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आयुष्मान कार्ड: दूसरे के नाम से जारी तो तत्काल करें शिकायत

Wed, 04 Aug 2021 10:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:36 PM IST
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Ayushman card: If issued in the name of another, then complain
आयुष्मान कार्ड: दूसरे के नाम से जारी तो करें शिकायत
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गलत कार्ड निरस्त होने के साथ ही पात्र लाभार्थी को किया जाएगा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) अगर किसी और को जारी हो गया है तो वह प्रामाणिक दस्तावेजों के साथ टोल फ्री नंबर 180018004444 या 14555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त योजना से संबंधित दस्तावेज लेकर जिले के सीएमओ कार्यालय में तैनात डिस्ट्रिक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (डीआईयू) टीम के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। टीम के लोग मामले की जांच कर गलत कार्ड निरस्त कराने की कार्रवाई कराएंगे। जिसके उपरांत लाभार्थी सूचीबद्ध चिकित्सालय या जन सुविधा केंद्र पर जाकर आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है।

जिले में इस समय गांव में कैंप लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं। जहां यह शिकायत मिल रही है कि कई पात्रों का कार्ड किसी और के नाम से बन गया है। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर स्टेट एजेंसी फॉर कम्प्रेहेंसिव हेल्थ एंड इंटिग्रेटेड सर्विसेज (सचिस) के संयुक्त निदेशक राजेंद्र कुमार ने पत्र जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए सचिस की ओर से संचालित टोल फ्री नंबर 180018004444 पर संपर्क किया जा सकता है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार के पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह योजना पूर्ण रूप से पात्रता पर आधारित है, जिसकी सूची वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार की गई है। पात्र परिवारों के लाभार्थी की अनुबंधित अस्पतालों में पहचान सुनिश्चित होने के पश्चात वह पांच लाख तक का नि:शुल्क चिकित्सा लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने कहा कि आयुष्मान मिशन में पात्रों को प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र आदि भेजे गए हैं, जिसे वह सुरक्षित रखें। इसी पत्र को दिखाकर वे अपना गोल्डन कार्ड बनवा लें। नौ अगस्त तक योजना में गांव-गांव कैंप लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं। सचिस के संयुक्त निदेशक के पत्र की उन्होंने पुष्टि की है। कहा है कि पात्र के अलावा दूसरे के नाम से यदि कार्ड बन गया है तो उसे शिकायत कर ठीक कराया जा सकता है। इसकी व्यवस्था बनाई गई है।
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