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Basti News: नक्शा मकान एवं दुकान का, चला रहे स्कूल और अस्पताल
Fri, 28 Jul 2023 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 28 Jul 2023 11:57 PM IST
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बस्ती विकास प्राधिकरण कार्यालय।
बस्ती। बीडीए क्षेत्र में दुकान का नक्शा पास कराकर स्कूल, अस्पताल और होटल का संचालन किया जा रहा है। ऐसे तमाम प्रतिष्ठान बिना मानक के भवन में चल रहे हैं। ऐसे संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों में हादसा होने की संभावना भी है। बीडीए की तरफ से शहर के 30 अस्पतालों, 28 स्कूलों, 25 होटल एवं मैरिज हाल समेत 133 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर नक्शा की प्रति के साथ स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा 112 ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने नोटिस स्वीकार कर समन करा लिया है।
शहर के बीडीए में किसी भी तरह के भवन निर्माण के लिए निर्धारित मानक को पूरा करते हुए नक्शा पास कराकर ही निर्माण किया जा सकता है। आवासीय भवनों और व्यावसायिक समेत अन्य तरह के प्रतिष्ठानों के निर्माण के लिए अलग- अलग मानक निर्धारित हैं। दो दशक से लोगों ने घरेलू भवन का तो नक्शा पास कराया, लेकिन उस भवन में अस्पताल, स्कूल, होटल व मैरेज हाल का संचालन शुरू कर दिया, जबकि नियमानुसार इन भवनों में सिर्फ दुकान का ही संचालन हो सकता है।
बीडीए के अधिकारी अब व्यावसायिक भवन के निर्माण का नक्शा पास कराकर शहर में संचालित अस्पताल, स्कूल, होटल व मैरेज हाल समेत अन्य प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर रहे हैं। नियमानुसार नक्शा पास नहीं होने के कारण व्यावसायिक भवनों में अग्निसुरक्षा की गारंटी नहीं है।
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बीडीए ने सर्वे के बाद रिपोर्ट के आधार पर 133 ऐसे लोगों को चिह्नित कर नोटिस भेजा है। यही नहीं पिछले एक साल में बीडीए ने 1200 लोगों को नोटिस भेजा है, जो बिना नक्शा पास कराए ही निर्माण करा लिए हैं।
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हर प्रतिष्ठान के नक्शे के लिए हैं अलग-अलग मानक
बीडीए के क्षेत्र में व्यवसायिक भवन का नक्शा पास कराकर सिर्फ दुकान संचालित की जा सकती है। स्कूल, अस्पताल, होटल आदि के लिए अलग-अलग मानक हैं। मानक के अनुसार, स्कूल और अस्पताल तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने का रास्ता, परिसर में खुला स्थान, भवन में आग बुझाने के संयंत्र और आसपास पानी की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य है। इसके अलावा होटल एवं मैरिज हाल के निर्माण के लिए भी पर्याप्त खुला स्थान होने समेत स्वच्छता की पूर्ण व्यवस्था होना अनिवार्य है।
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आवासीय भवन में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियां
शहर के तीन ऐसे लोगों को नोटिस दिया गया है, जो आवासीय भवन में ही मैरिज हाल का संचालन कर रहे हैं। इसी तरह आवासीय भवन का निर्माण कर 17 लोगों ने उसे व्यावसायिक स्वरूप दे दिया है और दुकानें एवं अन्य प्रतिष्ठान चला रहे हैं।
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बिना मानक बने अस्पताल व स्कूल
