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पकड़ा गया इच्छा मृत्यु मांगने वाली युवती का गुनहगार
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पकड़ा गया इच्छा मृत्यु मांगने वाली युवती का गुनहगार
बस्ती। युवती को फोन के जरिए अश्लील टिप्पणी, अपशब्द और धमकी देकर परेशान करने वाले आरोपी को रुधौली पुलिस ने साइबर सेल व सर्विलांस टीम बस्ती की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार राकेश चौधरी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह इंटरनेट कालिंग (वीओआईपी काल) के माध्यम से युवती व उसके परिवार वालों को मैसेज भेजता था। अश्लील बातें और धमकी से परेशान होकर युवती ने पिछले दिनों आईजी से इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी थी।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि प्रभारी निरीक्षक रुधौली रामकृष्ण मिश्र, प्रभारी सर्विलांस सेल दुर्विजय व प्रभारी साइबर सेल मजहर खान की टीम ने राकेश चौधरी निवासी गोठवा थाना रुधौली को शुक्रवार को सुबह थानाक्षेत्र के बभनी मिश्र शराब भट्ठी के पास से गिरफ्तार किया। जिस मोबाइल से वह युवती को धमकी देता था, वह उसके पास से बरामद हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फार्मेसी में डिप्लोमा है। कोरोना टीका लगाने के दौरान उसे युवती का मोबाइल नंबर मिला। जिसके बाद वह उस नंबर पर बात करने लगा। कुछ दिन बाद आरोपी ने पीड़िता को विवाह करने के लिए कहा। जिस पर पीड़िता ने मना कर दिया। जिससे गुस्सा होकर पीड़िता से अनजान बनकर इस व्हाट्सएप के वीओआईपी नम्बर से मैसेज करके अपशब्द कहने लगा। गिरफ्तार आरोपी ने बताया गया कि एक ऐप के जरिए उसने फर्जी वीओआईपी नंबर जनरेट किया था। उसी वीओआईपी नंबर से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर पीड़िता व उसके परिवार वालों को कॉल करके धमकी देता था। उसे पूरा भरोसा था कि इस ऐप के जरिए व्हाट्सएप से मैसेज करने पर पुलिस उसे पकड़ नहीं पाएगी।
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क्या है वीओआईपी नंबर
वायस ओवर इंटरनेट प्रोटाकाल यानी वीओआईपी एक तरह की इंटरनेट कालिंग है जो वाईफाई के जरिए की जाती है। प्राय: इसे खराब नेटवर्क या कॉल ड्राप की समस्या को देखते हुए इस्तेमाल किया जाता है। इसका उपयोग करने वाला आसानी से अपनी पहचान छिपा सकता है।
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यह है पूरा मामला
रुधौली थानाक्षेत्र की एक युवती को पिछले छह महीने से आरोपी परेशान कर रहा था। फोन, टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सएप और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए उसे अशोभनीय कमेंट और अपशब्द कह रहा था। इतना ही नहीं, उसके पिता से लेकर भाई, बहन, मां को भी ऐसे मैसेज भेजता था। फोन करने वाला शख्स कोई बात नहीं करता, सिर्फ मैसेज के जरिए ही उसे परेशान कर रहा था। जहां वह ट्यूशन पढ़ने जाती थी, वहां के टीचर को भी मैसेज भेजने लगा, जिससे उसकी ट्यूशन भी छूट गई थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मनचले के खिलाफ दो बार मुकदमा दर्ज किया, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। इन सबके बीच युवती गहरे अवसाद में आ गई और उसने आत्महत्या करने का भी प्रयास किया। इस बीच परिवार वालों के साथ उसने आईजी राजेश मोडक से मिलकर इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी। जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
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बस्ती। युवती को फोन के जरिए अश्लील टिप्पणी, अपशब्द और धमकी देकर परेशान करने वाले आरोपी को रुधौली पुलिस ने साइबर सेल व सर्विलांस टीम बस्ती की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार राकेश चौधरी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह इंटरनेट कालिंग (वीओआईपी काल) के माध्यम से युवती व उसके परिवार वालों को मैसेज भेजता था। अश्लील बातें और धमकी से परेशान होकर युवती ने पिछले दिनों आईजी से इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी थी।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि प्रभारी निरीक्षक रुधौली रामकृष्ण मिश्र, प्रभारी सर्विलांस सेल दुर्विजय व प्रभारी साइबर सेल मजहर खान की टीम ने राकेश चौधरी निवासी गोठवा थाना रुधौली को शुक्रवार को सुबह थानाक्षेत्र के बभनी मिश्र शराब भट्ठी के पास से गिरफ्तार किया। जिस मोबाइल से वह युवती को धमकी देता था, वह उसके पास से बरामद हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फार्मेसी में डिप्लोमा है। कोरोना टीका लगाने के दौरान उसे युवती का मोबाइल नंबर मिला। जिसके बाद वह उस नंबर पर बात करने लगा। कुछ दिन बाद आरोपी ने पीड़िता को विवाह करने के लिए कहा। जिस पर पीड़िता ने मना कर दिया। जिससे गुस्सा होकर पीड़िता से अनजान बनकर इस व्हाट्सएप के वीओआईपी नम्बर से मैसेज करके अपशब्द कहने लगा। गिरफ्तार आरोपी ने बताया गया कि एक ऐप के जरिए उसने फर्जी वीओआईपी नंबर जनरेट किया था। उसी वीओआईपी नंबर से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर पीड़िता व उसके परिवार वालों को कॉल करके धमकी देता था। उसे पूरा भरोसा था कि इस ऐप के जरिए व्हाट्सएप से मैसेज करने पर पुलिस उसे पकड़ नहीं पाएगी।
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क्या है वीओआईपी नंबर
वायस ओवर इंटरनेट प्रोटाकाल यानी वीओआईपी एक तरह की इंटरनेट कालिंग है जो वाईफाई के जरिए की जाती है। प्राय: इसे खराब नेटवर्क या कॉल ड्राप की समस्या को देखते हुए इस्तेमाल किया जाता है। इसका उपयोग करने वाला आसानी से अपनी पहचान छिपा सकता है।
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यह है पूरा मामला
रुधौली थानाक्षेत्र की एक युवती को पिछले छह महीने से आरोपी परेशान कर रहा था। फोन, टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सएप और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए उसे अशोभनीय कमेंट और अपशब्द कह रहा था। इतना ही नहीं, उसके पिता से लेकर भाई, बहन, मां को भी ऐसे मैसेज भेजता था। फोन करने वाला शख्स कोई बात नहीं करता, सिर्फ मैसेज के जरिए ही उसे परेशान कर रहा था। जहां वह ट्यूशन पढ़ने जाती थी, वहां के टीचर को भी मैसेज भेजने लगा, जिससे उसकी ट्यूशन भी छूट गई थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मनचले के खिलाफ दो बार मुकदमा दर्ज किया, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। इन सबके बीच युवती गहरे अवसाद में आ गई और उसने आत्महत्या करने का भी प्रयास किया। इस बीच परिवार वालों के साथ उसने आईजी राजेश मोडक से मिलकर इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी। जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई।