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तीन मॉनिटर के सहारे 30 बेड के मरीजो के निगरानी की जिम्मेदारी
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तीन मॉनिटर के सहारे 30 बेड के मरीजों के निगरानी की जिम्मेदारी
भानपुर (बस्ती)। ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानपुर में बनाए गए 30 बेड के एल वन अस्पताल में मरीजों के लिए एक्स-रे की सुविधा नहीं है। इसके लिए मरीज परेशान रहते हैं। 30 बेड के मरीजों की निगरानी के लिए यहां मात्र तीन मॉनिटर ही उपलब्ध हैं, जबकि ऑक्सीजन देने के लिए कंसंट्रेटर की पर्याप्त व्यवस्था है। अब तक केवल 14 बेड ही वार्ड में लगाए गए हैं। वार्डों की खिड़कियां और शीशे और उसमेें लगीं जालियां टूटी हैं। महिला वार्ड में लगी एसी भी खराब है।
दूसरी ओर, ईटीसी वार्ड की दीवार में पेड़ की जडे़ं निकल कर छत और दीवार के प्लास्टर को तोड़ रही हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों की चिकित्सा के लिए सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार, डॉ. पीसी यादव की तैनाती है तो तीन फार्मासिस्ट के अलावा तीन पैरा मेडिकल और दो वार्ड ब्वाय हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार चौधरी ने बताया कि मरीजों के इलाज के लिए स्टाफ की कोई कमी नहीं है। एक्स-रे टैक्नीशियन की तैनाती अस्पताल में तो है लेकिन एक्स-रे मशीन नहीं है। जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बताया कि अभी 14 बेड को ही व्यवस्थित किया गया है। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढे़गी अन्य सेवाओं को ठप करके पूरी क्षमता के साथ अस्पताल का संचालन कराया जाएगा। बताया कि खराब पड़ी एसी और टूटी हुई खिड़कियों को ठीक कराने के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
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भानपुर (बस्ती)। ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानपुर में बनाए गए 30 बेड के एल वन अस्पताल में मरीजों के लिए एक्स-रे की सुविधा नहीं है। इसके लिए मरीज परेशान रहते हैं। 30 बेड के मरीजों की निगरानी के लिए यहां मात्र तीन मॉनिटर ही उपलब्ध हैं, जबकि ऑक्सीजन देने के लिए कंसंट्रेटर की पर्याप्त व्यवस्था है। अब तक केवल 14 बेड ही वार्ड में लगाए गए हैं। वार्डों की खिड़कियां और शीशे और उसमेें लगीं जालियां टूटी हैं। महिला वार्ड में लगी एसी भी खराब है।
दूसरी ओर, ईटीसी वार्ड की दीवार में पेड़ की जडे़ं निकल कर छत और दीवार के प्लास्टर को तोड़ रही हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों की चिकित्सा के लिए सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार, डॉ. पीसी यादव की तैनाती है तो तीन फार्मासिस्ट के अलावा तीन पैरा मेडिकल और दो वार्ड ब्वाय हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन कुमार चौधरी ने बताया कि मरीजों के इलाज के लिए स्टाफ की कोई कमी नहीं है। एक्स-रे टैक्नीशियन की तैनाती अस्पताल में तो है लेकिन एक्स-रे मशीन नहीं है। जिसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। बताया कि अभी 14 बेड को ही व्यवस्थित किया गया है। जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढे़गी अन्य सेवाओं को ठप करके पूरी क्षमता के साथ अस्पताल का संचालन कराया जाएगा। बताया कि खराब पड़ी एसी और टूटी हुई खिड़कियों को ठीक कराने के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
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