शहर में कई अस्पताल और स्कूल बिना मानक के भवनों में संचालित है। जहां खुला स्थान और आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि कुछ अस्पताल एवं स्कूल मात्र कुछ कमरों में ही संचालित हैं और यहां तक फायरब्रिगेड के पहुंचने का सुगम रास्ता भी नहीं है। बिना मानक के संचालित स्कूल, अस्पताल और होटल में आग लगने अथवा भगदड़ जैसी आकस्मिक आपदाओं की स्थिति में बचाव कार्य संभव नहीं हो सकेगा।
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आवासीय क्षेत्र से इतर हिस्से में नहीं पास करा सकेंगे घर का नक्शा
बीडीए की महायोजना 2031 में निर्धारित आवासीय क्षेत्र से हटकर दूसरे कार्य के लिए चिह्नित भूमि में घर बनवाने के लिए नक्शा पास नहीं करा सकेंगे। घर बनवाने को आवासीय क्षेत्र में नक्शा पास हो सकेगा। इसी तरह अन्य निर्धारित क्षेत्रों में भी दूसरे कार्य के लिए भवन का नक्शा पास नहीं हो सकेगा।
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तीन केटेगरी में पास होता है नक्शा
बीडीए से तीन केटेगरी का नक्शा पास किया जाता है। यहां ज्यादा चलन हाई रिस्क वाले नक्शे का है। इसमें छोटे साइज वाले भूखंड पर मकान का नक्शा पास कराया जाता है, जिनका क्षेत्रफल बिसवा में होता है। इसके बाद निवेश मित्रा केटेगरी का नक्शा पास हो रहा है। यह पूरी तरह कामर्शियल होता है। इसमें होटल, रेस्तरां, दुकान, माल, मैरेज हाल जैसे निर्माण किए जाते हैं। तीसरी केटेगरी लो रिस्क है। इसका चलन यहां न के बराबर है। इसमें बड़े भू- भाग शामिल होते हैं। जिनमें समूह में आवासीय नक्शे पास किए जाते हैं। अमूमन रियल स्टेट कारोबारियों द्वारा लो रिस्क के नक्शे बनवाए जाते हैं। यहां ऐसे कारोबारियों की संख्या नहीं है।
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जानिए, क्या है नक्शा पास कराने की प्रक्रिया
बीडीए से नक्शा पास कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके लिए आवास बंधु से पंजीकृत आर्किटेक्ट से पहले मिलना होगा। वह अपने लॉगिन से जमीन के स्वामित्व वाले दस्तावेज, तहसील, नगर पालिका, एसएलओ कार्यालय से प्राप्त एनओसी तथा शपथपत्र के साथ नक्शा तैयार कर ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसके बाद बीडीए के जेई तीन दिन के भीतर स्थलीय सत्यापन कर ऑनलाइन रिपोर्ट लगाते हैं। इसके बाद एक्सईएन इसे बीडीए सचिव को अग्रसारित करते है, वहां से यह आवेदन बीडीए उपाध्यक्ष यानी डीएम के लॉगिन में पहुंचता है। सबकुछ ठीक होने पर यहां से नक्शा स्वीकृत कर दिया जाता है।
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क्या है ग्रीन जोन
बीडीए ने ग्रीन जोन चिह्नित किया है। इसमें राजस्व अभिलेख में तालाब, पोखरे, जलाशय, चारागाह, चकमार्ग, बंजर भूमि, पार्क के नाम दर्ज भूखंड बीडीए के मानचित्र में ग्रीन जोन के रूप में चिह्नित हैं। इसके अलावा हाईवे के दोनों किनारों पर स्थित भूखंड और शहरी क्षेत्र में कुआनों नदी के 80 मीटर के रेंज में स्थित भूखंड भी ग्रीन जोन है। इन जगहों पर निर्माण प्रतिबंधित है।
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गनेशपुर नगर पंचायत भी मास्टर प्लान में शामिल
शहर से सटा क्षेत्र गनेशपुर नगर पंचायत भी मास्टर प्लान 2031 में शामिल कर लिया गया है। शासन से महायोजना 2031 को स्वीकृति मिलने के बाद गनेशपुर नगर पंचायत क्षेत्र में भी बीडीए पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। यहां भी मकान एवं सभी तरह के कामर्शियल निर्माण बीडीए से नक्शा पास कराने के बाद ही जायज होंगे।
