{"_id":"6a5d23bd21f4819cf20c3a91","slug":"blood-soaked-girl-remains-unidentified-police-await-her-regaining-consciousness-basti-news-c-207-1-bst1006-162663-2026-07-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: रेलवे ट्रैक के किनारे खून से लथपथ मिली 12 साल की बच्ची, शरीर पर चोट- प्राइवेट पार्ट से रक्तस्राव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: रेलवे ट्रैक के किनारे खून से लथपथ मिली 12 साल की बच्ची, शरीर पर चोट- प्राइवेट पार्ट से रक्तस्राव
Mon, 20 Jul 2026 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:51 AM IST
सार
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के कड़र शिवमंदिर के निकट समपार फाटक पर रेल लाइन के किनारे या आसपास कही भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। जिससे यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि बच्ची ट्रैक के किनारे कैसे पहुंची या उसे ट्रेन से फेंका गया। पुलिस बार-बार वहां पर जाकर लौट आ रही है।
विज्ञापन
बच्ची सांकेतिक
- फोटो : freepik
विस्तार
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के कड़र शिवमंदिर के निकट समपार फाटक पर रेलवे ट्रैक के किनारे शनिवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में खून से लथपथ मिली बच्ची की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल में देर रात होश न आने पर बच्ची को पुलिस और चाइल्ड केयर की देखरेख में मेडिकल काॅलेज गोरखपुर भेज दिया गया।
विज्ञापन
सीसीटीवी न होने से पुलिस के सामने बच्ची रेल लाइन के किनारे कैसे पहुंची यह चुनौती बन गई है। अब पुलिस बच्ची के होश में आने का इंतजार कर रही है। बता दें कि शनिवार को कड़र शिवमंदिर के निकट समपार फाटक पर रेलवे ट्रैक के किनारे एक 12 साल की बच्ची अचेत अवस्था में मिली थी।
विज्ञापन
उसके शरीर पर चोट के निशान थे। आरपीएफ ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां पर उसके प्राइवेट पार्ट से रक्तस्राव होना भी पाया गया था। देर रात तक बच्ची को होश नहीं आया तो शनिवार की देर रात उसे चाइल्ड केयर और पुरानी बस्ती पुलिस की देखरेख में मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया गया। वहां पर बच्ची का इलाज जारी है।
किशोरी कहा की है यह अभी तक अबूझ पहेली बन कर रह गई है। पुलिस ने रेल लाइन के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। किशोरी ट्रेन से कैसे गिरी यह भी पता नहीं चल पा रहा है, हालांकि अब पुलिस बच्ची के होश में आने का इंतजार कर रही है।
किशोरी कहा की है यह अभी तक अबूझ पहेली बन कर रह गई है। पुलिस ने रेल लाइन के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। किशोरी ट्रेन से कैसे गिरी यह भी पता नहीं चल पा रहा है, हालांकि अब पुलिस बच्ची के होश में आने का इंतजार कर रही है।
विज्ञापन
पुरानी बस्ती के एसओ शशांक शेखर राय ने बताया कि बच्ची की शिनाख्त नहीं हो पा रही है। जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। अब उसके होश में आने का इंतजार किया जा रहा है।
रेल लाइन के किनारे सीसीटीवी न होने से जांच में बढ़ी परेशानी
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के कड़र शिवमंदिर के निकट समपार फाटक पर रेल लाइन के किनारे या आसपास कही भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। जिससे यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि बच्ची ट्रैक के किनारे कैसे पहुंची या उसे ट्रेन से फेंका गया। पुलिस बार-बार वहां पर जाकर लौट आ रही है।
रेल लाइन के किनारे सीसीटीवी न होने से जांच में बढ़ी परेशानी
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के कड़र शिवमंदिर के निकट समपार फाटक पर रेल लाइन के किनारे या आसपास कही भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। जिससे यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि बच्ची ट्रैक के किनारे कैसे पहुंची या उसे ट्रेन से फेंका गया। पुलिस बार-बार वहां पर जाकर लौट आ रही है।
बच्ची की शिनाख्त में नहीं आया कोई आगे
12 साल की बच्ची अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसकी शिनाख्त के लिए कोई आगे नहीं आया है। पुलिस के अनुसार अगर बच्ची के बारे में गुमशुदगी दर्ज होती तो कोई न कोई आगे आता। लेकिन अभी तक बच्ची के परिजन या अन्य कोई रिश्तेदार नहीं आया है। जिससे बच्ची की पहचान कराना मुश्किल हो रहा है।
चलती ट्रेन से फेंकी गई या गिरी, बनी अबूझ पहेली
यह बच्ची ट्रेन से फेंकी गई या गिरी यह भी अबूझ पहेली बनी हुई है। इस रूट की ज्यादातर ट्रेनें बिहार को आती जाती हैं। ऐसे में यह कयास लगाया जा रहा है कि यह मजदूर तबके की हो सकती है। बच्ची के शरीर में गंभीर चोट के निशान भी हैं।
12 साल की बच्ची अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसकी शिनाख्त के लिए कोई आगे नहीं आया है। पुलिस के अनुसार अगर बच्ची के बारे में गुमशुदगी दर्ज होती तो कोई न कोई आगे आता। लेकिन अभी तक बच्ची के परिजन या अन्य कोई रिश्तेदार नहीं आया है। जिससे बच्ची की पहचान कराना मुश्किल हो रहा है।
चलती ट्रेन से फेंकी गई या गिरी, बनी अबूझ पहेली
यह बच्ची ट्रेन से फेंकी गई या गिरी यह भी अबूझ पहेली बनी हुई है। इस रूट की ज्यादातर ट्रेनें बिहार को आती जाती हैं। ऐसे में यह कयास लगाया जा रहा है कि यह मजदूर तबके की हो सकती है। बच्ची के शरीर में गंभीर चोट के निशान भी हैं।
पुलिस बच्ची को मेडिकल कॉलेज ले गई है। वहां पर उसका इलाज चल रहा है। बच्ची को होश नहीं आया है। उसके होश में आने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही बच्ची की इस तरह से हालत कैसे हुई यह पता चल पाएगा: श्याम कांत, एएसपी