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Basti News: परिषदीय स्कूलों में 22 से शुरू होंगे बैंगलेस-डे
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बस्ती। जिले के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में इसी महीने से बैगलेस-डे की शुरुआत होगी। इसकी शुरुआत 22 अगस्त से होगी। अभियान 14 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान प्रत्येक शनिवार को बच्चों को स्कूल बैग और किताबों के बोझ से अलग रखते हुए उनकी रुचि के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार के अनुसार, बैगलेस-डे का उद्देश्य बच्चों को केवल कक्षा में किताबों के माध्यम से पढ़ाने के बजाय उन्हें गतिविधियों और व्यवहारिक अनुभवों से सीखने का अवसर देना है। इसके लिए विद्यालयों में हर शनिवार अलग अलग गतिविधियां कराई जाएंगी। इनमें बच्चों की रचनात्मक क्षमता, संवाद कौशल, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने पर जोर रहेगा।
बैगलेस-डे के दौरान बच्चों को सामान्य दिनों की तरह भारी स्कूल बैग लेकर विद्यालय नहीं आना होगा। गतिविधियों के माध्यम से उन्हें सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। विद्यालय स्तर पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग शनिवार को विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
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हर शनिवार बदलेगी गतिविधि
अभियान के तहत हर शनिवार बच्चों के लिए अलग गतिविधि निर्धारित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के साथ खेल, कला, रचनात्मकता और व्यवहारिक ज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षक भी बच्चों को गतिविधियों में शामिल कर उनकी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का काम करेंगे।
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कस्तूरबा विद्यालय भी होंगे शामिल
बैगलेस-डे की व्यवस्था केवल परिषदीय विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी इसे लागू किया जाएगा। इससे यहां रहने वाली छात्राओं को भी शनिवार को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार के अनुसार, बैगलेस-डे का उद्देश्य बच्चों को केवल कक्षा में किताबों के माध्यम से पढ़ाने के बजाय उन्हें गतिविधियों और व्यवहारिक अनुभवों से सीखने का अवसर देना है। इसके लिए विद्यालयों में हर शनिवार अलग अलग गतिविधियां कराई जाएंगी। इनमें बच्चों की रचनात्मक क्षमता, संवाद कौशल, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने पर जोर रहेगा।
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बैगलेस-डे के दौरान बच्चों को सामान्य दिनों की तरह भारी स्कूल बैग लेकर विद्यालय नहीं आना होगा। गतिविधियों के माध्यम से उन्हें सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। विद्यालय स्तर पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग शनिवार को विभिन्न प्रकार की गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
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हर शनिवार बदलेगी गतिविधि
अभियान के तहत हर शनिवार बच्चों के लिए अलग गतिविधि निर्धारित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के साथ खेल, कला, रचनात्मकता और व्यवहारिक ज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षक भी बच्चों को गतिविधियों में शामिल कर उनकी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का काम करेंगे।
कस्तूरबा विद्यालय भी होंगे शामिल
बैगलेस-डे की व्यवस्था केवल परिषदीय विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी इसे लागू किया जाएगा। इससे यहां रहने वाली छात्राओं को भी शनिवार को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।