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Basti News: सहालग में बढ़ी खपत...कानपुर और नवाबगंज से पहुंच रहा नकली खोआ
Mon, 17 Nov 2025 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 17 Nov 2025 01:16 AM IST
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बाजार में कुछ इस तरह से खोआ की हो रही बिक्री संवाद
बस्ती। सहालग में मिठाइयों की खपत बढ़ गई है। इससे आजकल खोआ की डिमांड बढ़ गई है। बाजार में प्रतिदिन 10 से 15 क्विंटल टन खोआ की खपत है। सामान्य दिनों में चार-पांच क्विंटल दूध की खपत रहती है। दूध उत्पादन कम होने से धंधेबाज नकली खोआ मंगाकर बाजार की डिमांड पूरी कर रहे हैं। जानकारों के अनुसार कानपुर और नवाबगंज की मंडी से बोरियों में भरकर खोआ के गट्ठर आ रहे हैं।
त्योहार बाद अब सहालग की वजह से पनीर और खोआ की मांग करीब दो से तीन गुना बढ़ गई है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए धंधेबाज अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर समेत आसपास के जिले अंबेडकरनगर, आजमगढ़ से मिलावटी पनीर और खोआ की खेप मंगा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीपावली के समय बाहर से मंगाए जा रहे कई किलो मिलावटी खोआ जब्त कर नष्ट कराया था।
पशुपालन विभाग के डॉ. सतीश वर्मा के मुताबिक जिले में रोजाना दूध उत्पादन के हिसाब से इस समय खपत डेढ़ गुना हो गई है। इसका अधिकांश उपयोग घरों में चाय के लिए हो जाता है। बच्चों को पिलाने के लिए भी दूध की कमी है, जबकि पनीर और खोआ की आपूर्ति भरपूर है। शायद ही कोई चौराहा हो, जहां पनीर व खोआ न बिकता हो। पनीर-खोआ विक्रेता अमित जायसवाल बताते हैं कि सामान्य दिनों में जहां खोआ की खपत पांच से सात क्विंटल होती है, वहीं अब यह बढ़कर 10 से 15 क्विंटल तक पहुंच गया है। पनीर की डिमांड भी रोजाना 20 क्विंटल तक पहुंच गया है।
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चाय और मिठाई के दुकानदार रामलाल ने बताया कि पाउडर और रिफाइंड से तैयार किया गया नकली खोआ 200 से 220 रुपये किलो में थोक में उपलब्ध है, जिसे दुकानदार 300 से 320 रुपये प्रति किलो में बेच देते हैं। यही हाल पनीर का भी है, जो 220 से 230 रुपये किलो में मिल रहा है। जबकि शुद्ध पनीर का बाजार भाव 380 से 400 रुपये प्रति किलो है। कम दाम वाले पनीर में मिलावट की आशंका अधिक रहती है। बताया गया कि रात में नकली खोआ बाजार में पहुंच जा रहा है, जिसे धंधेबाज ठिकाने लगा देते हैं।
रोडवेज, हड़िया, कचहरी, गांधीनगर और मालवीय रोड स्थित दुकानों पर इसकी बिक्री अधिक है। एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार नकली पनीर और खोआ के सेवन से पाचन संबंधी समस्या, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर और किडनी को नुकसान, बैड कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि, कैंसर और आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा रहता है।
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27 से अधिक नमूने फेल
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अनुसार, पिछले एक वर्ष में 27 से अधिक पनीर, खोआ और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। पनीर और खोआ में फैट और मिनरल्स की कमी पाई गई। कुछ नमूनों में क्रीम निकालकर पनीर तैयार किया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए कई नमूनों को नष्ट कराया था। इसी तरह खोआ में भी मिलावट की पुष्टि हुई थी।
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ऐसे करें नकली पनीर-खोआ की पहचान
पनीर की असलियत छूकर, देखकर और चखकर पहचानी जा सकती है। असली पनीर चिकना, मुलायम और हल्का दानेदार होता है, जबकि नकली पनीर रबड़ जैसा और चिपचिपा होता है। असली पनीर का रंग हल्का सफेद और खुशबू ताजे दूध जैसी होती है। वहीं नकली पनीर में केमिकल की गंध आती है। घर पर आयोडीन टेस्ट करके भी जांच की जा सकती है, जिसमें नकली पनीर नीला या काला पड़ जाता है। खोआ को गर्म करने पर तेल निकलता है तो यह मिलावटी है। खोआ का एक टुकड़ा गरम करके देखें, अगर वह घी छोड़ना शुरू कर दे तो समझ जाइए कि वो असली है। अगर वो पानी छोड़े तो खोआ नकली है। स्वाद/चखकर देखें, असली खोआ मुंह में डालते ही घुल जाएगा और दूध जैसा हल्का मीठा टेस्ट लगेगा, मगर वहीं, नकली खोआ मुंह में चिपकेगा।
कोट
दशहरा और दिवाली के बीच अभियान चलाकर पनीर और खोआ की जांच की गई थी। मिलावट मिलने पर कार्रवाई भी की गई थी। फिर निगरानी बढ़ाई जाएगी। लोगों को भी सतर्कता पूर्वक खरीदारी करनी चाहिए। सहालग में जांच टीम सक्रिय है।
-चितरंजन कुमार सिंह, जिला अभिहित अधिकारी, बस्ती।
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त्योहार बाद अब सहालग की वजह से पनीर और खोआ की मांग करीब दो से तीन गुना बढ़ गई है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए धंधेबाज अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर समेत आसपास के जिले अंबेडकरनगर, आजमगढ़ से मिलावटी पनीर और खोआ की खेप मंगा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दीपावली के समय बाहर से मंगाए जा रहे कई किलो मिलावटी खोआ जब्त कर नष्ट कराया था।
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पशुपालन विभाग के डॉ. सतीश वर्मा के मुताबिक जिले में रोजाना दूध उत्पादन के हिसाब से इस समय खपत डेढ़ गुना हो गई है। इसका अधिकांश उपयोग घरों में चाय के लिए हो जाता है। बच्चों को पिलाने के लिए भी दूध की कमी है, जबकि पनीर और खोआ की आपूर्ति भरपूर है। शायद ही कोई चौराहा हो, जहां पनीर व खोआ न बिकता हो। पनीर-खोआ विक्रेता अमित जायसवाल बताते हैं कि सामान्य दिनों में जहां खोआ की खपत पांच से सात क्विंटल होती है, वहीं अब यह बढ़कर 10 से 15 क्विंटल तक पहुंच गया है। पनीर की डिमांड भी रोजाना 20 क्विंटल तक पहुंच गया है।
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चाय और मिठाई के दुकानदार रामलाल ने बताया कि पाउडर और रिफाइंड से तैयार किया गया नकली खोआ 200 से 220 रुपये किलो में थोक में उपलब्ध है, जिसे दुकानदार 300 से 320 रुपये प्रति किलो में बेच देते हैं। यही हाल पनीर का भी है, जो 220 से 230 रुपये किलो में मिल रहा है। जबकि शुद्ध पनीर का बाजार भाव 380 से 400 रुपये प्रति किलो है। कम दाम वाले पनीर में मिलावट की आशंका अधिक रहती है। बताया गया कि रात में नकली खोआ बाजार में पहुंच जा रहा है, जिसे धंधेबाज ठिकाने लगा देते हैं।
रोडवेज, हड़िया, कचहरी, गांधीनगर और मालवीय रोड स्थित दुकानों पर इसकी बिक्री अधिक है। एमडी डॉ. पीएल गुप्ता के अनुसार नकली पनीर और खोआ के सेवन से पाचन संबंधी समस्या, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर और किडनी को नुकसान, बैड कोलेस्ट्रॉल में वृद्धि, कैंसर और आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा रहता है।
27 से अधिक नमूने फेल
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के अनुसार, पिछले एक वर्ष में 27 से अधिक पनीर, खोआ और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। पनीर और खोआ में फैट और मिनरल्स की कमी पाई गई। कुछ नमूनों में क्रीम निकालकर पनीर तैयार किया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए कई नमूनों को नष्ट कराया था। इसी तरह खोआ में भी मिलावट की पुष्टि हुई थी।
ऐसे करें नकली पनीर-खोआ की पहचान
पनीर की असलियत छूकर, देखकर और चखकर पहचानी जा सकती है। असली पनीर चिकना, मुलायम और हल्का दानेदार होता है, जबकि नकली पनीर रबड़ जैसा और चिपचिपा होता है। असली पनीर का रंग हल्का सफेद और खुशबू ताजे दूध जैसी होती है। वहीं नकली पनीर में केमिकल की गंध आती है। घर पर आयोडीन टेस्ट करके भी जांच की जा सकती है, जिसमें नकली पनीर नीला या काला पड़ जाता है। खोआ को गर्म करने पर तेल निकलता है तो यह मिलावटी है। खोआ का एक टुकड़ा गरम करके देखें, अगर वह घी छोड़ना शुरू कर दे तो समझ जाइए कि वो असली है। अगर वो पानी छोड़े तो खोआ नकली है। स्वाद/चखकर देखें, असली खोआ मुंह में डालते ही घुल जाएगा और दूध जैसा हल्का मीठा टेस्ट लगेगा, मगर वहीं, नकली खोआ मुंह में चिपकेगा।
कोट
दशहरा और दिवाली के बीच अभियान चलाकर पनीर और खोआ की जांच की गई थी। मिलावट मिलने पर कार्रवाई भी की गई थी। फिर निगरानी बढ़ाई जाएगी। लोगों को भी सतर्कता पूर्वक खरीदारी करनी चाहिए। सहालग में जांच टीम सक्रिय है।
-चितरंजन कुमार सिंह, जिला अभिहित अधिकारी, बस्ती।