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संकल्पों के साथ मनाया मातृत्व दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2016 12:22 AM IST
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किडजी स्कूल में मदर्स डे की पूर्व संध्या पर बच्चों ने कार्ड बनाए।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। मातृत्व दिवस का पर्व ग्रीन वैली एकेडमी अपरासिटी में संकल्पों के साथ शनिवार को मनाया गया। विद्यार्थियों ने भावनाओं को कार्ड में उकेरा जिसमें उनके कोमल मन का समर्पण झलक रहा था।
एकेडमी निदेशक डॉ.अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि मां को ही सर्वस्व माना गया है। दुनिया के अनेक देशों में मातृत्व दिवस उल्लास के साथ मनाया जाता है। कहा कि मां से प्राप्त संस्कार और स्नेह युगों तक स्थायी होते हैं। जब मां बूढ़ी हो जाए तो उसके आदर में कोई कमी न रखे और श्रवण कुमार की तरह माता पिता की सेवा करें। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता भी हुई।
प्रधानाचार्य संध्या सिंह ने बच्चों को मां की ममता और समर्पण को समझाया। प्रखर उपाध्याय, विदुषी त्रिपाठी, आदित्य वर्मा, रघुराज प्रताप सिंह, अंजली पाल, अनामिका मिश्रा, अमून यादव, कु. इशिता, प्रतीक त्रिपाठी, सिद्धार्थ राय, दिव्यांशी त्रिपाठी, गौरव सिंह आदि ने हिस्सा लिया। बच्चों को पुरस्कार देकर उत्साहित किया गया। बचपन ए प्ले स्कूल में केक काटा गया। प्रबंधक शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि संसार में मां का दर्जा सबसे ऊंचा है। आज जब सामाजिक विसंगतियां बढ़ी तो बूढे मां बाप बोझ लगने लगे। ऐसे समय में मातृत्व दिवस की महत्ता और बढ़ जाती है नन्हें मुन्ने छात्रों ने माता के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।
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प्रधानाचार्य निवेदिता मिश्र ने मातृत्व दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि मां अपने बच्चों की रक्षा और विकास के लिये अपना सर्वस्व प्रसन्नता से न्यौछावर कर देती है। अंकिता श्रीवास्तव, सुषमा मिश्रा, कनीज फातिमा, सुमन, जया, शिखा पाण्डेय, पूनम पाण्डेय, अनू पाण्डेय के साथ ही विद्यालय परिवार के कानन श्रीवास्तव, पूर्णिमा श्रीवास्तव, कुमकुम चौधरी, श्वेता सिंह, प्रिया पाण्डेय, श्वेता उपाध्याय आदि ने हिस्सा लिया।
किड्जी एंव फिनिक्स में प्रबंधक डॉ. विनायक जायसवाल ने कहा कि ईश्वर एक ही समय पर सभी जगहों पर नहीं पहुंच सकता, इसलिए उसने मां को बनाया है। मां शब्द अपने आप में खुद ही सृष्टि है, जिसका वर्णन शब्दों में करना संभव नहीं है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने माताओं के लिए आकर्षक ग्रीटिंग कार्ड बनाई। सांस्कृतिक हुए। आदित्यवर्धन जायसवाल, आस्था श्रीवास्तवा, आदित्य मौय, शालिनी, स्ट्रैगलीन, सूर्यांश, कौशिक, आन्या आदि का विशेष योगदान रहा।
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एकेडमी निदेशक डॉ.अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि मां को ही सर्वस्व माना गया है। दुनिया के अनेक देशों में मातृत्व दिवस उल्लास के साथ मनाया जाता है। कहा कि मां से प्राप्त संस्कार और स्नेह युगों तक स्थायी होते हैं। जब मां बूढ़ी हो जाए तो उसके आदर में कोई कमी न रखे और श्रवण कुमार की तरह माता पिता की सेवा करें। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता भी हुई।
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प्रधानाचार्य संध्या सिंह ने बच्चों को मां की ममता और समर्पण को समझाया। प्रखर उपाध्याय, विदुषी त्रिपाठी, आदित्य वर्मा, रघुराज प्रताप सिंह, अंजली पाल, अनामिका मिश्रा, अमून यादव, कु. इशिता, प्रतीक त्रिपाठी, सिद्धार्थ राय, दिव्यांशी त्रिपाठी, गौरव सिंह आदि ने हिस्सा लिया। बच्चों को पुरस्कार देकर उत्साहित किया गया। बचपन ए प्ले स्कूल में केक काटा गया। प्रबंधक शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि संसार में मां का दर्जा सबसे ऊंचा है। आज जब सामाजिक विसंगतियां बढ़ी तो बूढे मां बाप बोझ लगने लगे। ऐसे समय में मातृत्व दिवस की महत्ता और बढ़ जाती है नन्हें मुन्ने छात्रों ने माता के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।
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प्रधानाचार्य निवेदिता मिश्र ने मातृत्व दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि मां अपने बच्चों की रक्षा और विकास के लिये अपना सर्वस्व प्रसन्नता से न्यौछावर कर देती है। अंकिता श्रीवास्तव, सुषमा मिश्रा, कनीज फातिमा, सुमन, जया, शिखा पाण्डेय, पूनम पाण्डेय, अनू पाण्डेय के साथ ही विद्यालय परिवार के कानन श्रीवास्तव, पूर्णिमा श्रीवास्तव, कुमकुम चौधरी, श्वेता सिंह, प्रिया पाण्डेय, श्वेता उपाध्याय आदि ने हिस्सा लिया।
किड्जी एंव फिनिक्स में प्रबंधक डॉ. विनायक जायसवाल ने कहा कि ईश्वर एक ही समय पर सभी जगहों पर नहीं पहुंच सकता, इसलिए उसने मां को बनाया है। मां शब्द अपने आप में खुद ही सृष्टि है, जिसका वर्णन शब्दों में करना संभव नहीं है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने माताओं के लिए आकर्षक ग्रीटिंग कार्ड बनाई। सांस्कृतिक हुए। आदित्यवर्धन जायसवाल, आस्था श्रीवास्तवा, आदित्य मौय, शालिनी, स्ट्रैगलीन, सूर्यांश, कौशिक, आन्या आदि का विशेष योगदान रहा।