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प्रशासन ने जानबूझकर खारिज किया मेरा नामांकन : अपराजिता
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प्रशासन ने जानबूझकर खारिज किया मेरा नामांकन : अपराजिता
बस्ती। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक चुनाव में नामांकन करने वाली प्रत्याशी अपराजिता सिन्हा ने कहा कि गोरखपुर के प्रशासन ने जानबूझ कर उनका नामांकन खारिज कर दिया। बताया कि नामांकन में छोटी सी गलती के लिए उनसे शपथपत्र मांगा गया। उसे देने के बाद भी कमी दिखाकर नामांकन रद करना लोकतंत्र के साथ मजाक है। उन्होंने कहा कि वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी। न्यायालय ही न्याय दिलाएगा।
अपराजिता ने 13 जनवरी को अंतिम दिन गोरखपुर आयुक्त सभागार में स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि पहले बस्ती में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने मतदाता सूची में उनका नाम गलत किया, जिसकी सूचना दी गई। उसके बाद अंतिम समय तक उसे दुरुस्त नहीं किया गया। इसके चक्कर में वह शुरूआती दौर में नामांकन नहीं कर सकीं।
किसी तरह नाम ठीक कराया जा सका, तब जाकर अंतिम दिन उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया। अब उन्हें बिना सूचना दिए नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। कहा कि यह उनके ही नहीं, मतदाताओं के साथ भी अन्याय है। दो साल की मेहनत और उनके साथ जुड़े मतदाता इससे मर्माहत हैं। कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, मगर उन्हें चुनाव से साजिश कर लड़ने से रोका गया है। इसके लिए वह चुनाव आयोग व न्यायालय में अपनी बात रखेंगी।
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बस्ती। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक चुनाव में नामांकन करने वाली प्रत्याशी अपराजिता सिन्हा ने कहा कि गोरखपुर के प्रशासन ने जानबूझ कर उनका नामांकन खारिज कर दिया। बताया कि नामांकन में छोटी सी गलती के लिए उनसे शपथपत्र मांगा गया। उसे देने के बाद भी कमी दिखाकर नामांकन रद करना लोकतंत्र के साथ मजाक है। उन्होंने कहा कि वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगी। न्यायालय ही न्याय दिलाएगा।
अपराजिता ने 13 जनवरी को अंतिम दिन गोरखपुर आयुक्त सभागार में स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि पहले बस्ती में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने मतदाता सूची में उनका नाम गलत किया, जिसकी सूचना दी गई। उसके बाद अंतिम समय तक उसे दुरुस्त नहीं किया गया। इसके चक्कर में वह शुरूआती दौर में नामांकन नहीं कर सकीं।
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किसी तरह नाम ठीक कराया जा सका, तब जाकर अंतिम दिन उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया। अब उन्हें बिना सूचना दिए नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। कहा कि यह उनके ही नहीं, मतदाताओं के साथ भी अन्याय है। दो साल की मेहनत और उनके साथ जुड़े मतदाता इससे मर्माहत हैं। कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है, मगर उन्हें चुनाव से साजिश कर लड़ने से रोका गया है। इसके लिए वह चुनाव आयोग व न्यायालय में अपनी बात रखेंगी।
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