{"_id":"674760e3572515f5e60d5e43","slug":"case-registered-against-two-including-the-then-branch-manager-of-sbi-basti-news-c-207-1-sgkp1006-127989-2024-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: एसबीआई के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत दो पर केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: एसबीआई के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत दो पर केस दर्ज
विज्ञापन
-केसीसी की रकम खाते में जमा न कर हड़पने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। न्यायालय के आदेश पर दुबौलिया पुलिस ने एसबीआई चिलमा बाजार शाखा के तत्कालीन प्रबंधक समेत दो लोगों के खिलाफ केसीसी में जमा करने के लिए रुपये लेकर हड़पने के आरोप में केस दर्ज किया है। दुबौलिया थाने के कैथोलिया निवासी पारसनाथ चौधरी ने तहरीर में बताया कि दस मार्च 2016 को केसीसी के लिए खाता खुलवाया। एक लाख पांच हजार रुपये का केसीसी का लोन स्वीकृत हुआ।
उनका इसी बैंक में एक दूसरा चालू खाता भी था, जिसमें कुछ रुपये जमा थे। आरोप है कि नौ दिसंबर 2020 को जब दूसरे खाते से पैसा निकालने गए तो स्टेट बैंक आफ इंडिया शाखा चिलमा बाजार बस्ती के तत्कालीन फील्ड अफसर सुरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थी से एक विड्राल फाॅर्म पर उनके हस्ताक्षर कराए। प्रार्थी की केसीसी खाते में ऋण के भुगतान के लिए एक लाख 22 हजार रुपये भरवाए। केसीसी खाते में बकाए ऋण का संपूर्ण भुगतान ले लिया।
इसके बाद उन्होंने केसीसी लोन का नोड्यूज देने के साथ पासबुक खाता देकर बंद कर दिया। 12 नवंबर 2022 को लोक अदालत में उपस्थित होकर केसीसी लोन की अदायगी के बारे में सूचित किया गया। पता चला कि उनके केसीसी खाते का ऋण समाप्त नहीं हुआ है। आरोप है कि कपटपूर्ण तरीके से उनके स्तर से जमा किया गया एक लाख 22 हजार रुपये खाते में जमा नहीं किया गया और उसे हड़प लिया गया।
विज्ञापन
कोर्ट के आदेश पर दुबौलिया पुलिस ने सुरेन्द्र प्रताप सिंह तत्कालीन फील्ड अफसर भारतीय स्टेट बैंक शाखा चिलमा बाजार और तत्कालीन शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक शाखा चिलमा बाजार के खिलाफ धोखाधड़ी कर पैसा हड़पने के आरोप में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। न्यायालय के आदेश पर दुबौलिया पुलिस ने एसबीआई चिलमा बाजार शाखा के तत्कालीन प्रबंधक समेत दो लोगों के खिलाफ केसीसी में जमा करने के लिए रुपये लेकर हड़पने के आरोप में केस दर्ज किया है। दुबौलिया थाने के कैथोलिया निवासी पारसनाथ चौधरी ने तहरीर में बताया कि दस मार्च 2016 को केसीसी के लिए खाता खुलवाया। एक लाख पांच हजार रुपये का केसीसी का लोन स्वीकृत हुआ।
उनका इसी बैंक में एक दूसरा चालू खाता भी था, जिसमें कुछ रुपये जमा थे। आरोप है कि नौ दिसंबर 2020 को जब दूसरे खाते से पैसा निकालने गए तो स्टेट बैंक आफ इंडिया शाखा चिलमा बाजार बस्ती के तत्कालीन फील्ड अफसर सुरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रार्थी से एक विड्राल फाॅर्म पर उनके हस्ताक्षर कराए। प्रार्थी की केसीसी खाते में ऋण के भुगतान के लिए एक लाख 22 हजार रुपये भरवाए। केसीसी खाते में बकाए ऋण का संपूर्ण भुगतान ले लिया।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने केसीसी लोन का नोड्यूज देने के साथ पासबुक खाता देकर बंद कर दिया। 12 नवंबर 2022 को लोक अदालत में उपस्थित होकर केसीसी लोन की अदायगी के बारे में सूचित किया गया। पता चला कि उनके केसीसी खाते का ऋण समाप्त नहीं हुआ है। आरोप है कि कपटपूर्ण तरीके से उनके स्तर से जमा किया गया एक लाख 22 हजार रुपये खाते में जमा नहीं किया गया और उसे हड़प लिया गया।
विज्ञापन
कोर्ट के आदेश पर दुबौलिया पुलिस ने सुरेन्द्र प्रताप सिंह तत्कालीन फील्ड अफसर भारतीय स्टेट बैंक शाखा चिलमा बाजार और तत्कालीन शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक शाखा चिलमा बाजार के खिलाफ धोखाधड़ी कर पैसा हड़पने के आरोप में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।