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Basti News: अभियान चलाकर बनाई जाएगी अपार आईडी
Sun, 29 Jun 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 29 Jun 2025 01:08 AM IST
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बस्ती। परिषदीय विद्यालय 1 जुलाई से खुल जाएंगे। लेकिन, अभी पिछले सत्र के सभी बच्चाें की अपार आईडी नहीं बन पाई है। शासन ने विद्यालयों में बच्चों की अपार आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अपार आईडी बनाने के लिए आधार कार्ड का होना जरूरी है जबकि बहुत से बच्चों का अब तक आधार ही नहीं बन पाया है। इससे अभिभावक और शिक्षक दोनों परेशान हैं।
वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी के रूप में छात्रों के शैक्षणिक रिकार्ड को डिजिटल रूम में संग्रहित करने के लिए विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट) आईडी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश शुक्ला ने बताया कि पिछले सत्र में विद्यालयों में जो बच्चे नामांकित थे उनमें से अधिकतर बच्चों की अपार आईडी बनवा दी गई थी। अब केवल उन्हीं बच्चों की अपार आईडी नहीं बन पाई है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं था या जिनके अभिभावकों के आधार कार्ड में त्रुटि थी। इन बच्चों के अभिभावकों को आधार कार्ड की त्रुटि को ठीक कराने के लिए कहा गया था। जैसे ही विद्यालय का सत्र प्रारंभ होगा, प्राथमिकता के आधार पर उनकी अपार आईडी बनवा दी जाएगी।
बताया जाता है कि परिषदीय विद्यालयों में लगभग 3 लाख से अधिक बच्चों की अपार आईडी बनाई जा चुकी है। पिछले सत्र में एक से आठ तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले 4.5 लाख से अधिक बच्चे नामांकित थे, जिनकी अपार आईडी बनाई जानी थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार ने बताया कि बच्चों के शैक्षणिक रिकाॅर्ड को एक जगह डिजिटल रूम में संग्रहित करने के उद्देश्य से अपार आईडी बनाई जा रही है। नया सत्र के शुरू होते ही अपार आईडी बनाने का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। पिछले सत्र के जिन बच्चों की अपार आईडी नहीं बन पाई थी उनकी आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनवाई जाएगी।
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वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी के रूप में छात्रों के शैक्षणिक रिकार्ड को डिजिटल रूम में संग्रहित करने के लिए विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट) आईडी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश शुक्ला ने बताया कि पिछले सत्र में विद्यालयों में जो बच्चे नामांकित थे उनमें से अधिकतर बच्चों की अपार आईडी बनवा दी गई थी। अब केवल उन्हीं बच्चों की अपार आईडी नहीं बन पाई है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं था या जिनके अभिभावकों के आधार कार्ड में त्रुटि थी। इन बच्चों के अभिभावकों को आधार कार्ड की त्रुटि को ठीक कराने के लिए कहा गया था। जैसे ही विद्यालय का सत्र प्रारंभ होगा, प्राथमिकता के आधार पर उनकी अपार आईडी बनवा दी जाएगी।
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बताया जाता है कि परिषदीय विद्यालयों में लगभग 3 लाख से अधिक बच्चों की अपार आईडी बनाई जा चुकी है। पिछले सत्र में एक से आठ तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले 4.5 लाख से अधिक बच्चे नामांकित थे, जिनकी अपार आईडी बनाई जानी थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार ने बताया कि बच्चों के शैक्षणिक रिकाॅर्ड को एक जगह डिजिटल रूम में संग्रहित करने के उद्देश्य से अपार आईडी बनाई जा रही है। नया सत्र के शुरू होते ही अपार आईडी बनाने का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। पिछले सत्र के जिन बच्चों की अपार आईडी नहीं बन पाई थी उनकी आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनवाई जाएगी।
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