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बस्ती: आउट सोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल से ठप हुई नगर की सफाई व्यवस्था
Thu, 16 Feb 2023 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 16 Feb 2023 12:04 AM IST
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नगर पलिका कार्यालय पर सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगो को लेकर दिया धरना।
नौ माह से मानदेय नहीं मिलने पर जताई नाराजगी, नहीं उठा गली-मोहल्ले का कूड़ा-करकट
सफाई, विद्युत, जल कल व वाहन विभाग में तैनात हैं 256 कर्मी
समर्थन में उतरे संविदा व स्थायी सफाई कर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नौ माह से मानदेय नहीं मिलने पर बुधवार को आउट सोर्सिंग कर्मियों के सब्र का बांध टूट गया। हड़ताल कर कर्मियों ने विरोध जताया। इससे नगर के हर चौराहे व गली मोहल्ले में कूड़ा करकट नहीं उठ सका। हड़ताल की वजह से नगर क्षेत्र में सुबह पानी की आपूर्ति भी नहीं हो सकी। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि जलकल के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने कहा कि वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, मगर शहरियों के लिए सुबह व शाम दो-दो घंटे जलापूर्ति करेंगे। नगर पालिका के सफाई, पथ प्रकाश, जलकल व वाहन अनुभाग में 256 आउट सोर्सिंग कर्मियों से काम चलाया जा रहा है। इन कर्मियों का नौ माह का मानदेय नहीं मिला है। इससे नाराज कर्मियों ने बृहस्पतिवार को आंदोलन शुरू कर दिया। कूड़ा हटाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सभी वाहनों के पहिये थम गए।
इसका परिणाम यह रहा कि शहर के मुख्य बाजार गांधी नगर, रौता चौराहा, कंपनी बाग, पुरानी बस्ती के पांडेय बाजार, सुर्ती हट्टा, मछली मंडी सहित 25 वार्ड में सफाई नहीं हो सकी। शहर के बैरिहवां चौराहे व शास्त्री चौक के निकट एकत्रित कूड़े से सड़ांध उठने लगी। लोग इसी रास्ते से आ जा रहे हैं।
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सभी वाहनों का पहिये थमे
नगर पालिका के सभी आउट सोर्सिंग कर्मियों के समर्थन में बृहस्पतिवार को स्थायी व संविदाकर्मी आंदोलन में उतर गए। यहां पालिका परिसर में सुबह दस बजे से कर्मियों ने धरना शुरू कर दिया। कर्मियों का आरोप है कि पालिका के जिम्मेदार अधिकारी 9 माह से मानदेय नहीं दे रहे हैं, जिससे उनका परिवार परेशानी में पड़ गया है। ठंडक, गर्मी, बारिश झेलकर वे अपने दायित्वों का ईमानदारी व निष्ठा से निर्वहन करते हैं। बावजूद इसके उनके दर्द को समझने वाला कोई नहीं है। कर्मियों ने प्रशासन को पांच सूत्री ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में आउट सोर्सिंग कर्मियों के 09 माह का वेतन तत्काल देने, हर माह की 07 से 10 तारीख बीच मानदेय भुगतान करने, पीपीएफ की धनराशि हर माह खाते में स्थानांतरित करने, मानदेय वृद्धि करने, पथ प्रकाश व जलकल कर्मियों लॉगबुक व सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की मांग रखी है। इस मौके पर दीपक कुमार, राकेश कुमार गुप्त, गोविंद कुमार, राजेश कुमार चौरसिया, शिवनाथ, पवन कुमार, मनोज, चंद्रदत्त तिवारी आदि मौजूद रहे।
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एक माह का मानदेय मिलेगा
