बस्ती अपहरण कांड: डिप्रेशन का तर्क खारिज, पेश हो अमरमणि; जानिए क्या है पूरा मामला
छह दिसंबर 2001 को कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर निवासी धर्मराज गुप्ता के पुत्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण हुआ था। पुलिस ने एक सप्ताह बाद तत्कालीन विधायक अमरमणि के लखनऊ आवास से राहुल को मुक्त कराया था। मामले में अमरमणि समेत नौ आरोपी बनाए गए थे।
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बस्ती जिले के व्यवसायी के बेटे के अपहरण की 22 साल पुराने मामले की सुनवाई कर रहे एमपी- एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने शुक्रवार को पूर्व विधायक अमरमणि त्रिपाठी को अदालत में पेशी से छूट देने से इनकार कर दिया। कहा कि किसी को डिप्रेशन के आधार पर कोर्ट में पेश न होने की इजाजत नहीं दी जा सकती। साथ ही न्यायाधीश ने गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को अगली सुनवाई पर अमरमणि को अदालत में पेश करने का आदेश दिया। मामले की सुनवाई 16 अक्तूबर को होनी है।
अमरमणि पिछली कई सुनवाई से कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। तब जेल में होने की वजह से अदालत ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक, गोरखपुर से कारण पूछा था।
इस पर उनके अस्वस्थ होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद 24 अगस्त को अदालत की ओर से गोरखपुर सीएमओ से मेडिकल बोर्ड गठित कर अमरमणि के स्वास्थ्य की रिपोर्ट मांगी गई थी। सीएमओ द्वारा गठित पांच सदस्यीय बोर्ड की रिपोर्ट शुक्रवार को अदालत में पेश की गई। इसमें अमरमणि को डिप्रेशन का शिकार बताया गया था।
यह है मामला
विशेष शासकीय अधिवक्ता रश्मि त्रिपाठी ने बताया कि छह दिसंबर 2001 को कोतवाली क्षेत्र के गांधीनगर निवासी धर्मराज गुप्ता के पुत्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण हुआ था। पुलिस ने एक सप्ताह बाद तत्कालीन विधायक अमरमणि के लखनऊ आवास से राहुल को मुक्त कराया था। मामले में अमरमणि समेत नौ आरोपी बनाए गए थे। इनमें पूर्व विधायक नैनीश शर्मा व शिवम उर्फ राम यज्ञ कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं, जिससे सुनवाई बाधित हो रही है।