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Basti News: तेज धूप में निकलने से गड़बड़ा रहा ब्लड प्रेशर
Mon, 27 May 2024 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 27 May 2024 12:56 AM IST
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गर्मी से बचने के लिए दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से निकलने से करें परहेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पुरवा हवा चलने पर तापमान में तीन दिन में छह डिग्री सेल्सियस की कमी और पछुआ हवा चलने पर दो दिन में छह डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी खतरनाक है। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप के चलते डिहाइड्रेशन होगा तो सिर दर्द, पेट दर्द ही नहीं, ब्लड प्रेशर भी लो होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा खाना खराब होने के चलते डायरिया और अन्य बीमारियां भी बढ़ती हैं। दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच हीटवेब का भी असर होता है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद ने बताया कि मौसम में बदलाव का शरीर पर असर कम से कम हो, इसके लिए जरूरी है कि दिन भर लगातार पानी पीएं। ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) का उपयोग करें।
बताया कि नींबू पानी और छाछ जैसे घरेलू पेय पीते रहें। अपने आहार में उच्च जल सामग्री वाले मौसमी फल और सब्जियां शामिल करें। घर से बाहर निकलें तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और सिर सूती कपड़े को छाता, टोपी, गमछा आदि से ढक लें।
मेडिकल कॉलेज के एमडी मेडिसिन डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि भ्रम, मांसपेशियों में ऐंठन, दिल की धड़कन तेज होना, मतली और चक्कर आना गर्मी संबंधी बीमारियों का लक्षण हैं। ऐसे में इस मौसम में आवश्यकता पड़ने पर ही 12 से तीन बजे के बीच निकले। एहतियात के तौर पर सिर को कपड़े या छाता से ढक कर रखें।तीखी गर्मी हीटवेब का प्रभाव डाल सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पुरवा हवा चलने पर तापमान में तीन दिन में छह डिग्री सेल्सियस की कमी और पछुआ हवा चलने पर दो दिन में छह डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी खतरनाक है। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप के चलते डिहाइड्रेशन होगा तो सिर दर्द, पेट दर्द ही नहीं, ब्लड प्रेशर भी लो होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा खाना खराब होने के चलते डायरिया और अन्य बीमारियां भी बढ़ती हैं। दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच हीटवेब का भी असर होता है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद ने बताया कि मौसम में बदलाव का शरीर पर असर कम से कम हो, इसके लिए जरूरी है कि दिन भर लगातार पानी पीएं। ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) का उपयोग करें।
बताया कि नींबू पानी और छाछ जैसे घरेलू पेय पीते रहें। अपने आहार में उच्च जल सामग्री वाले मौसमी फल और सब्जियां शामिल करें। घर से बाहर निकलें तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और सिर सूती कपड़े को छाता, टोपी, गमछा आदि से ढक लें।
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मेडिकल कॉलेज के एमडी मेडिसिन डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि भ्रम, मांसपेशियों में ऐंठन, दिल की धड़कन तेज होना, मतली और चक्कर आना गर्मी संबंधी बीमारियों का लक्षण हैं। ऐसे में इस मौसम में आवश्यकता पड़ने पर ही 12 से तीन बजे के बीच निकले। एहतियात के तौर पर सिर को कपड़े या छाता से ढक कर रखें।तीखी गर्मी हीटवेब का प्रभाव डाल सकती है।
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