नगर पालिका परिषद के ईओ दुर्गेश्वर दत्त तिवारी ने कहा कि आउट सोर्सिंग कर्मियों से बातचीत की जा रही है। एक माह का मानदेय उनके खाते में भेजा जा रहा है। उनकी मांगों को लेकर प्रशासन से वार्ता की गई है। संभव है कि देर रात तक बात बन जाए। यदि वार्ता असफल रहेगी तो सफाई व्यवस्था के लिए स्थायी व संविदा कर्मियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इनकी संख्या करीब दो सौ के आसपास है।
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सफाई, विद्युत, जल कल व वाहन विभाग में तैनात हैं 256 कर्मी
समर्थन में उतरे संविदा व स्थायी सफाई कर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नौ माह से मानदेय नहीं मिलने पर बुधवार को आउट सोर्सिंग कर्मियों के सब्र का बांध टूट गया। हड़ताल कर कर्मियों ने विरोध जताया। इससे नगर के हर चौराहे व गली मोहल्ले में कूड़ा करकट नहीं उठ सका। हड़ताल की वजह से नगर क्षेत्र में सुबह पानी की आपूर्ति भी नहीं हो सकी। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि जलकल के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने कहा कि वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, मगर शहरियों के लिए सुबह व शाम दो-दो घंटे जलापूर्ति करेंगे। नगर पालिका के सफाई, पथ प्रकाश, जलकल व वाहन अनुभाग में 256 आउट सोर्सिंग कर्मियों से काम चलाया जा रहा है। इन कर्मियों का नौ माह का मानदेय नहीं मिला है। इससे नाराज कर्मियों ने बृहस्पतिवार को आंदोलन शुरू कर दिया। कूड़ा हटाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सभी वाहनों के पहिये थम गए।
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इसका परिणाम यह रहा कि शहर के मुख्य बाजार गांधी नगर, रौता चौराहा, कंपनी बाग, पुरानी बस्ती के पांडेय बाजार, सुर्ती हट्टा, मछली मंडी सहित 25 वार्ड में सफाई नहीं हो सकी। शहर के बैरिहवां चौराहे व शास्त्री चौक के निकट एकत्रित कूड़े से सड़ांध उठने लगी। लोग इसी रास्ते से आ जा रहे हैं।
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सभी वाहनों का पहिये थमे
नगर पालिका के सभी आउट सोर्सिंग कर्मियों के समर्थन में बृहस्पतिवार को स्थायी व संविदाकर्मी आंदोलन में उतर गए। यहां पालिका परिसर में सुबह दस बजे से कर्मियों ने धरना शुरू कर दिया। कर्मियों का आरोप है कि पालिका के जिम्मेदार अधिकारी 9 माह से मानदेय नहीं दे रहे हैं, जिससे उनका परिवार परेशानी में पड़ गया है। ठंडक, गर्मी, बारिश झेलकर वे अपने दायित्वों का ईमानदारी व निष्ठा से निर्वहन करते हैं। बावजूद इसके उनके दर्द को समझने वाला कोई नहीं है। कर्मियों ने प्रशासन को पांच सूत्री ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में आउट सोर्सिंग कर्मियों के 09 माह का वेतन तत्काल देने, हर माह की 07 से 10 तारीख बीच मानदेय भुगतान करने, पीपीएफ की धनराशि हर माह खाते में स्थानांतरित करने, मानदेय वृद्धि करने, पथ प्रकाश व जलकल कर्मियों लॉगबुक व सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की मांग रखी है। इस मौके पर दीपक कुमार, राकेश कुमार गुप्त, गोविंद कुमार, राजेश कुमार चौरसिया, शिवनाथ, पवन कुमार, मनोज, चंद्रदत्त तिवारी आदि मौजूद रहे।
एक माह का मानदेय मिलेगा
नगर पालिका परिषद के ईओ दुर्गेश्वर दत्त तिवारी ने कहा कि आउट सोर्सिंग कर्मियों से बातचीत की जा रही है। एक माह का मानदेय उनके खाते में भेजा जा रहा है। उनकी मांगों को लेकर प्रशासन से वार्ता की गई है। संभव है कि देर रात तक बात बन जाए। यदि वार्ता असफल रहेगी तो सफाई व्यवस्था के लिए स्थायी व संविदा कर्मियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इनकी संख्या करीब दो सौ के आसपास है।