकी है। हालांकि, अभी धान की फसल तैयार न होने के कारण पहले दिन कोई किसान धान बेचने नहीं आया, लेकिन विभाग ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है।
विज्ञापन
वहीं, उस पर नियमित मौजूद रहने के लिए कर्मचारी भी तैनात कर दिया है। डिप्टी आरएमओ संजय कुमार पांडेय ने बताया कि कंट्रोल रूम में कनिष्ठ लिपिक हरमिंदर सिंह को तैनात किया गया है। वह रविवार व राजपत्रित अवकाश को छोड़कर बाकी कार्य दिवसों में सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक किसानों की समस्याएं दर्ज करेंगे और संबंधित अधिकारी उसका समाधान करेंगे।
विज्ञापन