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नक्शा पास कराने की प्रक्रिया बहुत आसान है। भूमि स्वामी को बीडीए कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। सबकुछ ऑनलाइन है। किसी भी स्तर पर आवेदन रोका नहीं जा सकता है। यह आटोमैटिक फारवर्ड होता रहता है। फिर प्रक्रिया पूरी न करने वाले अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जिस श्रेणी में नक्शा पास होता है उसी श्रेणी में उसमें कार्य हो सकेगा। मसलन घरेलू भवन में व्यवसायिक कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित है।
-कमलेश चंद्र, सचिव, बीडीए/ अपर जिलाधिकारी।
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शहर के बीडीए में किसी भी तरह के भवन निर्माण के लिए निर्धारित मानक को पूरा करते हुए नक्शा पास कराकर ही निर्माण किया जा सकता है। आवासीय भवनों और व्यावसायिक समेत अन्य तरह के प्रतिष्ठानों के निर्माण के लिए अलग- अलग मानक निर्धारित हैं। दो दशक से लोगों ने घरेलू भवन का तो नक्शा पास कराया, लेकिन उस भवन में अस्पताल, स्कूल, होटल व मैरेज हाल का संचालन शुरू कर दिया, जबकि नियमानुसार इन भवनों में सिर्फ दुकान का ही संचालन हो सकता है।
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बीडीए के अधिकारी अब व्यावसायिक भवन के निर्माण का नक्शा पास कराकर शहर में संचालित अस्पताल, स्कूल, होटल व मैरेज हाल समेत अन्य प्रतिष्ठानों को चिह्नित कर रहे हैं। नियमानुसार नक्शा पास नहीं होने के कारण व्यावसायिक भवनों में अग्निसुरक्षा की गारंटी नहीं है।
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बीडीए ने सर्वे के बाद रिपोर्ट के आधार पर 133 ऐसे लोगों को चिह्नित कर नोटिस भेजा है। यही नहीं पिछले एक साल में बीडीए ने 1200 लोगों को नोटिस भेजा है, जो बिना नक्शा पास कराए ही निर्माण करा लिए हैं।
हर प्रतिष्ठान के नक्शे के लिए हैं अलग-अलग मानक
बीडीए के क्षेत्र में व्यवसायिक भवन का नक्शा पास कराकर सिर्फ दुकान संचालित की जा सकती है। स्कूल, अस्पताल, होटल आदि के लिए अलग-अलग मानक हैं। मानक के अनुसार, स्कूल और अस्पताल तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने का रास्ता, परिसर में खुला स्थान, भवन में आग बुझाने के संयंत्र और आसपास पानी की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य है। इसके अलावा होटल एवं मैरिज हाल के निर्माण के लिए भी पर्याप्त खुला स्थान होने समेत स्वच्छता की पूर्ण व्यवस्था होना अनिवार्य है।
आवासीय भवन में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियां
शहर के तीन ऐसे लोगों को नोटिस दिया गया है, जो आवासीय भवन में ही मैरिज हाल का संचालन कर रहे हैं। इसी तरह आवासीय भवन का निर्माण कर 17 लोगों ने उसे व्यावसायिक स्वरूप दे दिया है और दुकानें एवं अन्य प्रतिष्ठान चला रहे हैं।
बिना मानक बने अस्पताल व स्कूल
शहर में कई अस्पताल और स्कूल बिना मानक के भवनों में संचालित है। जहां खुला स्थान और आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि कुछ अस्पताल एवं स्कूल मात्र कुछ कमरों में ही संचालित हैं और यहां तक फायरब्रिगेड के पहुंचने का सुगम रास्ता भी नहीं है। बिना मानक के संचालित स्कूल, अस्पताल और होटल में आग लगने अथवा भगदड़ जैसी आकस्मिक आपदाओं की स्थिति में बचाव कार्य संभव नहीं हो सकेगा।
