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सरकार विरोधी नारे लगाती रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
basti
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:02 AM IST
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विराोध्ा
- फोटो : amar ujala
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बस्ती/साऊंघाट।
काम बंद, कलम बंद हड़ताल के 37वें दिन महिला आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए। परियोजना कार्यालयों के समक्ष धरना दे रहीं महिला आंगनबाड़ी कर्मियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन से नहीं हटने की बात दोहराई है।
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 22 सितंबर से आंगनबाड़ी कर्मियों का जिले की सभी परियोजना कार्यालयों पर धरना चल रहा है। सरकारी कर्मचारी घोषित करने, मानदेय बढ़ाने, पेंशन देने, मेडिकल अवकाश सहित 13 सूत्री मांगों के समर्थन में अपने-अपने परियोजना कार्यालयों के समक्ष सरकार विरोधी नारेबाजी की। संघ की जिलाध्यक्ष रतन बाला श्रीवास्तव ने कहा कि पांच दिसंबर को शास्त्री चौक पर सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की एक सभा होगी। इसमें मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष गिरीश कुमार पाण्डेय तथा महामंत्री नीलम पांडेय भी मौजूद रहेंगी। कहा कि इस बार का आंदोलन निर्णायक होगा। कहा कि जिले के सभी 15 बाल विकास परियोजनाओं में आंगनबाड़ी कर्मी आंदोलन पर डटी हैं। मानदेय काटने, सेवाएं समाप्त करने की धमकी का कोई असर नहीं है। निकाय चुनाव की मतगणना के बाद आंदोलन और तेज किया जाएगा। साऊंघाट प्रतिनिधि के मुताबिक बाल विकास परियोजना कार्यालय पर जुटीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने ब्लॉक अध्यक्ष उर्मिला त्रिपाठी की अगुवाई में सीएम के पोस्टर के समक्ष चूड़ियां भेंट कीं। सरकार विरोधी नारे लगाए। ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। धरने पर सरोजा, सुनीता वर्मा, सुशीला, शीला चौधरी, नीना देवी, आशा, अनीता, प्रभावती, सुमन सिंह समेत कई शामिल रहीं।
अनशन से पीछे नहीं हटेंगे विद्युत मजदूर
एक्सईएन दफ्तर परिसर में संविदा मजदूरों का धरना
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
विद्युत संविदा मजदूर संगठन मांगों से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। वे सोमवार को 27वें दिन भी क्रमिक भूूख हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अधीक्षण अभियंता ने पॉवर कारपोरेशन के आदेशों का उल्लंघन करके अपात्र ठेकेदारों को मंडल की विद्युत लाइनों और उपकेंद्रों की परिचालन तथा अनुरक्षण की जिम्मेदारी दी है। जो श्रमिक अधिनियम एवं उन्मूलन 1970 की धारा 12 का उल्लंघन है। नई निविदा प्रक्रिया निरस्त करके पुराने संविदाकारों को तैनाती दी जाए। विद्युत मजदूर कल्याण समिति के कम रेट होने के बावजूद टेंडर नहीं दिया गया। जबकि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अधिक रेट वाले को निविदा जारी कर दी गई। ऊर्जा मंत्री ने ई-टेंडरिंग के माध्यम से सबसे कम रेट वाले को निविदा देने की घोषणा की थी। गोलमाल करने वाले विभागीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। निविदाकार पुराने की जगह नए कर्मियों की भर्ती कर रहे हैं।
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इस मौके पर जोनल अध्यक्ष राम ललित चौधरी, मंत्री सालिक राम चौधरी, मंडल अध्यक्ष अभय कुमार श्रीवास्तव, जगदंबा उपाध्याय, राम जनम चौधरी, राम सजीवन, रमेश यादव, अनूप यादव, मल्लू, अवधेश कुमार, अंकित यादव, सूर्य प्रकाश, बलिराम चौधरी, अशोक कुमार मिश्र, सलीम, चंद्र प्रकाश चौधरी, कमला प्रसाद सहित अन्य मौजूद रहे।
