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अब भर्ती से पहले व छुट्टी के बाद होगी बायोमैट्रिक हाजिरी
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आयुष्मान भारत
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बनाई नई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आयुष्मान भारत योजना में मरीजों के इलाज की व्यवस्था जहां गोल्डेन कार्ड के आधार पर करने का निर्देश केंद्र सरकार ने जारी किया है, वहीं अब लाभार्थियों को भर्ती से पहले व छुट्टी के बाद बायोमीट्रिक सिस्टम के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। बायोमीट्रिक का उद्देश्य है कि सही व्यक्ति ही योजना का लाभ पा सके।
आयुष्मान भारत योजना में यह शिकायत दर्ज कराई गई कि तमाम लोग दूसरे के कार्ड पर लाभान्वित हो रहे हैं। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर केंद्र सरकार ने योजना से संबद्ध सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में ऐसे मरीज जिनका गोल्डेन कार्ड है, को भर्ती से पहले बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया है। इलाज के बाद जाते समय भी उसे बायोमीट्रिक प्रमाण के लिए हाजिरी लगानी होगी।
जिला समन्वयक आयुष्मान डॉ. स्वाति त्रिपाठी ने बताया कि अब तक जितने भी गोल्डेन कार्ड बने हैं, उससे इलाज का लाभ लेने के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम की व्यवस्था बनाई गई है। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को इस संबंध में निर्देश दे दिया गया है।
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डीएम ने कम उपलब्धि वाले अस्पतालों की ली क्लास
नवंबर में तय लक्ष्य के अनुसार करना होगा काम
इधर, आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि डीएम आशुुतोष निरंजन ने शहरी क्षेत्र के आयुष्मान भारत से जुड़े कम उपलब्धि हासिल करने वाले चार अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक की। उन्हें नवंबर में लक्ष्य तय कर दिया है।
इन अस्पतालों में नूर हास्पिटल ने अक्टूबर में मात्र चार गोल्डेन कार्ड बनाए हैं, जबकि केवल एक आपरेशन योजना के तहत किया गया। इसी प्रकार शहर के ज्यॉन अस्पताल ने महज एक गोल्डेन कार्ड बनाए जबकि एक भी आपरेशन अक्टूबर में नहीं किया गया। जबकि योजना से संबद्ध एक हड्डी अस्पताल ने तीन गोल्डेन कार्ड बनाए हैं और कोई ऑपरेशन नही किया। इन तीनों अस्पतालों को 25-25 गोल्डेन कार्ड बनाने व 10-10 आपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया है। योजना से संबद्ध नवयुग नर्सिंग होम ने भी मात्र तीन गोल्डेन कार्ड बनाए तथा एक भी ऑपरेशन योजना में नहीं किया। इन्हें पचास गोल्डेन कार्ड बनाने व 20 ऑपरेशन का लक्ष्य डीएम ने तय किया है।
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फर्जीवाड़ा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बनाई नई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आयुष्मान भारत योजना में मरीजों के इलाज की व्यवस्था जहां गोल्डेन कार्ड के आधार पर करने का निर्देश केंद्र सरकार ने जारी किया है, वहीं अब लाभार्थियों को भर्ती से पहले व छुट्टी के बाद बायोमीट्रिक सिस्टम के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। बायोमीट्रिक का उद्देश्य है कि सही व्यक्ति ही योजना का लाभ पा सके।
आयुष्मान भारत योजना में यह शिकायत दर्ज कराई गई कि तमाम लोग दूसरे के कार्ड पर लाभान्वित हो रहे हैं। इन स्थितियों को संज्ञान में लेकर केंद्र सरकार ने योजना से संबद्ध सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में ऐसे मरीज जिनका गोल्डेन कार्ड है, को भर्ती से पहले बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया है। इलाज के बाद जाते समय भी उसे बायोमीट्रिक प्रमाण के लिए हाजिरी लगानी होगी।
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जिला समन्वयक आयुष्मान डॉ. स्वाति त्रिपाठी ने बताया कि अब तक जितने भी गोल्डेन कार्ड बने हैं, उससे इलाज का लाभ लेने के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम की व्यवस्था बनाई गई है। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को इस संबंध में निर्देश दे दिया गया है।
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डीएम ने कम उपलब्धि वाले अस्पतालों की ली क्लास
नवंबर में तय लक्ष्य के अनुसार करना होगा काम
इधर, आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि डीएम आशुुतोष निरंजन ने शहरी क्षेत्र के आयुष्मान भारत से जुड़े कम उपलब्धि हासिल करने वाले चार अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक की। उन्हें नवंबर में लक्ष्य तय कर दिया है।
इन अस्पतालों में नूर हास्पिटल ने अक्टूबर में मात्र चार गोल्डेन कार्ड बनाए हैं, जबकि केवल एक आपरेशन योजना के तहत किया गया। इसी प्रकार शहर के ज्यॉन अस्पताल ने महज एक गोल्डेन कार्ड बनाए जबकि एक भी आपरेशन अक्टूबर में नहीं किया गया। जबकि योजना से संबद्ध एक हड्डी अस्पताल ने तीन गोल्डेन कार्ड बनाए हैं और कोई ऑपरेशन नही किया। इन तीनों अस्पतालों को 25-25 गोल्डेन कार्ड बनाने व 10-10 आपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया है। योजना से संबद्ध नवयुग नर्सिंग होम ने भी मात्र तीन गोल्डेन कार्ड बनाए तथा एक भी ऑपरेशन योजना में नहीं किया। इन्हें पचास गोल्डेन कार्ड बनाने व 20 ऑपरेशन का लक्ष्य डीएम ने तय किया है।