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Basti News: अमृत अस्पताल की जांच लटकी, दर्ज नहीं हुए संचालक और डॉक्टर के बयान
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बस्ती। मुंडेरवा कस्बे में संचालित अमृत अस्पताल की जांच लटकी हुई है। तीन सदस्यीय कमेटी बनने के बाद भी जांच अधिकारी लेटलतीफी किए हुए हैं, इससे मामला शांत पड़ा है। अभी तक न तो संचालक न ही डॉक्टर के बयान दर्ज हो पाए हैं। मुंडेरवा कस्बे में संचालित अमृत हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई महिला की मौत के मामले में मुंडेरवा पुलिस ने संचालक, चिकित्सक व स्टॉफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे हॉस्पिटल को सील कर दिया है। संचालक डॉ. मनीष श्रीवास्तव व चिकित्सक की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठ रहे हैं। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा की संचालक दोषी है या नहीं, इसलिए संचालक की गिरफ्तारी अभी नहीं की जा सकती है।
बता दें कि नगर पंचायत मुंडेरवा के वार्ड नंबर चार शास्त्रीनगर निवासी रोशनी (28) को लेकर 14 मई को रात 12 बजे परिजन कस्बे में संचालित अमृत हॉस्पिटल पहुंचे थे। महिला के पूरे शरीर में खुजली हो रही थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में केवल स्टॉफ मौजूद थे और उन्होंने महिला को दो इंजेक्शन लगाए। इसके बाद जैसे ही तीसरा इंजेक्शन लगाया, महिला बेहोश हो गई और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। महिला को बाइक से लेकर परिजन जिला अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही से हुई मौत का आरोप लगाते हुए परिजनों ने बस्ती-कांटे मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पर पहुंचे सीएमओ डॉ. राजीव निगम, सीओ रुधौली कुलदीप यादव व नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह ने जांच के बाद दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया, इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। पुलिस ने शव का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
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बता दें कि नगर पंचायत मुंडेरवा के वार्ड नंबर चार शास्त्रीनगर निवासी रोशनी (28) को लेकर 14 मई को रात 12 बजे परिजन कस्बे में संचालित अमृत हॉस्पिटल पहुंचे थे। महिला के पूरे शरीर में खुजली हो रही थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में केवल स्टॉफ मौजूद थे और उन्होंने महिला को दो इंजेक्शन लगाए। इसके बाद जैसे ही तीसरा इंजेक्शन लगाया, महिला बेहोश हो गई और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। महिला को बाइक से लेकर परिजन जिला अस्पताल जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही से हुई मौत का आरोप लगाते हुए परिजनों ने बस्ती-कांटे मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पर पहुंचे सीएमओ डॉ. राजीव निगम, सीओ रुधौली कुलदीप यादव व नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह ने जांच के बाद दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया, इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। पुलिस ने शव का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
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