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धूमधाम और परंपरागत ढंग से मनाया गया क्रिसमस डे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2015 12:33 AM IST
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बस्ती। प्रभु ईसा मसीह का जन्म दिन शुक्रवार को हर्षोल्लास और परपंरागत ढंग
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से मनाया गया। कचेहरी स्थित सेंट जेम्स चर्च और पुराना डाकखाना मुहल्ले के
निकट स्थित सेंट बेसिल्स चर्च में प्रार्थना सभा की गई। फादर ने यीशु का
संदेश पढ़कर सुनाया और अनुयायिओं को उनके मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया।
शुक्रवार को क्रिसमस डे पर ईसाई समुदाय के लोगों ने केक काटा, जिंगल बेल जिंगल बेल गीत गाए और एक दूसरे को यीशु के जन्म दिन की बधाई दी। ईसाई समुदाय के लोगों ने अपने घरों को आकर्षक ढंग से से बिजली के झालरों से सजाया। मीठे मीठे पकवान बनाए। अपने दोस्तों और परिचितों के बीच प्रभु ईसा मसीह का जन्म दिन मनाया।
उन्हे केक और मिठाईयां खिलाई। इससे पहले आकर्षक ढंग से सजाए गए सेंट जेम्स चर्च और सेंट बेसिल्स चर्च में सुबह विशेष प्रार्थना सभा की गई। फादर एम मसीह और फादर बेनी पोल ने अनुयायियों को प्रभु यीशु के जन्म और उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं को बताया। कहा कि उनका जन्म मानव कल्याण के लिए हुआ था।
पाप और बुराई की दांसता में फसी मान जाति को मुक्ति दिलाने के लिए प्रभु ईसा मसीह का जन्म हुआ। प्रेम, शांति, सेवा भाव, मेल मिलाप, क्षमा आदि सद्गुणों से सुसज्जित यीशु ने लोगों को सच्चा और मुक्ति का मार्ग दिखाया। क्रिसमस का पर्व सुख और शांति का संदेश देने वाला है।
ईश्वर ने यीशु को धरा पर भेजकर इंसान को सच्चाई रास्ता दिखाया। एक दूसरे से प्रेम और भाईचारा निभाने के लिए प्रेरित किया। फादर ने लोगों से बुराइयों को दूर कर ईश्वर की ओर से दिखाए गए सन्मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया।
शुक्रवार को क्रिसमस डे पर ईसाई समुदाय के लोगों ने केक काटा, जिंगल बेल जिंगल बेल गीत गाए और एक दूसरे को यीशु के जन्म दिन की बधाई दी। ईसाई समुदाय के लोगों ने अपने घरों को आकर्षक ढंग से से बिजली के झालरों से सजाया। मीठे मीठे पकवान बनाए। अपने दोस्तों और परिचितों के बीच प्रभु ईसा मसीह का जन्म दिन मनाया।
उन्हे केक और मिठाईयां खिलाई। इससे पहले आकर्षक ढंग से सजाए गए सेंट जेम्स चर्च और सेंट बेसिल्स चर्च में सुबह विशेष प्रार्थना सभा की गई। फादर एम मसीह और फादर बेनी पोल ने अनुयायियों को प्रभु यीशु के जन्म और उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं को बताया। कहा कि उनका जन्म मानव कल्याण के लिए हुआ था।
पाप और बुराई की दांसता में फसी मान जाति को मुक्ति दिलाने के लिए प्रभु ईसा मसीह का जन्म हुआ। प्रेम, शांति, सेवा भाव, मेल मिलाप, क्षमा आदि सद्गुणों से सुसज्जित यीशु ने लोगों को सच्चा और मुक्ति का मार्ग दिखाया। क्रिसमस का पर्व सुख और शांति का संदेश देने वाला है।
ईश्वर ने यीशु को धरा पर भेजकर इंसान को सच्चाई रास्ता दिखाया। एक दूसरे से प्रेम और भाईचारा निभाने के लिए प्रेरित किया। फादर ने लोगों से बुराइयों को दूर कर ईश्वर की ओर से दिखाए गए सन्मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया।