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रहें सावधान : यूरिक एसिड बढ़ना हृदय के लिए खतरनाक

Mon, 20 Jan 2025 11:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 20 Jan 2025 11:03 PM IST
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Be careful: Increase in uric acid is dangerous for the heart.
- सात मिली ग्राम प्रति डेसीलीटर से ऊपर होने पर प्रभावित होती हैं हृदय की पंपिंग
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बस्ती। यूरिक एसिड से सिर्फ जोड़ों का ही दर्द नहीं बढ़ता बल्कि यह हृदय की पंपिंग को काफी बढ़ा देता है। इससे किडनी भी प्रभावित होती है। अगर सामान्य से अधिक सात मिली ग्राम प्रति डेसीलीटर से ऊपर है, तो हृदय की पंपिंग क्षमता प्रभावित हो रही है। हार्ट फेल की स्थिति कभी भी पैदा हो सकती है। रोगी को फौरन हृदय रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. रामजी सोनी ने बताया कि हाल के कुछ माह में पाया गया कि हार्ट अटैक उन लोगों को ज्यादा आया, जिनकी यूरिक एसिड बढ़ती हुई थी।
खून में यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या आम है। मुख्य रूप से इसके कारण जोड़ों व घुटनों में दर्द और कुछ स्थितियों में गाउट की समस्या हो सकती है। हालांकि अगर इस पर ध्यान न दिया जाए या इलाज न किया जाए तो बढ़ा हुआ यूरिक एसिड किडनी जैसे अंगों के लिए गंभीर समस्याओं का भी कारण बन सकता है।
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डाॅ. सोनी के मुताबिक यूरिक एसिड, असल में रक्त में पाया जाने वाला एक अपशिष्ट उत्पाद है। शरीर जब प्यूरीन नामक रसायन का ठीक तरीके से ब्रेकडाउन नहीं कर पाता है तो यूरिक एसिड बनता है। वैसे तो यूरिक एसिड रक्त में घुलकर किडनी से होता हुआ पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर आ जाता है, पर कुछ स्थितियों में इसकी मात्रा रक्त में बढ़ सकती है। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डाॅ. रजत पांडेय का कहना है कि कई प्रकार के भोजन और पेय पदार्थ में प्यूरिन की अधिकता होती है, ये यूरिक एसिड बढ़ने का कारण बन सकते हैं। इसलिए आहार पर विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है।
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जोड़ों में दर्द और गाउट की समस्या

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण जोड़ों, हड्डियों में दर्द की समस्या का जोखिम रहता है। समय के साथ यह गाउट या गठिया का भी कारण बन सकती है। यूरिक एसिड के उच्च स्तर की स्थिति के कारण लोगों के लिए चलना तक भी कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके इलाज के लिए कुछ दवाइयों के साथ आहार को ठीक रखने की सलाह देते हैं।



किडनी भी होती है प्रभावित
रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने के कारण किडनी भी प्रभावित होने लग जाती है। अध्ययन के मुताबिक यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या के कारण हाइपरयूरिसीमिया नामक स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ये किडनी में क्रिस्टल बनने को बढ़ावा देने लगती है, जिससे किडनी स्टोन का खतरा रहता है। वहीं जिन लोगों को पहले से ही किडनी की समस्या है उनमें यह गंभीर जटिलताओं और यहां तक कि किडनी फेलियर का भी कारण बन सकती है।



बरतें सावधानी
- प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
- आहार में चीनी की मात्रा कम करें।

- शरीर को हाइड्रेट रखें, दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पिएं।

- शराब से परहेज करें।

- वजन कम करने और ब्लड शुगर को व्यवस्थित करने के उपाय करें।
- आहार में फाइबर की मात्रा को बढ़ाएं।
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