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Basti News: नियुक्ति पत्रावलियां गायब होने के मामले में बीएसए का बयान दर्ज
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बस्ती। 579 अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति से संबंधित मूल पत्रावलियां गायब होने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। शनिवार को पुलिस ने बीएसए अनूप कुमार का बयान दर्ज किया। इसके अलावा कार्यालय के कुछ जिला समन्वयकों (डीसी) से पूछताछ की गई और तत्कालीन बाबू के कक्ष का भी जायजा लिया गया।
पुलिस ने उस कमरे की भी जांच की जहां नियुक्ति संबंधी पत्रावलियां रखी जाती थीं। बीएसए ने पुलिस की जांच में सहयोग किया और विवेचक के साथ डीसी के पटलों पर जाकर बिंदुवार जानकारी दी। जांच आगे बढ़ने के साथ नियुक्ति पत्रावलियों से जुड़े कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
वर्ष 2013 से 2016 के बीच नियुक्त हुए अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति संबंधी मूल पत्रावलियां गायब होने के मामले में बीएसए की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज है। विवेचक जांच के सिलसिले में कई बार बीएसए कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन बीएसए के कार्यालय में मौजूद न होने के कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो सका था।
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शनिवार को बीएसए के कार्यालय पहुंचने की जानकारी मिलने पर पुलिस वहां पहुंची। चौकी प्रभारी सभाशंकर यादव ने बीएसए से प्रकरण से संबंधित जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, पुलिस जल्द ही कार्यालय के कुछ कर्मचारियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है।
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इनसेट
कई बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस
इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्रावलियां गायब होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पत्रावलियां कब और किन परिस्थितियों में गायब हुईं। नियुक्तियों में किसी तरह के फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिटाने के लिए पत्रावलियां गायब किए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
कोट
अनुदेशकों की नियुक्ति संबंधी पत्रावली गायब होने के प्रकरण की जांच के लिए पुलिस कार्यालय आई थी। जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही गायब पत्रावलियां बरामद कर लेगी।
-अनूप कुमार, बीएसए
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पुलिस ने उस कमरे की भी जांच की जहां नियुक्ति संबंधी पत्रावलियां रखी जाती थीं। बीएसए ने पुलिस की जांच में सहयोग किया और विवेचक के साथ डीसी के पटलों पर जाकर बिंदुवार जानकारी दी। जांच आगे बढ़ने के साथ नियुक्ति पत्रावलियों से जुड़े कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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वर्ष 2013 से 2016 के बीच नियुक्त हुए अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति संबंधी मूल पत्रावलियां गायब होने के मामले में बीएसए की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज है। विवेचक जांच के सिलसिले में कई बार बीएसए कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन बीएसए के कार्यालय में मौजूद न होने के कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो सका था।
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शनिवार को बीएसए के कार्यालय पहुंचने की जानकारी मिलने पर पुलिस वहां पहुंची। चौकी प्रभारी सभाशंकर यादव ने बीएसए से प्रकरण से संबंधित जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, पुलिस जल्द ही कार्यालय के कुछ कर्मचारियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है।
इनसेट
कई बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस
इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्रावलियां गायब होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पत्रावलियां कब और किन परिस्थितियों में गायब हुईं। नियुक्तियों में किसी तरह के फर्जीवाड़े के साक्ष्य मिटाने के लिए पत्रावलियां गायब किए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
कोट
अनुदेशकों की नियुक्ति संबंधी पत्रावली गायब होने के प्रकरण की जांच के लिए पुलिस कार्यालय आई थी। जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही गायब पत्रावलियां बरामद कर लेगी।
-अनूप कुमार, बीएसए