काम बंद, कलम बंद हड़ताल के 37वें दिन महिला आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए। परियोजना कार्यालयों के समक्ष धरना दे रहीं महिला आंगनबाड़ी कर्मियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन से नहीं हटने की बात दोहराई है।
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 22 सितंबर से आंगनबाड़ी कर्मियों का जिले की सभी परियोजना कार्यालयों पर धरना चल रहा है। सरकारी कर्मचारी घोषित करने, मानदेय बढ़ाने, पेंशन देने, मेडिकल अवकाश सहित 13 सूत्री मांगों के समर्थन में अपने-अपने परियोजना कार्यालयों के समक्ष सरकार विरोधी नारेबाजी की। संघ की जिलाध्यक्ष रतन बाला श्रीवास्तव ने कहा कि पांच दिसंबर को शास्त्री चौक पर सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की एक सभा होगी। इसमें मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष गिरीश कुमार पाण्डेय तथा महामंत्री नीलम पांडेय भी मौजूद रहेंगी। कहा कि इस बार का आंदोलन निर्णायक होगा। कहा कि जिले के सभी 15 बाल विकास परियोजनाओं में आंगनबाड़ी कर्मी आंदोलन पर डटी हैं। मानदेय काटने, सेवाएं समाप्त करने की धमकी का कोई असर नहीं है। निकाय चुनाव की मतगणना के बाद आंदोलन और तेज किया जाएगा। साऊंघाट प्रतिनिधि के मुताबिक बाल विकास परियोजना कार्यालय पर जुटीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने ब्लॉक अध्यक्ष उर्मिला त्रिपाठी की अगुवाई में सीएम के पोस्टर के समक्ष चूड़ियां भेंट कीं। सरकार विरोधी नारे लगाए। ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। धरने पर सरोजा, सुनीता वर्मा, सुशीला, शीला चौधरी, नीना देवी, आशा, अनीता, प्रभावती, सुमन सिंह समेत कई शामिल रहीं।
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अनशन से पीछे नहीं हटेंगे विद्युत मजदूर
एक्सईएन दफ्तर परिसर में संविदा मजदूरों का धरना
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
विद्युत संविदा मजदूर संगठन मांगों से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। वे सोमवार को 27वें दिन भी क्रमिक भूूख हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अधीक्षण अभियंता ने पॉवर कारपोरेशन के आदेशों का उल्लंघन करके अपात्र ठेकेदारों को मंडल की विद्युत लाइनों और उपकेंद्रों की परिचालन तथा अनुरक्षण की जिम्मेदारी दी है। जो श्रमिक अधिनियम एवं उन्मूलन 1970 की धारा 12 का उल्लंघन है। नई निविदा प्रक्रिया निरस्त करके पुराने संविदाकारों को तैनाती दी जाए। विद्युत मजदूर कल्याण समिति के कम रेट होने के बावजूद टेंडर नहीं दिया गया। जबकि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से अधिक रेट वाले को निविदा जारी कर दी गई। ऊर्जा मंत्री ने ई-टेंडरिंग के माध्यम से सबसे कम रेट वाले को निविदा देने की घोषणा की थी। गोलमाल करने वाले विभागीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। निविदाकार पुराने की जगह नए कर्मियों की भर्ती कर रहे हैं।
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इस मौके पर जोनल अध्यक्ष राम ललित चौधरी, मंत्री सालिक राम चौधरी, मंडल अध्यक्ष अभय कुमार श्रीवास्तव, जगदंबा उपाध्याय, राम जनम चौधरी, राम सजीवन, रमेश यादव, अनूप यादव, मल्लू, अवधेश कुमार, अंकित यादव, सूर्य प्रकाश, बलिराम चौधरी, अशोक कुमार मिश्र, सलीम, चंद्र प्रकाश चौधरी, कमला प्रसाद सहित अन्य मौजूद रहे।