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Basti News: भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा
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भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर शहर में निकाली गई शोभायात्रा स्रोत संगठन
बस्ती। भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर रविवार को धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। शहर में केडीसी से ब्राह्मण महासभा तक भव्य यात्रा निकाली गई। इसके बाद ब्राह्मण समाज का समागम हुआ।
भगवान परशुराम के जन्मोत्सव अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा आकर्षक झांकियाें व बैंडबाजों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। वहीं झांकियां लोगों का आकर्षक का केंद्र बनी रहीं। शोभायात्रा पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई जो नगर के प्रमुख मार्गों होते हुए ब्राह्मण महासभा पहुंची। शोभायात्रा में जहां एक रथ पर भगवान परशुराम की तस्वीर विराजमान थी, वहीं अन्य झांकियां भी साथ-साथ चल रही थीं। भक्तिगीतों पर युवा थिरकते हुए चल रहे थे। जगह-जगह शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा हुई।
तहसील क्षेत्र के केनौना चौराहे पर कैप्टेन कृष्ण चंद्र पाठक के संयोजन में शोभा यात्रा निकाली गई और कार्यक्रम हुआ। कहा कि भगवान परशुराम का जन्म वैशाख मास की शुक्ल तृतीया को हुआ था। इस दिन अक्षय तृतीया भी मनाई जाती है। अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने के कारण भगवान परशुराम के शक्ति की क्षति नहीं होती। पूर्व विधायक सीए चंद्र प्रकाश शुक्ल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समाज के लिए काम करना चाहिए। भगवान परशुराम के पद चिह्नों में चलते हुए मांस-मदिरा व नशा से कोसों दूर रहें। दयाशंकर मिश्र, प्रवीण पाठक, रमेश कुमार शुक्ल मौजूद रहे।
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मुंडेरवा संवाद के अनुसार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर काली मंदिर परिसर में कार्यक्रम हुआ। पं. नरोत्तम मिश्रा ने भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डाला। पं. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम धर्म, न्याय और अन्याय के विरुद्ध शक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। अनिल शुक्ल, अभिषेक पांडेय, विजय प्रकाश शुक्ल, देवानंद त्रिपाठी, नन्हे पांडेय, भोला, अशोक पांडेय, दिलीप कुमार, साधू शुक्ल मौजूद रहे। भानपुर संवाद के अनुसार, अक्षय तृतीया के अवसर पर तहसील क्षेत्र फेरसम गांव में स्थित भगवान परशुराम के मंदिर पूजा-अर्चना व हवन का आयोजन किया गया।
अध्यक्ष अंकेश पांडेय ने लोगों को भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डाला। दीन दयाल तिवारी, विनोद पांडेय, बृजेश पांडेय, सनी, सूर्यभान पाल, मनीष कुमार, सतीश, शिवा, अमरीश मौजूद रहे। वहीं, छावनी संवाद के अनुसार, अमोढ़ा में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर आयोजन हुआ, शोभा यात्रा निकाली गई।
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हर्षोल्लास के साथ भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मना
बस्ती। भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव हर्रैया नगर पंचायत स्थित ब्रम्हदेव इंद्रमती त्रिपाठी महिला डिग्री कॉलेज के सभागार में ब्राह्मण महासभा के तहसील अध्यक्ष कृपाशंकर शुक्ल की अध्यक्षता में मनाया गया। पं. अशोक शुक्ल, अवधेश कुमार त्रिपाठी समेत अन्य अतिथियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम शुरू किया। अतिथियों ने कहा कि भगवान परशुराम शौर्य, तप और धर्मनिष्ठा के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन न्याय, सत्य और आदर्शों की स्थापना के लिए समर्पित रहा, जो मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। भगवान परशुराम ने अपने जीवन में धर्म और न्याय की स्थापना के साथ-साथ समाज में संतुलन और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। कहा कि वे केवल योद्धा नहीं थे, बल्कि वेदों के ज्ञाता भी थे। यह दर्शाता है कि शक्ति का उपयोग ज्ञान और मर्यादा के साथ किया जाना चाहिए। ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय, जनपदीय अध्यक्ष नवीन दुबे, जिला महामंत्री शंभू नाथ मिश्र, नर्मदेश्वर शुक्ल, दयाशंकर मिश्र, प्रवीण पाठक, सुभाष चंद्र त्रिपाठी, राजेश द्विवेदी, रोहित त्रिपाठी, विनोद शुक्ल, जनार्दन पांडेय, अनिल पांडेय, प्रेम शंकर ओझा, टनाटन मिश्र, राजेश पांडेय, शिवनारायण पांडेय, गिरजा शंकर द्विवेदी, दुखहरण प्रसाद शुक्ला, उमाकांत त्रिपाठी, चंद्रमणि पांडेय मौजूद रहे।
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भगवान परशुराम के जन्मोत्सव अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा आकर्षक झांकियाें व बैंडबाजों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। वहीं झांकियां लोगों का आकर्षक का केंद्र बनी रहीं। शोभायात्रा पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई जो नगर के प्रमुख मार्गों होते हुए ब्राह्मण महासभा पहुंची। शोभायात्रा में जहां एक रथ पर भगवान परशुराम की तस्वीर विराजमान थी, वहीं अन्य झांकियां भी साथ-साथ चल रही थीं। भक्तिगीतों पर युवा थिरकते हुए चल रहे थे। जगह-जगह शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा हुई।
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तहसील क्षेत्र के केनौना चौराहे पर कैप्टेन कृष्ण चंद्र पाठक के संयोजन में शोभा यात्रा निकाली गई और कार्यक्रम हुआ। कहा कि भगवान परशुराम का जन्म वैशाख मास की शुक्ल तृतीया को हुआ था। इस दिन अक्षय तृतीया भी मनाई जाती है। अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने के कारण भगवान परशुराम के शक्ति की क्षति नहीं होती। पूर्व विधायक सीए चंद्र प्रकाश शुक्ल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समाज के लिए काम करना चाहिए। भगवान परशुराम के पद चिह्नों में चलते हुए मांस-मदिरा व नशा से कोसों दूर रहें। दयाशंकर मिश्र, प्रवीण पाठक, रमेश कुमार शुक्ल मौजूद रहे।
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मुंडेरवा संवाद के अनुसार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर काली मंदिर परिसर में कार्यक्रम हुआ। पं. नरोत्तम मिश्रा ने भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डाला। पं. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम धर्म, न्याय और अन्याय के विरुद्ध शक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। अनिल शुक्ल, अभिषेक पांडेय, विजय प्रकाश शुक्ल, देवानंद त्रिपाठी, नन्हे पांडेय, भोला, अशोक पांडेय, दिलीप कुमार, साधू शुक्ल मौजूद रहे। भानपुर संवाद के अनुसार, अक्षय तृतीया के अवसर पर तहसील क्षेत्र फेरसम गांव में स्थित भगवान परशुराम के मंदिर पूजा-अर्चना व हवन का आयोजन किया गया।
अध्यक्ष अंकेश पांडेय ने लोगों को भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डाला। दीन दयाल तिवारी, विनोद पांडेय, बृजेश पांडेय, सनी, सूर्यभान पाल, मनीष कुमार, सतीश, शिवा, अमरीश मौजूद रहे। वहीं, छावनी संवाद के अनुसार, अमोढ़ा में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर आयोजन हुआ, शोभा यात्रा निकाली गई।
हर्षोल्लास के साथ भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मना
बस्ती। भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव हर्रैया नगर पंचायत स्थित ब्रम्हदेव इंद्रमती त्रिपाठी महिला डिग्री कॉलेज के सभागार में ब्राह्मण महासभा के तहसील अध्यक्ष कृपाशंकर शुक्ल की अध्यक्षता में मनाया गया। पं. अशोक शुक्ल, अवधेश कुमार त्रिपाठी समेत अन्य अतिथियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम शुरू किया। अतिथियों ने कहा कि भगवान परशुराम शौर्य, तप और धर्मनिष्ठा के अद्वितीय प्रतीक हैं। उनका जीवन न्याय, सत्य और आदर्शों की स्थापना के लिए समर्पित रहा, जो मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। भगवान परशुराम ने अपने जीवन में धर्म और न्याय की स्थापना के साथ-साथ समाज में संतुलन और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। कहा कि वे केवल योद्धा नहीं थे, बल्कि वेदों के ज्ञाता भी थे। यह दर्शाता है कि शक्ति का उपयोग ज्ञान और मर्यादा के साथ किया जाना चाहिए। ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय, जनपदीय अध्यक्ष नवीन दुबे, जिला महामंत्री शंभू नाथ मिश्र, नर्मदेश्वर शुक्ल, दयाशंकर मिश्र, प्रवीण पाठक, सुभाष चंद्र त्रिपाठी, राजेश द्विवेदी, रोहित त्रिपाठी, विनोद शुक्ल, जनार्दन पांडेय, अनिल पांडेय, प्रेम शंकर ओझा, टनाटन मिश्र, राजेश पांडेय, शिवनारायण पांडेय, गिरजा शंकर द्विवेदी, दुखहरण प्रसाद शुक्ला, उमाकांत त्रिपाठी, चंद्रमणि पांडेय मौजूद रहे।