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Basti News: निर्माणाधीन अंडरपास के पास खोद दिया गहरा गड्ढा...सता रहा हादसे का खतरा
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अंडरपास का चल रहा निर्माण।
बभनान। रेलवे स्टेशन से दो किमी पूरब समपार फाटक संख्या 220 पर निर्माणाधीन अंडरपास के पास गहरी खाई खोद दी गई है। इससे सड़क संकरी हो गई है। मुख्य सड़क किनारे बैरिकेडिंग भी नहीं की गई है। इससे राहगीरों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों का आरोप है कि मौके पर जिम्मेदार नहीं आते हैं। इसलिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।
कस्बे के सोहन, राजू प्रजापति और दिनेश लाल का कहना है कि रेलवे डाउन ट्रैक के किनारे से अंडरपास की दीवार बनाने के लिए मुख्य सड़क से सटे 20 फिट गहरी मिट्टी निकाल ली गई है। सड़क पर बैरिकेडिंग भी नहीं की गई है। सड़क संकरी हो गई है। उन्होंने कहा कि अंडरपास के बगल से गुजरी सड़क से प्रतिदिन संथुवा, शाहबाजपुर, कलादीनपुर, बभना, सेहरिया,भटहा जंगल सहित दर्जनों गांव के लोग बाजार आते-जाते हैं। सबसे ज्यादा डर स्कूली बच्चों को हो रही है। जरा सी सावधानी हटने पर वे गहरी खाई में गिर सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यहां बैरिकेडिंग करने से हादसे की आशंका को रोका जा सकता है। दिन में तो राहगीर किसी तरह बच-बचाकर सड़क पार कर लेते हैं, मगर रात के वक्त दुश्वारियां बढ़ जाती है। उनका कहना है कि इस समय सहालग का सीजन चल रहा है। लोग शादी-विवाह में शामिल होकर इसी रास्ते से आते-जाते हैं। ऐसे में दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है।
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लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गति भी धीमी है। इससे निर्माण में लंबा वक्त लग सकता है। खोदाई के बाद गड्ढे में पानी भर गया। पानी को निकालने के लिए मोटर भी नहीं लगाए गए हैं। पानी को रेलवे ट्रैक के किनारे खाली जगह पर पानी भरा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य कराने वालों से इसकी शिकायत की गई है, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं हैं।
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कस्बे के सोहन, राजू प्रजापति और दिनेश लाल का कहना है कि रेलवे डाउन ट्रैक के किनारे से अंडरपास की दीवार बनाने के लिए मुख्य सड़क से सटे 20 फिट गहरी मिट्टी निकाल ली गई है। सड़क पर बैरिकेडिंग भी नहीं की गई है। सड़क संकरी हो गई है। उन्होंने कहा कि अंडरपास के बगल से गुजरी सड़क से प्रतिदिन संथुवा, शाहबाजपुर, कलादीनपुर, बभना, सेहरिया,भटहा जंगल सहित दर्जनों गांव के लोग बाजार आते-जाते हैं। सबसे ज्यादा डर स्कूली बच्चों को हो रही है। जरा सी सावधानी हटने पर वे गहरी खाई में गिर सकते हैं।
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स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यहां बैरिकेडिंग करने से हादसे की आशंका को रोका जा सकता है। दिन में तो राहगीर किसी तरह बच-बचाकर सड़क पार कर लेते हैं, मगर रात के वक्त दुश्वारियां बढ़ जाती है। उनका कहना है कि इस समय सहालग का सीजन चल रहा है। लोग शादी-विवाह में शामिल होकर इसी रास्ते से आते-जाते हैं। ऐसे में दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है।
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लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गति भी धीमी है। इससे निर्माण में लंबा वक्त लग सकता है। खोदाई के बाद गड्ढे में पानी भर गया। पानी को निकालने के लिए मोटर भी नहीं लगाए गए हैं। पानी को रेलवे ट्रैक के किनारे खाली जगह पर पानी भरा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य कराने वालों से इसकी शिकायत की गई है, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं हैं।