आवासीय क्षेत्र से इतर हिस्से में नहीं पास करा सकेंगे घर का नक्शा
बीडीए की महायोजना 2031 में निर्धारित आवासीय क्षेत्र से हटकर दूसरे कार्य के लिए चिह्नित भूमि में घर बनवाने के लिए नक्शा पास नहीं करा सकेंगे। घर बनवाने को आवासीय क्षेत्र में नक्शा पास हो सकेगा। इसी तरह अन्य निर्धारित क्षेत्रों में भी दूसरे कार्य के लिए भवन का नक्शा पास नहीं हो सकेगा।
तीन केटेगरी में पास होता है नक्शा
बीडीए से तीन केटेगरी का नक्शा पास किया जाता है। यहां ज्यादा चलन हाई रिस्क वाले नक्शे का है। इसमें छोटे साइज वाले भूखंड पर मकान का नक्शा पास कराया जाता है, जिनका क्षेत्रफल बिसवा में होता है। इसके बाद निवेश मित्रा केटेगरी का नक्शा पास हो रहा है। यह पूरी तरह कामर्शियल होता है। इसमें होटल, रेस्तरां, दुकान, माल, मैरेज हाल जैसे निर्माण किए जाते हैं। तीसरी केटेगरी लो रिस्क है। इसका चलन यहां न के बराबर है। इसमें बड़े भू- भाग शामिल होते हैं। जिनमें समूह में आवासीय नक्शे पास किए जाते हैं। अमूमन रियल स्टेट कारोबारियों द्वारा लो रिस्क के नक्शे बनवाए जाते हैं। यहां ऐसे कारोबारियों की संख्या नहीं है।
जानिए, क्या है नक्शा पास कराने की प्रक्रिया
बीडीए से नक्शा पास कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके लिए आवास बंधु से पंजीकृत आर्किटेक्ट से पहले मिलना होगा। वह अपने लॉगिन से जमीन के स्वामित्व वाले दस्तावेज, तहसील, नगर पालिका, एसएलओ कार्यालय से प्राप्त एनओसी तथा शपथपत्र के साथ नक्शा तैयार कर ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसके बाद बीडीए के जेई तीन दिन के भीतर स्थलीय सत्यापन कर ऑनलाइन रिपोर्ट लगाते हैं। इसके बाद एक्सईएन इसे बीडीए सचिव को अग्रसारित करते है, वहां से यह आवेदन बीडीए उपाध्यक्ष यानी डीएम के लॉगिन में पहुंचता है। सबकुछ ठीक होने पर यहां से नक्शा स्वीकृत कर दिया जाता है।
क्या है ग्रीन जोन
बीडीए ने ग्रीन जोन चिह्नित किया है। इसमें राजस्व अभिलेख में तालाब, पोखरे, जलाशय, चारागाह, चकमार्ग, बंजर भूमि, पार्क के नाम दर्ज भूखंड बीडीए के मानचित्र में ग्रीन जोन के रूप में चिह्नित हैं। इसके अलावा हाईवे के दोनों किनारों पर स्थित भूखंड और शहरी क्षेत्र में कुआनों नदी के 80 मीटर के रेंज में स्थित भूखंड भी ग्रीन जोन है। इन जगहों पर निर्माण प्रतिबंधित है।
गनेशपुर नगर पंचायत भी मास्टर प्लान में शामिल
शहर से सटा क्षेत्र गनेशपुर नगर पंचायत भी मास्टर प्लान 2031 में शामिल कर लिया गया है। शासन से महायोजना 2031 को स्वीकृति मिलने के बाद गनेशपुर नगर पंचायत क्षेत्र में भी बीडीए पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। यहां भी मकान एवं सभी तरह के कामर्शियल निर्माण बीडीए से नक्शा पास कराने के बाद ही जायज होंगे।
नक्शा पास कराने की प्रक्रिया बहुत आसान है। भूमि स्वामी को बीडीए कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। सबकुछ ऑनलाइन है। किसी भी स्तर पर आवेदन रोका नहीं जा सकता है। यह आटोमैटिक फारवर्ड होता रहता है। फिर प्रक्रिया पूरी न करने वाले अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जिस श्रेणी में नक्शा पास होता है उसी श्रेणी में उसमें कार्य हो सकेगा। मसलन घरेलू भवन में व्यवसायिक कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित है।
-कमलेश चंद्र, सचिव, बीडीए/ अपर जिलाधिकारी।