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भाकियू नेताओं-लेखपालों का विवाद गहराया 

Sun, 26 Nov 2017 12:21 AM IST
basti
basti Updated Sun, 26 Nov 2017 12:21 AM IST
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bhakiu leaders-lekhpals dispute became deepen
राजनी‌त‌ि - फोटो : amar ujala
हर्रैया। 
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भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष की तहसील परिसर में दौड़ाकर पिटाई मामले में दूसरे दिन भी कोई सुलह की राह नहीं खुल सकी। नतीजतन, शनिवार को भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना देते हुए दोषी लेखपाल की गिरफ्तारी-बर्खास्तगी की मांग पर अड़े रहे। दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण हल निकालने की घंटे कोशिश हुई लेकिन नतीजा नहीं निकल सका। इस दौरान तहसील की कार्य संस्कृति की जमकर बखिया उधेड़ी गई। 
 जिलाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी ने इसे कार्यकर्ता पर नहीं बल्कि किसानों पर हमला करार देते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ओछी हरकत पर उतर आया है। उकसाने वाले नायब तहसीलदार और मुख्य आरोपी लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो गंभीर परिणाम होंगे। वरिष्ठ पदाधिकारी बंधु चौधरी ने कहा कि अधिकारी बेलगाम हैं और इस सरकार में पूर्ववर्ती सरकारों से ज्यादा भ्रष्टाचार हो गया है। धरने को राजेंद्र प्रधान, रालोद नेता चंद्र मणि पांडेय, हरि प्रसाद चौधरी, योगेंद्र ने भी संबोधित किया। इस दौरान कई थानों की फोर्स जमी रही। 
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बेनतीजा रही बातचीत 
शनिवार को भाकियू पदाधिकारियों से वार्ता करने पहुंचे एसडीएम को तब असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब भाकियू कार्यकर्ताओं ने भ्रष्टाचार की एक-एक करके कलई खोलनी शुरू की। जिला उपाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने जब बेबाक अंदाज में कच्चा-चिट्ठा खोलना शुरू किया तो एसडीएम और तहसीलदार को जवाब नहीं सूझा। सीओ ने पहले कभी ऐसी शिकायत न करने की बात कही तो उन्हें भी खरा जवाब मिला। भाकियू के लोगों ने आरोप लगाया कि तहसील में हर कार्य के लिए रेट तय है। बिना सुविधा शुल्क दिए कोई कार्य नहीं होता। 
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भय बनाकर काम कराने के आदी हो चुके
सदर तहसील के लेखपाल संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि पिछले कई दिनों ने भाकियू के लोग भय दिखाकर जबरिया गलत-सही काम कराने के आदी हो चुके हैं। जब मनमाफिक काम नहीं होता है तो गोलबंद होकर मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। कहा कि 21 को भाकियू के लोगों ने लेखपाल के साथ मारपीट की थी, जिसकी तहरीर एसडीएम की ओर से हर्रैया थाने में दी गई, मगर केस दर्ज नहीं किया गया। कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करने को लेखपाल मजबूर हो जाएंगे।


घटना की निंदा
भानपुर। भाकियू भानु गुट ने शनिवार को तहसील परिसर में आपात बैठक करके हर्रैया की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुभाष तिवारी ने मारपीट की निंदा करते हुए हमलावर लेखपाल को सेवा मुक्त करने की मांग की। 
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