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Basti News: हत्या व दुष्कर्म के आरोप से बरी
Thu, 15 Feb 2024 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 15 Feb 2024 12:59 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार की अदालत ने संदेह का लाभ देकर दुष्कर्म व हत्या के आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन के अनुसार, कलवारी थाना क्षेत्र निवासी जोखन चौधरी के विरुद्ध केस दर्ज कराया गया। पीड़ित ने कहा है कि पत्नी 22 जून 2019 को शाम 7 बजे सिवान में गई थी। दो-तीन घंटे नहीं आई तो खोजबीन शुरू हुई। रात करीब 11 बजे जोखन के बरामदे में बेहोशी हालत में मिली। प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार, रात में संसाधनों के अभाव में चिकित्सालय नहीं ले जाया जा सका। सुबह अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में कलवारी थाना में तहरीर के आधार पर हत्या व दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ। विवेचना के बाद आरोपपत्र दाखिल हुआ। अभियोजन की तरफ से आठ गवाह प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राम कृपाल चौधरी ने कहा कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास है। मृतका के शरीर पर जो पुरुष शुक्राणु पाए गए हैं वह चिकित्सीय परीक्षण से यह नहीं साबित हो पाए हैं कि आरोपी के ही थे। इन स्थितियों में जोखन को संदेह का लाभ देकर के न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।
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बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार की अदालत ने संदेह का लाभ देकर दुष्कर्म व हत्या के आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन के अनुसार, कलवारी थाना क्षेत्र निवासी जोखन चौधरी के विरुद्ध केस दर्ज कराया गया। पीड़ित ने कहा है कि पत्नी 22 जून 2019 को शाम 7 बजे सिवान में गई थी। दो-तीन घंटे नहीं आई तो खोजबीन शुरू हुई। रात करीब 11 बजे जोखन के बरामदे में बेहोशी हालत में मिली। प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार, रात में संसाधनों के अभाव में चिकित्सालय नहीं ले जाया जा सका। सुबह अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में कलवारी थाना में तहरीर के आधार पर हत्या व दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ। विवेचना के बाद आरोपपत्र दाखिल हुआ। अभियोजन की तरफ से आठ गवाह प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राम कृपाल चौधरी ने कहा कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास है। मृतका के शरीर पर जो पुरुष शुक्राणु पाए गए हैं वह चिकित्सीय परीक्षण से यह नहीं साबित हो पाए हैं कि आरोपी के ही थे। इन स्थितियों में जोखन को संदेह का लाभ देकर के न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।
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