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Basti News: प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक पर दर्ज होगा गबन का मुकदमा
Sat, 07 Jan 2023 10:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Jan 2023 10:20 AM IST
सार
अधिवक्ता ने न्यायाधीश अमित मिश्रा को बताया कि शिकायतकर्ता लक्ष्मीकांत व उनकी पत्नी उमादेवी मनरेगा में मजदूरी करके जीवन यापन करती हैं। गांव के प्रधान रामादेवी, सचिव और रोजगार सेवक मिलकर साजिश के तहत मस्टररोल पर शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी की 84 दिन की फर्जी उपस्थिति भरकर अज्ञात व्यक्ति के बैंक खाते में भुगतान ले लिया।
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एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मनरेगा जॉब कार्ड पर गलत तरीके से भुगतान के मामले में एसीजेएम (प्रथम) की अदालत ने प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज करने का आदेश गौर पुलिस को दिया। गौर थाना क्षेत्र के सरदहा शुक्ल गांव निवासी लक्ष्मी कांत शुक्ला ने अधिवक्ता जितेंद्र कुमार मिश्रा के माध्यम से एसीजेएम (प्रथम) की अदालत में अर्जी दाखिल किया था।
अधिवक्ता ने न्यायाधीश अमित मिश्रा को बताया कि शिकायतकर्ता लक्ष्मीकांत व उनकी पत्नी उमादेवी मनरेगा में मजदूरी करके जीवन यापन करती हैं। गांव के प्रधान रामादेवी, सचिव और रोजगार सेवक मिलकर साजिश के तहत मस्टररोल पर शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी की 84 दिन की फर्जी उपस्थिति भरकर अज्ञात व्यक्ति के बैंक खाते में भुगतान ले लिया। भुगतान की गई धनराशि 17,892 रुपये है।
पीड़ित ने गौर पुलिस व एसपी से भी शिकायत किया था। साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने कहा कि मामला गंभीर प्रवृत्ति का है। इसकी विवेचना कराया जाना न्यायोचित होगा। उन्होंने गौर पुलिस का मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
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अधिवक्ता ने न्यायाधीश अमित मिश्रा को बताया कि शिकायतकर्ता लक्ष्मीकांत व उनकी पत्नी उमादेवी मनरेगा में मजदूरी करके जीवन यापन करती हैं। गांव के प्रधान रामादेवी, सचिव और रोजगार सेवक मिलकर साजिश के तहत मस्टररोल पर शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी की 84 दिन की फर्जी उपस्थिति भरकर अज्ञात व्यक्ति के बैंक खाते में भुगतान ले लिया। भुगतान की गई धनराशि 17,892 रुपये है।
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पीड़ित ने गौर पुलिस व एसपी से भी शिकायत किया था। साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने कहा कि मामला गंभीर प्रवृत्ति का है। इसकी विवेचना कराया जाना न्यायोचित होगा। उन्होंने गौर पुलिस का मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
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