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Basti News: मवेशियों के बांझपन के शर्तिया इलाज के नाम पर हजारों की ठगी
Wed, 01 Jan 2025 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 01 Jan 2025 11:28 PM IST
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खुद को पशुपालन विभाग का कर्मी बताकर वसूली करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। क्षेत्र के पशुपालक नए प्रकार की ठगी का शिकार बन रहे है। ठग पशुओं में बांझपन का शर्तिया इलाज व चरनी घारी बनवाने की योजना का लाभ दिलाने के नाम पर हजारों रुपये लेकर चंपत हो जा रहे हैं। इनके कारनामे से पशुपालन विभाग की बदनामी हो रही है। साथ ही, विभागीय कर्मी भी परेशान हैं।
पशु पालकों का आरोप है कि इन दिनों पशुपालन विभाग लिखी बाइक से एक व्यक्ति गांव-गांव जाकर पशुओं के बांझपन का शर्तिया इलाज करने का दावा कर लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर रहा है। ऐसे ठगों के निशाने पर गरीब और अशिक्षित लोगों की बस्तियां हैं।
ताजा मामला बड़गाएं गांव निवासी नंद कुमार नंदू से जुड़ा है। पीड़ित ने बताया कि उसकी भैंस सीमन दिए जाने के बाद भी गर्भ धारण नहीं कर रही थी। वह कई बार पशु अस्पताल में भी इलाज के लिए संपर्क कर चुका था। उसने बताया कि चार-पांच दिन पहले गांव में एक व्यक्ति बाइक से पहुंचा और खुद को पशुपालन विभाग का चिकित्सक बताकर शर्तिया इलाज की बात करते हुए झांसे में ले लिया। अपनी बातों में फंसाते हुए प्रलोभन दिया कि वह सरकार से घारी व चरनी भी मंंजूरी कराकर लाभ दिलाएगा। कथित चिकित्सक ने भैंस को चार इंजेक्शन लगाए और कहा कि इलाज पूरा हो गया है और यह शर्तिया बच्चा देगी।
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जब पीड़ित ने इलाज का खर्च पूछा तो पांच हजार रुपये की मांग की गई। नंदू ने बताया कि अनुनय-विनय के बाद ठग ने चार हजार लिए। कथित चिकित्सक ने न तो कोई दवा पर्ची दी और न ही अपना मोबाइल नंबर दिया। उसकी बाइक पर नंबर प्लेट भी नहीं है। ठग द्वारा भदावल, भानपुर बेलाडे़ सहित आसपास के कई गावों में इस प्रकार की घटना अंजाम देकर लोगों को ठगा गया है। कई पशुपालक कथित चिकित्सक के बारे में जब अस्पताल पर जानकारी के लिए पहुंचे तब उन्हें असलियत पता चला। अस्पताल के कर्मियों ने एक फोटो भी दिखाई जो उसी व्यक्ति का है।
मौजूद चिकित्सक ने पीड़ित से कहा कि वह खुद भी परेशान है कि वह कौन है जो विभाग को बदनाम कर रहा है। इस संबंध में छावनी पशु अस्पताल के चिकित्सक एसपी यादव ने बताया कि इसकी जानकारी उन्हें भी मिली है। कथित चिकित्सक का विभाग से कोई लेना-देना नहीं है।
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हर्रैया। क्षेत्र के पशुपालक नए प्रकार की ठगी का शिकार बन रहे है। ठग पशुओं में बांझपन का शर्तिया इलाज व चरनी घारी बनवाने की योजना का लाभ दिलाने के नाम पर हजारों रुपये लेकर चंपत हो जा रहे हैं। इनके कारनामे से पशुपालन विभाग की बदनामी हो रही है। साथ ही, विभागीय कर्मी भी परेशान हैं।
पशु पालकों का आरोप है कि इन दिनों पशुपालन विभाग लिखी बाइक से एक व्यक्ति गांव-गांव जाकर पशुओं के बांझपन का शर्तिया इलाज करने का दावा कर लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर रहा है। ऐसे ठगों के निशाने पर गरीब और अशिक्षित लोगों की बस्तियां हैं।
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ताजा मामला बड़गाएं गांव निवासी नंद कुमार नंदू से जुड़ा है। पीड़ित ने बताया कि उसकी भैंस सीमन दिए जाने के बाद भी गर्भ धारण नहीं कर रही थी। वह कई बार पशु अस्पताल में भी इलाज के लिए संपर्क कर चुका था। उसने बताया कि चार-पांच दिन पहले गांव में एक व्यक्ति बाइक से पहुंचा और खुद को पशुपालन विभाग का चिकित्सक बताकर शर्तिया इलाज की बात करते हुए झांसे में ले लिया। अपनी बातों में फंसाते हुए प्रलोभन दिया कि वह सरकार से घारी व चरनी भी मंंजूरी कराकर लाभ दिलाएगा। कथित चिकित्सक ने भैंस को चार इंजेक्शन लगाए और कहा कि इलाज पूरा हो गया है और यह शर्तिया बच्चा देगी।
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जब पीड़ित ने इलाज का खर्च पूछा तो पांच हजार रुपये की मांग की गई। नंदू ने बताया कि अनुनय-विनय के बाद ठग ने चार हजार लिए। कथित चिकित्सक ने न तो कोई दवा पर्ची दी और न ही अपना मोबाइल नंबर दिया। उसकी बाइक पर नंबर प्लेट भी नहीं है। ठग द्वारा भदावल, भानपुर बेलाडे़ सहित आसपास के कई गावों में इस प्रकार की घटना अंजाम देकर लोगों को ठगा गया है। कई पशुपालक कथित चिकित्सक के बारे में जब अस्पताल पर जानकारी के लिए पहुंचे तब उन्हें असलियत पता चला। अस्पताल के कर्मियों ने एक फोटो भी दिखाई जो उसी व्यक्ति का है।
मौजूद चिकित्सक ने पीड़ित से कहा कि वह खुद भी परेशान है कि वह कौन है जो विभाग को बदनाम कर रहा है। इस संबंध में छावनी पशु अस्पताल के चिकित्सक एसपी यादव ने बताया कि इसकी जानकारी उन्हें भी मिली है। कथित चिकित्सक का विभाग से कोई लेना-देना नहीं है।