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अमरमणि केस : सेवानिवृत्त सीओ समेत दो ने दी गवाही
Tue, 23 Sep 2025 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 23 Sep 2025 01:35 AM IST
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बस्ती। व्यापारी के बेटे के अपहरण और गैंगस्टर एक्ट में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी पर चल रहे केस में सोमवार को दो साक्षियों के बयान दर्ज किए गए।
एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में तत्कालीन कोतवाल रहे सेवानिवृत्त क्षेत्राधिकारी अविनाश मिश्रा ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दी। जबकि महराजगंज जिले के सोनौली थाने के बरगदवा उर्फ गनवरिया निवासी संजय सिंह ने न्यायालय में प्रस्तुत होकर गवाही दी।
तत्कालीन कोतवाल ने बताया कि उन्हें एसटीएफ के जरिए राहुल मद्धेशिया के अपहरण की सूचना मिली थी। तत्कालीन एएसपी अनंतदेव के नेतृत्व में गठित टीम ने एक मकान से राहुल को मुक्त कराया था। वह मकान किसका था यह उस समय जानकारी नहीं थी। जबकि महराजगंज के संजय सिंह ने बयान में बयाया कि उन्हें समाचार पत्रों के जरिए जानकारी मिली थी।
केस के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अगली सुनवाई 25 सितंबर तय की गई है। करीब 24 साल पुराने इस मामले में 23 फरवरी 2024 से कोर्ट में गवाही चल रही है। अपहृत राहुल मद्धेशिया सहित अब तक नौ गवाहों का बयान दर्ज किया जा चुका है।
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बता दें कि, छह दिसंबर 2001 को कोतवाली थाना क्षेत्र के रोडवेज तिराहा निवासी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल को स्कूल जाते समय अगवा कर लिया गया था। इस मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी सहित नौ के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से राहुल मिला था, वह अमरमणि का ही था।
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एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में तत्कालीन कोतवाल रहे सेवानिवृत्त क्षेत्राधिकारी अविनाश मिश्रा ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दी। जबकि महराजगंज जिले के सोनौली थाने के बरगदवा उर्फ गनवरिया निवासी संजय सिंह ने न्यायालय में प्रस्तुत होकर गवाही दी।
तत्कालीन कोतवाल ने बताया कि उन्हें एसटीएफ के जरिए राहुल मद्धेशिया के अपहरण की सूचना मिली थी। तत्कालीन एएसपी अनंतदेव के नेतृत्व में गठित टीम ने एक मकान से राहुल को मुक्त कराया था। वह मकान किसका था यह उस समय जानकारी नहीं थी। जबकि महराजगंज के संजय सिंह ने बयान में बयाया कि उन्हें समाचार पत्रों के जरिए जानकारी मिली थी।
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केस के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अगली सुनवाई 25 सितंबर तय की गई है। करीब 24 साल पुराने इस मामले में 23 फरवरी 2024 से कोर्ट में गवाही चल रही है। अपहृत राहुल मद्धेशिया सहित अब तक नौ गवाहों का बयान दर्ज किया जा चुका है।
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बता दें कि, छह दिसंबर 2001 को कोतवाली थाना क्षेत्र के रोडवेज तिराहा निवासी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल को स्कूल जाते समय अगवा कर लिया गया था। इस मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी सहित नौ के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से राहुल मिला था, वह अमरमणि का ही था।