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स्कूल ड्रेस के लिए 92 हजार बच्चों को धन का इंतजार

Wed, 17 Nov 2021 11:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:21 PM IST
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92 thousand children are waiting for money for school dress
स्कूल ड्रेस के लिए 92 हजार बच्चों को धन का इंतजार
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1.22 लाख बच्चों को ही मिली धनराशि
जिले में 214649 बच्चे पंजीकृत
बस्ती। परिषदीय विद्यालयों के 92 हजार से अधिक बच्चों को कड़ाके की ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ सकता है। वजह इन बच्चों के अभिभावकों के खाते में अब तक स्कूल-ड्रेस आदि का धन पहुंचा ही नहीं है।
इस बार शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1100 रुपये ड्रेस, स्कूल बैग, जूते-मोजे व स्वेटर खरीदने के लिए भेजने का निर्णय लिया है। जिले में 2206 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 1437 प्राथमिक, 320 जूनियर और 319 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। 214649 बच्चे पंजीकृत हैं।
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सहायता प्राप्त स्कूल व मदरसे के बच्चों को भी यूनिफार्म, जूते-मोजे व स्वेटर दिए जाते हैं। अब तक केवल 1.22 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खाते में 1100 रुपये की धनराशि आई है। इसमें दो जोड़ी ड्रेस के 600, स्वेटर 200, जूता-मोजा 125 और स्कूल बैग के लिए 175 रुपया मिला है, लेकिन 92079 बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि नहीं आई है। अभिभावक बच्चों के लिए यूनीफार्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे व स्वेटर खरीदने के लिए धनराशि का इंतजार कर रहे हैं।
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कई स्कूलों का डाटा ही फीड नहीं हुआ
जिले के दीनदयाल राजकीय मॉडल स्कूल, राजकीय इंटर कॉलेज, भगौती प्रसाद राघव कृषक इंटर कॉलेज, गन्ना विकास इंटर कॉलेज, जनता इंटर कॉलेज, कृषक इंटर कॉलेज, किसान इंटर कॉलेज परशुरामपुर, श्याम बहादुर आर्य कन्या इंटर कॉलेज, श्रीकृष्ण कुमारी पांडेय इंटर कॉलेज सहित 21 सहायता प्राप्त स्कूल, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बहादुरपुर और सांऊघाट तथा चार प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों का डाटा फीड नहीं हुआ है। लिहाजा यहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को ड्रेस खरीदने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

सामग्री खरीदने का जिम्मा अभिभावकों का है। पहले चरण के बच्चों के अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजे जाने की शुरुआत हो चुकी है। कई अभिभावकों के बैंक खाते आधार से लिंक न होने के कारण धनराशि नहीं पहुंच पा रही है। जल्द ही सभी अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।
जगदीश शुक्ला, बीएसए
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