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दो दिन में तीन बच्चों का एंबुलेंस में हुआ जन्म
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एंबुलेंस में जन्में तीन बच्चों में एक की मौत
कप्तानगंज (बस्ती)। इसे संयोग ही माना जा रहा है कि दो दिन के अंदर कप्तानगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े एंबुलेंस 102 में तीन बच्चों ने जन्म लिया जिसमें 2 मामलों में तो जच्चा-बच्चा पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि एक बच्चे की जन्म लेते ही सांसे टूट उखड़ गईं।
पगार गांव की सुशीला पत्नी रघुवीर को रविवार को प्रसव पीड़ा हुई तो आशा शकुंतला ने 102 नंबर पर सूचना देकर एंबुलेंस बुलाया। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही बच्चे ने जन्म लिया। केंद्र पर पहुंचने पर चिकित्सक की देखरेख में गर्भनाल काटी गई, लेकिन तब तक बच्चा दम तोड़ चुका था। इसी दिन निपनिया गांव की कुसमा पत्नी राम सूरत व बाघौड़ा गांव की नीतू देवी पत्नी सुरेश को प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन इन दोनों ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दिया। हालांकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि गर्भवती की सेवा में लगाए गए एंबुलेंस पूरी तरह से ठीक हैं। उसमें प्राथमिक उपचार की समस्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिसका परिणाम है कि दोनों जच्चा बच्चा स्वस्थ हैं। जहां तक पगार गांव का मामला है वह बच्चा पेट में ही दम तोड़ चुका था।
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कप्तानगंज (बस्ती)। इसे संयोग ही माना जा रहा है कि दो दिन के अंदर कप्तानगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े एंबुलेंस 102 में तीन बच्चों ने जन्म लिया जिसमें 2 मामलों में तो जच्चा-बच्चा पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि एक बच्चे की जन्म लेते ही सांसे टूट उखड़ गईं।
पगार गांव की सुशीला पत्नी रघुवीर को रविवार को प्रसव पीड़ा हुई तो आशा शकुंतला ने 102 नंबर पर सूचना देकर एंबुलेंस बुलाया। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही बच्चे ने जन्म लिया। केंद्र पर पहुंचने पर चिकित्सक की देखरेख में गर्भनाल काटी गई, लेकिन तब तक बच्चा दम तोड़ चुका था। इसी दिन निपनिया गांव की कुसमा पत्नी राम सूरत व बाघौड़ा गांव की नीतू देवी पत्नी सुरेश को प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन इन दोनों ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दिया। हालांकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि गर्भवती की सेवा में लगाए गए एंबुलेंस पूरी तरह से ठीक हैं। उसमें प्राथमिक उपचार की समस्त सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिसका परिणाम है कि दोनों जच्चा बच्चा स्वस्थ हैं। जहां तक पगार गांव का मामला है वह बच्चा पेट में ही दम तोड़ चुका था।
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