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Basti News: शहर में नहीं जल रहे अलाव... गलन में बढ़ी निराश्रितों की मुसीबत
Sun, 05 Jan 2025 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 05 Jan 2025 11:40 PM IST
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कुछ प्रमुख स्थानों को छोड़ अन्य जगहों पर नगर पालिका नहीं कर पा रही अलाव की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भीषण ठंड शुरू होने के बावजूद शहर के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं बन पाई है। नगर पालिका जुगाड़ के सहारे चुनिंदा जगहों पर नाम मात्र की लकड़ियां गिराकर रस्म अदायगी कर रही है। इससे 24 घंटे अलाव की सुविधा कहीं नहीं मिल पा रही है।
शहर में निराश्रित और असहायों को ठंड से बचने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं दिख रहा है। रविवार को गलन के साथ ठिठुरन भरी ठंड थी। रोडवेज, रेलवे स्टेशन को छोड़कर अन्य प्रमुख चौराहों पर अलाव के लिए लोग तरस गए। मालवीय मार्ग पर रंजीत चौराहा, करतार चौराहा, फव्वारा तिराहा, कटरा, अस्पताल चौराहा, करूआ बाबा, पांडेय बाजार आदि स्थालों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। जबकि मजदूर तबका और ऑटो चालकों की अक्सर भीड़ रहती है।
अलाव न जलने के कारण लोग इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। कुछ जरूरतमंद चाय की दुकानों पर भट्ठी के सामने खड़े होकर ठंड से बचाव करते देखे गए। हीरालाल ने बताया कि वह लोग कमजोर वर्ग से हैं। आग, अलाव ही ठंड से बचने का सहारा है। हमारे पास महंगे गर्म कपड़े एवं अन्य संसाधन नहीं है। यदि चौराहे पर अलाव जल जाए तो समय अच्छे से गुजर जाए।
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नहीं हुई सूखी लकड़ियों की आपूर्ति
नगर पालिका में इस बार सूखी लकड़ियों की आपूर्ति नहीं हो पाई है। क्योंकि धनाभाव के चलते ठेकेदारों ने टेंडर ही नहीं डाला। इससे जुगाड़ से अलाव के लिए लकड़ी के इंतजाम किए जा रहे हैं। सड़क निर्माण के दौरान कुछ कटे हुए पेड़ों को संरक्षित किया गया है। मगर, इसकी कटाई-छटाई समय से नहीं हो पा रही है। जिन कर्मचारियों को अलाव जलाने का जिम्मा सौंपा गया है, वे भी परेशानहैं।
...
कोट
शहर में 20 जगहों पर अलाव की व्यवस्था है। अलाव स्थल पर प्रतिदिन लकड़ियों की आपूर्ति की जा रही है। जरूरत के हिसाब से स्थल भी बढ़ाए जा रहे हैं।
-सुनिष्ठा सिंह, प्रभारी ईओ/एसडीएम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भीषण ठंड शुरू होने के बावजूद शहर के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं बन पाई है। नगर पालिका जुगाड़ के सहारे चुनिंदा जगहों पर नाम मात्र की लकड़ियां गिराकर रस्म अदायगी कर रही है। इससे 24 घंटे अलाव की सुविधा कहीं नहीं मिल पा रही है।
शहर में निराश्रित और असहायों को ठंड से बचने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं दिख रहा है। रविवार को गलन के साथ ठिठुरन भरी ठंड थी। रोडवेज, रेलवे स्टेशन को छोड़कर अन्य प्रमुख चौराहों पर अलाव के लिए लोग तरस गए। मालवीय मार्ग पर रंजीत चौराहा, करतार चौराहा, फव्वारा तिराहा, कटरा, अस्पताल चौराहा, करूआ बाबा, पांडेय बाजार आदि स्थालों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। जबकि मजदूर तबका और ऑटो चालकों की अक्सर भीड़ रहती है।
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अलाव न जलने के कारण लोग इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। कुछ जरूरतमंद चाय की दुकानों पर भट्ठी के सामने खड़े होकर ठंड से बचाव करते देखे गए। हीरालाल ने बताया कि वह लोग कमजोर वर्ग से हैं। आग, अलाव ही ठंड से बचने का सहारा है। हमारे पास महंगे गर्म कपड़े एवं अन्य संसाधन नहीं है। यदि चौराहे पर अलाव जल जाए तो समय अच्छे से गुजर जाए।
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नहीं हुई सूखी लकड़ियों की आपूर्ति
नगर पालिका में इस बार सूखी लकड़ियों की आपूर्ति नहीं हो पाई है। क्योंकि धनाभाव के चलते ठेकेदारों ने टेंडर ही नहीं डाला। इससे जुगाड़ से अलाव के लिए लकड़ी के इंतजाम किए जा रहे हैं। सड़क निर्माण के दौरान कुछ कटे हुए पेड़ों को संरक्षित किया गया है। मगर, इसकी कटाई-छटाई समय से नहीं हो पा रही है। जिन कर्मचारियों को अलाव जलाने का जिम्मा सौंपा गया है, वे भी परेशानहैं।
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कोट
शहर में 20 जगहों पर अलाव की व्यवस्था है। अलाव स्थल पर प्रतिदिन लकड़ियों की आपूर्ति की जा रही है। जरूरत के हिसाब से स्थल भी बढ़ाए जा रहे हैं।
-सुनिष्ठा सिंह, प्रभारी ईओ/एसडीएम