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किसानों पर आंसू गैस छोड़ने के विरोध में कांग्रेसियों ने किया मार्च
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
- फोटो : BASTI
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किसानों पर आंसू गैस छोड़ने के विरोध में कांग्रेसियों ने किया मार्च
बस्ती। किसानों पर आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार छोड़ने, उन पर मुकदमा दर्ज करने सहित अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों, नेताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा के नेतृत्व में शास्त्री चौक से डीएम कार्यालय तक मार्च किया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी को राज्यपाल को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानूनों की समीक्षा करे और किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए उन पर लाठी चार्ज, दमन की जगह उनकी सुने। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून से अनाज मण्डी, सब्जी मण्डी यानि एपीएमसी को समाप्त करने से कृषि उपज खरीद व्यवस्था पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। इससे पूंजीपतियों को जहां लाभ पहुंचेगा वहीं किसान, मजदूरों की हालत और खराब हो जाएगी। वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में किसानों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन का संवैधानिक अधिकार है, केंद्र सरकार इसे भी छीन लेना चाहती है।
इस दौरान प्रेमशंकर द्विवेदी, विपिन राय, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’, विनोद रानी आहूजा, रामभवन शुक्ल, संदीप श्रीवास्तव, सचिन शुक्ल, प्रशांत कुमार पाण्डेय, सोमनाथ पाण्डेय, आलोक तिवारी ‘राजू’ बच्चूलाल गुप्ता, ज्ञान प्रकाश पांडेय, विकास वर्मा, पंकज द्विवेदी, मो. युसुफ अंसारी, रविन्द्र सिंह ‘राजन’ अनुराग पांडेय, महेंद्र श्रीवास्तव, गुड्डू सोनकर, दुर्गेश त्रिपाठी, मनोज कुमार तिवारी, सुनील चौधरी, अंकित कुमार, राहुल चौधरी, नवीन कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
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बस्ती। किसानों पर आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार छोड़ने, उन पर मुकदमा दर्ज करने सहित अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों, नेताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा के नेतृत्व में शास्त्री चौक से डीएम कार्यालय तक मार्च किया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी को राज्यपाल को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार तीन नए कृषि कानूनों की समीक्षा करे और किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए उन पर लाठी चार्ज, दमन की जगह उनकी सुने। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून से अनाज मण्डी, सब्जी मण्डी यानि एपीएमसी को समाप्त करने से कृषि उपज खरीद व्यवस्था पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। इससे पूंजीपतियों को जहां लाभ पहुंचेगा वहीं किसान, मजदूरों की हालत और खराब हो जाएगी। वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में किसानों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन का संवैधानिक अधिकार है, केंद्र सरकार इसे भी छीन लेना चाहती है।
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इस दौरान प्रेमशंकर द्विवेदी, विपिन राय, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’, विनोद रानी आहूजा, रामभवन शुक्ल, संदीप श्रीवास्तव, सचिन शुक्ल, प्रशांत कुमार पाण्डेय, सोमनाथ पाण्डेय, आलोक तिवारी ‘राजू’ बच्चूलाल गुप्ता, ज्ञान प्रकाश पांडेय, विकास वर्मा, पंकज द्विवेदी, मो. युसुफ अंसारी, रविन्द्र सिंह ‘राजन’ अनुराग पांडेय, महेंद्र श्रीवास्तव, गुड्डू सोनकर, दुर्गेश त्रिपाठी, मनोज कुमार तिवारी, सुनील चौधरी, अंकित कुमार, राहुल चौधरी, नवीन कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
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