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दो मौतों से ढोरिका और रोहतास गांव की दिवाली फीकी
Basti
Updated Mon, 04 Nov 2013 05:39 AM IST
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बस्ती। प्रेमी युगल की मौत ने गांव के लोगों को हिलाकर रख दिया है। छोटी दीपावली की रात में आत्महत्या के बाद से गांव में मातम का माहौल है। दीपावली पर इन दोनों गांवों के लोग गमगीन हैं। गांव के लोग पूरे मामले में कुछ बोलने से बच रहे हैं। उधर घटना के बाद से रविवार को दिन भर पुलिस ने गांव में डेरा डाले रखा। पुलिस इस मामले में लोगों से जानकारी इकटठी कर रही है कि किन परिस्थितियों में प्रेमी युगल ने आत्महत्या का रास्ता चुन लिया।
जहां पूरा इलाका फुलझड़ियों, पटाखों और दीयों की रोशनी में नहाने को तैयार था वहीं दो गांव के लोग मातम में डूब गए। शनिवार की रात में ढोरिका गांव के बगल में प्रेमी युगल ने पेंड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने के बाद कुछ लोग तो घटना स्थल तक आए मगर अधिकतर गांव वालों ने चुप रहना बेहतर समझा। घटना के बाद से गांव के लेागों के भीतर एक तरह की नाराजगी देखी गई। गांव कई कई लोगों से इस घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई मगर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। गांव के लोगोें ने सिर्फ इतना कहा कि इस घटना ने गांव के लोगोें को तोड़कर रख दिया है। उधर मृत युवती हिना के घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। वे समझ नहीं पा रहे थे कि करें तो क्या करें। नगर क्षेत्र के रोहतास गांव का भी यही हाल था। गांव के युवक वीरेन्द्र की मौत के बाद गांव से उत्सव का माहौल खत्म हो गया। लोग गमजदा थे। दीपावली के लिए सजा कर रखे गए दिए ठंडे पड़ गए थे। लोगों का कहना था कि इस बार की दीपावली उनके लिए अशुभ साबित हुई।
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जहां पूरा इलाका फुलझड़ियों, पटाखों और दीयों की रोशनी में नहाने को तैयार था वहीं दो गांव के लोग मातम में डूब गए। शनिवार की रात में ढोरिका गांव के बगल में प्रेमी युगल ने पेंड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने के बाद कुछ लोग तो घटना स्थल तक आए मगर अधिकतर गांव वालों ने चुप रहना बेहतर समझा। घटना के बाद से गांव के लेागों के भीतर एक तरह की नाराजगी देखी गई। गांव कई कई लोगों से इस घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई मगर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। गांव के लोगोें ने सिर्फ इतना कहा कि इस घटना ने गांव के लोगोें को तोड़कर रख दिया है। उधर मृत युवती हिना के घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। वे समझ नहीं पा रहे थे कि करें तो क्या करें। नगर क्षेत्र के रोहतास गांव का भी यही हाल था। गांव के युवक वीरेन्द्र की मौत के बाद गांव से उत्सव का माहौल खत्म हो गया। लोग गमजदा थे। दीपावली के लिए सजा कर रखे गए दिए ठंडे पड़ गए थे। लोगों का कहना था कि इस बार की दीपावली उनके लिए अशुभ साबित हुई।
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