Basti News: आम महोत्सव में किसान बन पुरस्कार हथियाने वाला अफसर निलंबित, जानिए क्या है पूरा मामला
किसान अनिल पांडेय के स्टाल से आम बदलने के आरोप के बाद मामला चर्चा में आया। पहले तो किसानों को मैनेज कर इस प्रकरण को दबाने की कोशिश की गई लेकिन बस्ती के ही बृहस्पति पांडेय ने आईजीआरएस पर ऑनलाइन शिकायत कर दी। जांच एवं कार्रवाई की नौबत आई तो उन कर्मियों ने गलती स्वीकार करते हुए किसान बन हथियाए गए वो सात पुरस्कार लौटा दिए।
विस्तार
आम महोत्सव लखनऊ में किसान बनकर पुरस्कार हथियाने के मामले में दोषी पाए गए उद्यान विशेषज्ञ शुभम सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है। इस मामले में दो कर्मियों के खिलाफ पहले की कार्रवाई हो चुकी है। शासन ने निर्देश पर संयुक्त निदेशक उद्यान के चालक राम सुभावन को निलंबित और माली संजय को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि आम महोत्सव के बारे में हुई ऑनलाइन बैठक में औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र बस्ती के प्रदर्शों हेतु स्टाल लगाने एवं अन्य क्रियाकलापों तथा दायित्वों हेतु स्पष्ट रूप से निर्देशित किए जाने के बावजूद सिंह द्वारा प्राप्त निर्देशों एवं दायित्वों का निर्वहन न करते हुए निजी क्षेत्र के आम उत्पादकों के बीच हुई इस प्रतियोगिता में अनधिकृत रूप से प्रतिभाग कर पुरस्कार प्राप्त किया गया, जिससे विभाग एवं सरकार की छवि खराब हुई। उद्यान विशेषज्ञ शुभम सिंह को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही संस्थित संस्थित की जाती है। निलंबन अवधि में वो उद्यान निदेशालय लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
इन तीनों उद्यान कर्मियों के किसान बनकर पुरस्कार हथियाने और फिर लौटाने के इस खेल का पर्दाफाश दैनिक जागरण ने किया था। मामला सुर्खियों में आया तो निदेशक उद्यान ने जवाब तलब किया। इस क्रम में 29 जुलाई को संयुक्त निदेशक बस्ती से दो बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा।
पहला उनके कर्मचारी किसान बनकर आम महोत्सव में बिना उनकी जानकारी कैसे पहुंचें । कर्मियों के पुरस्कार प्राप्त करने के बाद इस मामले में उनके स्तर से क्या कार्रवाई की गई। इस बीच यह प्रकरण मुख्यमंत्री के संज्ञान में आ गया। मंडलायुक्त और डीएम बस्ती से इसकी रिपोर्ट मांगी गई।
आयुक्त की भेजी गई रिपोर्ट पर शासन स्तर से कार्रवाई शुरू हुई। माली की सेवा से बर्खास्तगी संयुक्त निदेशक ने जबकि चालक के निलंबन की कार्रवाई निदेशक स्तर से की गई है। तीसरे आरोपित उद्यान विशेषज्ञ शुभम सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी।
यह था पूरा मामला
किसान अनिल पांडेय के स्टाल से आम बदलने के आरोप के बाद मामला चर्चा में आया। पहले तो किसानों को मैनेज कर इस प्रकरण को दबाने की कोशिश की गई लेकिन बस्ती के ही बृहस्पति पांडेय ने आईजीआरएस पर ऑनलाइन शिकायत कर दी। जांच एवं कार्रवाई की नौबत आई तो उन कर्मियों ने गलती स्वीकार करते हुए किसान बन हथियाए गए वो सात पुरस्कार लौटा दिए। अगले दिन संयुक्त निदेशक ने आरोपित कर्मियों को चेतावनी देते हुए पुरस्कार को ससम्मान निदेशक को लौटा दिया था।