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Basti News: प्ले वे स्कूलों की तर्ज पर संचालित होंगे को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र

Thu, 05 Sep 2024 02:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2024 02:58 AM IST
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Co-located Anganwadi centers will be operated on the lines of Play Way schools.
769 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पढ़ाएंगे स्पेशल एजुकेटर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिषदीय स्कूलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में अब केवल आहार ही नहीं मिलेगा, बल्कि यह केंद्र प्ले वे स्कूलों की तर्ज पर चलेंगे। इनमें तीन से 6 वर्ष तक के बच्चों को औपचारिक शिक्षा देकर प्री प्राइमरी के लिए तैयार किया जाएगा। बच्चों को सिखाने और पढ़ाने के लिए जिले के 769 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर शीघ्र एजुकेटर नियुक्त किए जाएंगे। इसकी अधिसूचना शासन से जारी हो गई है।
जिले में 2206 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। बड़ी संख्या में इन स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। इन्हें को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र का नाम दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत छह से कम आयु के बच्चों को कक्षा एक में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे सभी बच्चों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में औपचारिक शिक्षा देने की योजना है। पहले चरण में 179 केंद्रों में संविदा आउटसोर्सिंग बाल्यावस्था की देखभाल व शिक्षा के लिए एजुकेटर रखे जाएंगे। उसके बाद सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति होगी।
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वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका ही इन केंद्रों पर बच्चों की देखभाल करती हैं। स्पेशल एजुकेटर के लिए वह व्यक्ति पात्र होंगे जिन्होंने स्नातक गृह विज्ञान की परीक्षा न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की हो या नर्सरी अध्यापक का शिक्षा एनटीटी-सीटीटी नर्सरी योग्यता हो।
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एजुकेटर के कार्य
बच्चों को प्री-प्राइमरी शिक्षा देने के लिए केंद्रों में टीचर्स लर्निंग मेटेरियल उपलब्ध है। एजुकेटर का कार्य बच्चों को सिखाते हुए पढ़ाना है। बच्चों के विकास के लिए रंग, आकार, ध्वनि, वास्तु, वातावरण, पेड़ पौधे, पक्षी, जानवरों आदि से संबंधित गतिविधियां कराएंगे। खेल, नाटक, पिकनिक, क्षेत्र भ्रमण, संगीत, हाथ के कार्य कराएंगे। अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें भी बच्चों को सिखाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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कोट
स्पेशल एजुकेटर के माध्यम से बच्चों को प्री-प्राइमरी शिक्षा आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिल जाएगी। उन्हें स्कूल जाने की आवश्यकता नहीं होगी। छह वर्ष की आयु होने पर उसी स्कूल में कक्षा एक में प्रवेश कर दिया जाएगा।
अनूप कुमार, बीएसए
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