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Basti News: पुराना हो रहा दो करोड़ का भवन, नहीं लगी एमआरआई मशीन

Thu, 11 Jan 2024 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 11 Jan 2024 11:26 PM IST
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Building worth two crores is getting old, MRI machine not installed
बस्ती। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में चार साल से एमआरआई मशीन संचालित होने का इंतजार है। एमआरआई मशीन को साल 2020 में लग जाना था। इसके लिए करीब दो करोड़ रुपये से अत्याधुनिक संसाधनों वाला भवन बना दिया गया, लेकिन मशीन आज तक नहीं आई। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या भवन जर्जर होने के बाद यहां एमआरआई मशीन स्थापित होगी।
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ओपेक चिकित्सालय कैली में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) में एमआरआई मशीन संचालित करने की योजना बनाई गई। इस संबंध में शासन स्तर पर निर्णय लिया जाना था। छह माह पहले तत्कालीन डीएम की पहल पर शासन ने मशीन लगवाने की सहमति दे दी। इसके लिए उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को जिम्मेदारी दी गई, मगर निविदा करने के बाद मशीन की आपूर्ति आज तक नहीं हो सकी।
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जिले में साल 2018 में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की हरी झंडी मिली। निर्माण पूरा होने के बाद साल 2019 से मेडिकल कॉलेज संचालित होने लगा। मेडिकल कॉलेज ने ओपेक चिकित्सालय कैली को ओपीडी तथा अन्य चिकित्सा सेवा के लिए संबद्ध कर लिया है। संबद्धीकरण के बाद तय हुआ कि कैली में जो उपकरण बंद हैं, उन्हें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर संचालित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत कैली में डायलसिस सेवा संचालित की जा रही है। इसी तरह कॉलेज प्रशासन ने पीपीपी मोड पर एमआरआई मशीन संचालित करने की योजना बनाई। इसके लिए दो करोड़ रुपये का भवन साल 2020 में तैयार कर दिया गया, लेकिन मशीन स्थापित नहीं हो सकी।
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एमआरआई मशीन की स्थापना का प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा की ओर से मिल गई है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन ने इसके लिए कंपनी भी तय कर दी है। सर्वे का काम भी पूरा हो चुका है, मगर अभी मशीन नही स्थापित हो सकी है। प्रयास जारी है, पत्राचार भी किया गया है। भवन को दुरुस्त रखने के लिए समय-समय पर उसकी मरम्मत भी कराई जाती है।


डॉ. मनोज कुमार



प्राचार्य महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कालेज बस्ती



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जिले में स्थापित हैं केवल दो एमआरआई सेंटर



जिले में दो एमआरआई सेंटर स्थापित हैं, मगर दोनो निजी क्षेत्र में हैं। ऐसे में मरीजों को 35 साै से 8 हजार रुपये देकर एमआरआई कराना मजबूरी है।



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इन बीमारियों में होता है एमआरआई



मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि एमआरआई के हर रोज तीन से चार मरीज मिलते हैं।

दिमाग की परेशानियों में



हृदय रोग में

दिमागी बुखार में



मांसपेशियों की बीमारी में

नसों की दिक्कत में



गठिया रोग में

बच्चेदानी के ट्यूमर व कैंसर की स्थिति में



एमआरआई कराना होता है।
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