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सूरज की लुका-छिपी, ठंड बरकरार
basti
Updated Mon, 08 Jan 2018 11:54 PM IST
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ठंड
- फोटो : amar ujala
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बस्ती/भानपुर।
दूसरे दिन भी सूरज निकला लेकिन बादलों से लुका-छिपी होती रही। धूप निकलने के बाद भी ठंडक कम नहीं हुई। ऊपर से 15 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवाओं ने कंपकंपी पैदा कर दी। बेहाल करने वाली ठंड से किसान, बुजुर्ग और बच्चे सभी परेशान हैं। मटर और आलू के फसलों को पाला लगने का खतरा मंडराने लगा है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का असर लोगों को सता रहा है। मौसम में गलन बरकरार है। अस्पतालों में खांसी और सांस की बीमारियों से जुडे़ मरीजों की संख्या बढ़ी है। भानपुर प्रतिनिधि के मुताबिक सामुदायिक अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में भारी भीड़ रही। मेडिकल अफसर डॉ विवेक विश्वास ने बताया कि ज्यादा संख्या में कुत्ता काटने के, खांसी और सांस संबंधी परेशानियों के मरीज आ रहे हैं। कहा कि ठंड से बचाव के लिए लोगों को शरीर को गर्म कपड़े से ढक कर रखना आवश्यक है। सांस के मरीजों को अलाव के धुएं से भी बचाव करना चाहिए। गुनगुने पानी का इस्तेमाल काफी फायदेमंद रहेगा।
रजाई-गद्दों की बिक्री बढ़ी
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही ठंड से रजाई-गद्दों की बिक्री और भराई के कारोबार में तेजी आ गई है। शहर से लेकर गांव तक लोग ठंड से बचने के लिए हर संभव जुगत करने में जुटे हैं। भानपुर कस्बे सहित नरखोरिया, दुबौली में रजाई-गद्दों की दुकानों पर सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। दुकानदारों का कहना है कि जहां 15 दिसंबर के पहले तक कुछ लोग ही आते थे, वहीं, ठंड बढ़ने के बाद संख्या काफी बढ़ी है।
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रिटायर्ड अफसर ने जलवाए अलाव
सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी ने अवाम को ठंड से बचाने के लिए कस्बे के मंदिर चौराहा, भानपुर तेनुआ, असनहरा पड़ाव और स्टेट बैंक के सामने सार्वजनिक अलाव की व्यवस्था कराई है। इन स्थलों पर यात्री सवारी वाहनों की प्रतीक्षा करते हैं। रिटायर्ड जिला लेखा परीक्षा अधिकारी रामराज सिंह कहते हैं कि लोगों को सिर्फ प्रशासन से ही सारी अपेक्षाएं नहीं रखनी चाहिए। समाज के सक्षम लोगों को भी मदद के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
बहादुरपुर में अलाव नहीं जला
बहादुरपुर प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। नगरबाजार, एकसड़ा, बहादुरपुर, कुसौरा, रौसिंहापार, पालनगर, राजकोट, पोखनी, पोखरा बाजार, बेईली, करहली, बभनियांव, खटौवांखुर्द, मदारपुर और भरवलिया के जनार्दन, विकास, कुसुम, कमलावती, तबसुम, सायरा बानो और अनीस अहमद सहित अन्य ने बताया कि प्रशासन और ग्राम पंचायतों की ओर से इससे पहले इन स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई थी मगर इस बार कोई व्यवस्था नहीं हुई, जिसे लेकर लोग परेशान हैं। कहते हैं कि ठंड से बचाव के लिए ग्रामीणों को जितनी व्यवस्था करनी थी, वह कर चुके हैं, अब उनके पास कोई साधन नहीं बचा। कहते हैं कि ब्लॉक और पंचायतें इस मामले में सबसे अधिक लापरवाही बरत रही है।
पांच डिग्री तापमान रहा तो पाला से फसल क्षति
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पिछले दस दिनों से पड़ रही शीतलहर से सिर्फ आमजन ही प्रभावित नहीं हो रहे हैं बल्कि इसका सबसे अधिक प्रभाव मटर, गेहूं और आलू की फसलों पर पड़ रहा है। रबी की फसलों के लिए पांच डिग्री का तापमान नुकसान पहुंचा सकता है।
कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. सतीश चंद पाठक कहते हैं कि अगर यही मौसम आने वाले एक हफ्ते तक रहा तो भारी नुकसान हो सकता है। फसलों को पाला लगने का खतरा समय रहते टाला जा सकता है। इसके लिए किसानों को कुछ उपाय करने होंगे। बताया कि जिले में 15 हजार से अधिक हेक्टेअर में मटर और आलू की फसलें लगी हैं। जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि सबसे अधिक नुकसान एक लाख 20 हेक्टेअर में बोई गई गेहूं की फसल को हो सकता है।
क्या करें उपाय
गेेहूं की फसल की किसान हल्की सी सिंचाई अवश्य करें। खेतों के किनारे आग लगाकर धुआं करें। आग की राख की छिड़काव करें। खाद का अधिक प्रयोग मत करें। संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किसान करें। एक एकड़ में दो सौ लीटर पानी में चार किलो यूरिया डालकर उसका छिड़काव करें। उसमें आधा किलो मैंकोजेब 75 फीसदी डब्लूपी अवश्य मिलाएं। इस तरह मटर और आलू के बचाव के लिए एक हजार लीटर पानी में दो किलो मैंकोजेब डालकर उसका छिड़काव करें।
डायट प्राचार्य और सहायक आयुक्त ने बंटे कंबल और स्वेटर
बस्ती। आदर्श प्राथमिक विद्यालय मूड़घाट बस्ती में हेडमास्टर डॉ. सर्वेष्ट मिश्र की पहल पर सोमवार को बच्चों के गरीब अभिभावकों को कंबल, स्वेटर और गर्म कपड़े वितरित किए गए। डायट प्राचार्य आरबीएस चौहान और वाणिज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त आलोक त्रिपाठी ने डेढ़ दर्जन गरीब परिवारों को स्कूल में तथा कुछ परिवारों को उनके घर जाकर गर्म कपड़े दिए। इस मौके पर दोनों ने कहा कि स्कूल के प्रधानाध्यापक के प्रयास का ही नतीजा है कि गरीबों के लिए कुछ किया जा सका। कहा कि इस तरह के कार्य सभी को करने चाहिए। सभी ने इसके लिए स्कूल के हेडमास्टर की प्रशंसा की। इस अवसर पर राजेंद्र प्रसाद, हरिश्चंद्र, एसएमसी अध्यक्ष मैनावती देवी, सोनू वर्मा, विभा चाहर, शैल यादव, साजिदा, एकता, राजमणि यादव, आरती देवी सहित अन्य अभिभावक मौजूद रहे।
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दूसरे दिन भी सूरज निकला लेकिन बादलों से लुका-छिपी होती रही। धूप निकलने के बाद भी ठंडक कम नहीं हुई। ऊपर से 15 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवाओं ने कंपकंपी पैदा कर दी। बेहाल करने वाली ठंड से किसान, बुजुर्ग और बच्चे सभी परेशान हैं। मटर और आलू के फसलों को पाला लगने का खतरा मंडराने लगा है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का असर लोगों को सता रहा है। मौसम में गलन बरकरार है। अस्पतालों में खांसी और सांस की बीमारियों से जुडे़ मरीजों की संख्या बढ़ी है। भानपुर प्रतिनिधि के मुताबिक सामुदायिक अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में भारी भीड़ रही। मेडिकल अफसर डॉ विवेक विश्वास ने बताया कि ज्यादा संख्या में कुत्ता काटने के, खांसी और सांस संबंधी परेशानियों के मरीज आ रहे हैं। कहा कि ठंड से बचाव के लिए लोगों को शरीर को गर्म कपड़े से ढक कर रखना आवश्यक है। सांस के मरीजों को अलाव के धुएं से भी बचाव करना चाहिए। गुनगुने पानी का इस्तेमाल काफी फायदेमंद रहेगा।
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रजाई-गद्दों की बिक्री बढ़ी
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही ठंड से रजाई-गद्दों की बिक्री और भराई के कारोबार में तेजी आ गई है। शहर से लेकर गांव तक लोग ठंड से बचने के लिए हर संभव जुगत करने में जुटे हैं। भानपुर कस्बे सहित नरखोरिया, दुबौली में रजाई-गद्दों की दुकानों पर सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। दुकानदारों का कहना है कि जहां 15 दिसंबर के पहले तक कुछ लोग ही आते थे, वहीं, ठंड बढ़ने के बाद संख्या काफी बढ़ी है।
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रिटायर्ड अफसर ने जलवाए अलाव
सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी ने अवाम को ठंड से बचाने के लिए कस्बे के मंदिर चौराहा, भानपुर तेनुआ, असनहरा पड़ाव और स्टेट बैंक के सामने सार्वजनिक अलाव की व्यवस्था कराई है। इन स्थलों पर यात्री सवारी वाहनों की प्रतीक्षा करते हैं। रिटायर्ड जिला लेखा परीक्षा अधिकारी रामराज सिंह कहते हैं कि लोगों को सिर्फ प्रशासन से ही सारी अपेक्षाएं नहीं रखनी चाहिए। समाज के सक्षम लोगों को भी मदद के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
बहादुरपुर में अलाव नहीं जला
बहादुरपुर प्रतिनिधि के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। नगरबाजार, एकसड़ा, बहादुरपुर, कुसौरा, रौसिंहापार, पालनगर, राजकोट, पोखनी, पोखरा बाजार, बेईली, करहली, बभनियांव, खटौवांखुर्द, मदारपुर और भरवलिया के जनार्दन, विकास, कुसुम, कमलावती, तबसुम, सायरा बानो और अनीस अहमद सहित अन्य ने बताया कि प्रशासन और ग्राम पंचायतों की ओर से इससे पहले इन स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की गई थी मगर इस बार कोई व्यवस्था नहीं हुई, जिसे लेकर लोग परेशान हैं। कहते हैं कि ठंड से बचाव के लिए ग्रामीणों को जितनी व्यवस्था करनी थी, वह कर चुके हैं, अब उनके पास कोई साधन नहीं बचा। कहते हैं कि ब्लॉक और पंचायतें इस मामले में सबसे अधिक लापरवाही बरत रही है।
पांच डिग्री तापमान रहा तो पाला से फसल क्षति
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पिछले दस दिनों से पड़ रही शीतलहर से सिर्फ आमजन ही प्रभावित नहीं हो रहे हैं बल्कि इसका सबसे अधिक प्रभाव मटर, गेहूं और आलू की फसलों पर पड़ रहा है। रबी की फसलों के लिए पांच डिग्री का तापमान नुकसान पहुंचा सकता है।
कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. सतीश चंद पाठक कहते हैं कि अगर यही मौसम आने वाले एक हफ्ते तक रहा तो भारी नुकसान हो सकता है। फसलों को पाला लगने का खतरा समय रहते टाला जा सकता है। इसके लिए किसानों को कुछ उपाय करने होंगे। बताया कि जिले में 15 हजार से अधिक हेक्टेअर में मटर और आलू की फसलें लगी हैं। जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि सबसे अधिक नुकसान एक लाख 20 हेक्टेअर में बोई गई गेहूं की फसल को हो सकता है।
क्या करें उपाय
गेेहूं की फसल की किसान हल्की सी सिंचाई अवश्य करें। खेतों के किनारे आग लगाकर धुआं करें। आग की राख की छिड़काव करें। खाद का अधिक प्रयोग मत करें। संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग किसान करें। एक एकड़ में दो सौ लीटर पानी में चार किलो यूरिया डालकर उसका छिड़काव करें। उसमें आधा किलो मैंकोजेब 75 फीसदी डब्लूपी अवश्य मिलाएं। इस तरह मटर और आलू के बचाव के लिए एक हजार लीटर पानी में दो किलो मैंकोजेब डालकर उसका छिड़काव करें।
डायट प्राचार्य और सहायक आयुक्त ने बंटे कंबल और स्वेटर
बस्ती। आदर्श प्राथमिक विद्यालय मूड़घाट बस्ती में हेडमास्टर डॉ. सर्वेष्ट मिश्र की पहल पर सोमवार को बच्चों के गरीब अभिभावकों को कंबल, स्वेटर और गर्म कपड़े वितरित किए गए। डायट प्राचार्य आरबीएस चौहान और वाणिज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त आलोक त्रिपाठी ने डेढ़ दर्जन गरीब परिवारों को स्कूल में तथा कुछ परिवारों को उनके घर जाकर गर्म कपड़े दिए। इस मौके पर दोनों ने कहा कि स्कूल के प्रधानाध्यापक के प्रयास का ही नतीजा है कि गरीबों के लिए कुछ किया जा सका। कहा कि इस तरह के कार्य सभी को करने चाहिए। सभी ने इसके लिए स्कूल के हेडमास्टर की प्रशंसा की। इस अवसर पर राजेंद्र प्रसाद, हरिश्चंद्र, एसएमसी अध्यक्ष मैनावती देवी, सोनू वर्मा, विभा चाहर, शैल यादव, साजिदा, एकता, राजमणि यादव, आरती देवी सहित अन्य अभिभावक मौजूद रहे।