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समय से पहले गन्ने में आया फूल, किसानों की बढ़ी मुसीबत
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समय से पहले गन्ने में आया फूल, किसानों के लिए बढ़ी मुसीबत
मुंडेरवा (बस्ती)। गन्ने के पौधों में समय से पहले फूल आना किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। इधर एक माह के अंदर क्षेत्र के कई गांवों के गन्ने के खेतों में समय से पहले फूल निकल आए हैं। जिसके चलते गन्ने का विकास थम जाने एव वजन में कमी आने की चिंता सताने लगी है।
आमतौर पर किसी पौधे में फूल आना अच्छा माना जाता है पर गन्ने के साथ ऐसा नहीं है। फूल आने के कारण वजन में कमी तथा एक निश्चित समय बाद गन्ने में चीनी की मात्रा कम होने लगती है। इस बार दिसंबर में मौसम की बेरुखी से बस्ती जिले में कई स्थानों पर ऐसा हो गया है। चीनी मिल मुंडेरवा प्रबंधन के मुताबिक आमतौर पर अस्वीकृत प्रजाति के साथ-साथ सीओएलके 94184 गन्ने में ही समय से पहले फूल आने की शिकायत है। जिसे चिह्नित कर इन प्रजातियों के गन्ने की आगे बुआई न करने की सलाह दी जा रही है।
मुंडेरवा की कार्यदायी संस्था एलएसएस ने इन किसानों को चिह्नित करने में लगी है। संस्था के गन्ना सलाहकार एसपी मिश्र ने कहा कि गन्ने में समय से पहले फूल हो जाने से वजन के साथ-साथ धीरे-धीरे शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। सामान्यतया गन्ने की कटाई अप्रैल तक होती है, लेकिन जिस गन्ने में फूल आ चुके हैं, उनकी कटाई फरवरी तक ही कर लेनी चाहिए। चीनी मिल मुंडेरवा के प्रधान प्रबंधक ब्रजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि गन्ने में फूल आने से इनका बढ़ाव नहीं हो पाएगा। इसका वजन घट जाने से किसानों को व चीनी की परता न आने से मिल को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कर्मचारियों को इसको लेकर निर्देशित किया गया है कि किसानों से संपर्क कर उन्हें अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बुवाई न करने के लिए प्रेरित करें।
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मुंडेरवा (बस्ती)। गन्ने के पौधों में समय से पहले फूल आना किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। इधर एक माह के अंदर क्षेत्र के कई गांवों के गन्ने के खेतों में समय से पहले फूल निकल आए हैं। जिसके चलते गन्ने का विकास थम जाने एव वजन में कमी आने की चिंता सताने लगी है।
आमतौर पर किसी पौधे में फूल आना अच्छा माना जाता है पर गन्ने के साथ ऐसा नहीं है। फूल आने के कारण वजन में कमी तथा एक निश्चित समय बाद गन्ने में चीनी की मात्रा कम होने लगती है। इस बार दिसंबर में मौसम की बेरुखी से बस्ती जिले में कई स्थानों पर ऐसा हो गया है। चीनी मिल मुंडेरवा प्रबंधन के मुताबिक आमतौर पर अस्वीकृत प्रजाति के साथ-साथ सीओएलके 94184 गन्ने में ही समय से पहले फूल आने की शिकायत है। जिसे चिह्नित कर इन प्रजातियों के गन्ने की आगे बुआई न करने की सलाह दी जा रही है।
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मुंडेरवा की कार्यदायी संस्था एलएसएस ने इन किसानों को चिह्नित करने में लगी है। संस्था के गन्ना सलाहकार एसपी मिश्र ने कहा कि गन्ने में समय से पहले फूल हो जाने से वजन के साथ-साथ धीरे-धीरे शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। सामान्यतया गन्ने की कटाई अप्रैल तक होती है, लेकिन जिस गन्ने में फूल आ चुके हैं, उनकी कटाई फरवरी तक ही कर लेनी चाहिए। चीनी मिल मुंडेरवा के प्रधान प्रबंधक ब्रजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि गन्ने में फूल आने से इनका बढ़ाव नहीं हो पाएगा। इसका वजन घट जाने से किसानों को व चीनी की परता न आने से मिल को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कर्मचारियों को इसको लेकर निर्देशित किया गया है कि किसानों से संपर्क कर उन्हें अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बुवाई न करने के लिए प्रेरित करें।
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