{"_id":"65-97176","slug":"Basti-97176-65","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में पिता समेत 11 के विरुद्ध मुकदमे का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या में पिता समेत 11 के विरुद्ध मुकदमे का आदेश
Basti
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। सीजेएम अशोक कुमार ने हत्या कर साक्ष्य मिटाने के मामले में मृत किशोरी के पिता सहित 11 लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना का आदेश एसओ मुंडेरवा को दिया है। सीजेएम ने कार्रवाई से कोर्ट को भी अवगत कराने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, संतकबीरनगर जनपद के दुधारा थाना क्षेत्र के सैंथवलिया गांव की सुनीता पत्नी घिसियावन ने एडवोकेट हरेंद्र सिंह के जरिये कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पिंटू, छोटेलाल, गोरखनाथ, गोरखनाथ की पत्नी, कलावती, सुरेश, सुरेश की पत्नी सहित 11 लोगाें पर आरोप लगाया कि उसकी बेटी अंजू की हत्या कर लाश क ो ठिकाने लगा दिया गया। सुनीता का कहना है कि उसकी शादी पहले पिंटू के साथ हुई थी। उससे एक लड़क ी अंजू पैदा हुई थी। बाद में उसने दूसरी शादी कर ली। सुनीता का कहना है कि जब उसने दूसरी शादी की, उस समय अंजू 9 साल की थी। घटना के समय उसकी बेटी की उम्र 15 साल थी। उसने आरोप लगाया कि पहले पति और उसके परिवार के लोग मिलकर बेटी को 15 अगस्त 2014 को ओड़वारा रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। वह कई टुकड़ों में कट गई थी। सुनीता का कहना है कि उसने अपनी बेटी के बारे में जब पहले वाले पति के घर पूछताछ क ो गई तो उसे बताया गया कि वह स्कू ल गई है। बाद में उसकी मौत की जानकारी मिली। सुनीता ने थाने पर न्याय न मिलने पर कोर्ट पहुंची। सीजेएम अशोक कुमार ने मामले को गंभीर प्रकृति का मानते हुए मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना का आदेश एसओ को दिया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, संतकबीरनगर जनपद के दुधारा थाना क्षेत्र के सैंथवलिया गांव की सुनीता पत्नी घिसियावन ने एडवोकेट हरेंद्र सिंह के जरिये कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पिंटू, छोटेलाल, गोरखनाथ, गोरखनाथ की पत्नी, कलावती, सुरेश, सुरेश की पत्नी सहित 11 लोगाें पर आरोप लगाया कि उसकी बेटी अंजू की हत्या कर लाश क ो ठिकाने लगा दिया गया। सुनीता का कहना है कि उसकी शादी पहले पिंटू के साथ हुई थी। उससे एक लड़क ी अंजू पैदा हुई थी। बाद में उसने दूसरी शादी कर ली। सुनीता का कहना है कि जब उसने दूसरी शादी की, उस समय अंजू 9 साल की थी। घटना के समय उसकी बेटी की उम्र 15 साल थी। उसने आरोप लगाया कि पहले पति और उसके परिवार के लोग मिलकर बेटी को 15 अगस्त 2014 को ओड़वारा रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। वह कई टुकड़ों में कट गई थी। सुनीता का कहना है कि उसने अपनी बेटी के बारे में जब पहले वाले पति के घर पूछताछ क ो गई तो उसे बताया गया कि वह स्कू ल गई है। बाद में उसकी मौत की जानकारी मिली। सुनीता ने थाने पर न्याय न मिलने पर कोर्ट पहुंची। सीजेएम अशोक कुमार ने मामले को गंभीर प्रकृति का मानते हुए मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना का आदेश एसओ को दिया है।
विज्ञापन