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ब्लाक प्रमुख प्रकरण: नहीं हो सका कलमबंद बयान
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ब्लाक प्रमुख प्रकरण: नहीं हो सका कलमबंद बयान
बस्ती। बहादुरपुर ब्लाक के प्रमुख रामकुमार को बंधक बनाए रखने के मामले में सोमवार को कोई प्रगति नहीं हो सकी। पुलिस का कहना है कि वादी ओम प्रकाश और ब्लाक प्रमुख राम कुमार का न्यायालय में कलमबंद बयान होना है। किन्हीं कारणों से सोमवार को बयान नहीं हो सका। इस कारण कलवारी थाने में दर्ज मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हो सकी।
एसपी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि जब तक न्यायालय में दोनों बयान नहीं हो जाता तब तक मामले की दिशा तय नहीं की जा सकती। उम्मीद है कि एक दो दिन में दोनों का बयान न्यायालय के समक्ष करा लिया जाएगा। पुलिस की विवेचना के लिए यह बयान इसलिए जरूरी है ताकि राम कुमार के साले ने जो तहरीर दी है उसमें कही बात और प्रमुख राम कुमार की अपनी बात तस्दीक हो सके। चूंकि पांच महीने बाद यह प्रकरण सुर्खियों में आया और कई तरह की बातें सामने आने लगीं,इसलिए न्यायालय में कलमबंद बयान की बुनियाद पर पुलिस केस को आगे बढ़ाना चाहती है।
बता दें कि 18 मार्च की शाम को थाना कलवारी पर राम कुमार के साले ओमप्रकाश ने तहरीर दी कि उनके जीजा राम कुमार वर्तमान में बहादुरपुर ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख हैं। उनको 23 अक्तूबर 2021 को सपा जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ यादव अपने साथ ले गए थे। ओम प्रकाश के अनुसार 17 मार्च की रात में रामकुमार ने उनको फोन करके बताया कि उनको जबरदस्ती महेंद्र नाथ यादव को अपने आवास पर बंधक बनाकर रखे हुए हैं और उन्हें निकलने नहीं दिया जा रहा है। एसपी के मुताबिक ओमप्रकाश ने रामकुमार से बातचीत के कुछ ऑडियो क्लिप भी सौंपा है। इसके आधार जब पुलिस विधायक के घर गई तो वहां पर रामकुमार मौजूद मिले। फिलहाल राम कुमार को पत्नी व बच्चों के साथ उनके गांव पहुंचा दिया गया है और उनकी सुरक्षा में पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
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बस्ती। बहादुरपुर ब्लाक के प्रमुख रामकुमार को बंधक बनाए रखने के मामले में सोमवार को कोई प्रगति नहीं हो सकी। पुलिस का कहना है कि वादी ओम प्रकाश और ब्लाक प्रमुख राम कुमार का न्यायालय में कलमबंद बयान होना है। किन्हीं कारणों से सोमवार को बयान नहीं हो सका। इस कारण कलवारी थाने में दर्ज मुकदमे में कोई प्रगति नहीं हो सकी।
एसपी आशीष श्रीवास्तव का कहना है कि जब तक न्यायालय में दोनों बयान नहीं हो जाता तब तक मामले की दिशा तय नहीं की जा सकती। उम्मीद है कि एक दो दिन में दोनों का बयान न्यायालय के समक्ष करा लिया जाएगा। पुलिस की विवेचना के लिए यह बयान इसलिए जरूरी है ताकि राम कुमार के साले ने जो तहरीर दी है उसमें कही बात और प्रमुख राम कुमार की अपनी बात तस्दीक हो सके। चूंकि पांच महीने बाद यह प्रकरण सुर्खियों में आया और कई तरह की बातें सामने आने लगीं,इसलिए न्यायालय में कलमबंद बयान की बुनियाद पर पुलिस केस को आगे बढ़ाना चाहती है।
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बता दें कि 18 मार्च की शाम को थाना कलवारी पर राम कुमार के साले ओमप्रकाश ने तहरीर दी कि उनके जीजा राम कुमार वर्तमान में बहादुरपुर ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख हैं। उनको 23 अक्तूबर 2021 को सपा जिलाध्यक्ष महेंद्र नाथ यादव अपने साथ ले गए थे। ओम प्रकाश के अनुसार 17 मार्च की रात में रामकुमार ने उनको फोन करके बताया कि उनको जबरदस्ती महेंद्र नाथ यादव को अपने आवास पर बंधक बनाकर रखे हुए हैं और उन्हें निकलने नहीं दिया जा रहा है। एसपी के मुताबिक ओमप्रकाश ने रामकुमार से बातचीत के कुछ ऑडियो क्लिप भी सौंपा है। इसके आधार जब पुलिस विधायक के घर गई तो वहां पर रामकुमार मौजूद मिले। फिलहाल राम कुमार को पत्नी व बच्चों के साथ उनके गांव पहुंचा दिया गया है और उनकी सुरक्षा में पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
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